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अंधाधुंध बिजली कटौती से क्रेशर संचालकों का मोह भंग
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
Updated Wed, 12 Oct 2016 09:11 PM IST
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बिजली
- फोटो : demo pic
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बिजली की अंधाधुंध कटौती से देहात अंचल में चल रहे क्रेशर संचालकों का पावर कारपोरेशन से मोह भंग हो गया है। जिलेभर में लगे करीब 120 क्रेशरों में से अभी तक सिर्फ दो संचालकों ने ही कनेक्शन के लिए आवेदन किया है।
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अंधाधुंध कटौती से होने वाले नुकसान से बचने के लिए संचालक डीजल इंजन से पेराई करना उचित समझ रहे हैं। जिले में बड़े पैमाने पर क्रेशर चलाए जाते हैं। गन्ना मिलों के शोषण से परेशान होकर किसान क्रेशरों पर ही गन्ना डाल रहे हैं।
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बेशक उन्हें मिलों के सापेक्ष गन्ने का कम दाम मिल रहा हो। ऐसे में क्रेशर संचालकों ने भी फायदा उठाने के लिए करीब एक पखवाड़ा पूर्व से ही क्रेशरों को चलाना शुरू कर दिया है।
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अब से पूर्व क्रेशर संचालक बिजली का सीजनल कनेक्शन लिया करते थे। डीजल इंजन के सापेक्ष उन्हें बिजली से चलाने में बचत होती है। इन दिनों बिजली व्यवस्था बेपटरी हो गई है। देहात अंचल में अंधाधुंध कटौती की जा रही है।
आलम यह है कि दिन और रात में देहात को बामुश्किल पांच से 6 घंटे आपूर्ति मिल रही है। इतनी आपूर्ति में क्रेशर संचालकों को पेराई में परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में इस बार क्रेशर संचालकों ने डीजल इंजन के माध्यम से ही पेराई का निर्णय लिया है।
यही कारण है कि अभी तक जिलेभर से सिर्फ दो क्रेशर संचालकों ने ही अस्थाई कनेक्शन के लिए आवेदन किया है।
अधिशासी अभियंता पीके गौतम का कहना है कि अस्थाई कनेक्शन के लिए क्रेशर संचालकों को आमंत्रित किया गया है। देहात अंचल में अब बिजली कटौती से परेशानी नहीं होगी, उच्चाधिकारियों से इस संबंध में वार्ता हो चुकी है।