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क्लासिक स्टील: आयकर अफसरों की टीम ने देर रात तक खंगाली फाइलें
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
Updated Sat, 20 Aug 2016 10:50 PM IST
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आयकर विभाग की सर्च
- फोटो : अमर उजाला
क्लासिक स्टील से शुरू हुई आयकर विभाग की सर्च का दायरा अब बढ़ सकता है। आयकर विभाग के 45 अधिकारियों ने रातभर रजनीश अग्रवाल के यहां से कब्जे में ली गई फाइलों से काली कमाई का रिकार्ड तलाश किया।
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इसके साथ ही कंप्यूटरों की हार्ड डिस्क की भी जांच कराने की तैयारी की जा रही है। आयकर चोरी कर कमाई को कमेटियों में लगाने वाले भी विभाग की पकड़ में आ सकते हैं। शनिवार को अवकाश होने के चलते जांच आगे नहीं बढ़ सकी। अब सोमवार को काली कमाई के कारोबारियों पर शिकंजा कसा जा सकता है।
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गौरतलब है कि शिवपुरी निवासी रजनीश अग्रवाल बर्तन कारोबार के साथ ही बड़े स्तर पर कमेटी डालने का काम करते हैं। शहर के नामचीन कारोबारियों की लाखों-करोड़ों की कमेटियां इनके यहां डली हुई हैं।
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रजनीश अग्रवाल का अघोषित आय और कमेटी डालने वालों की काली कमाई का कच्चा चिट्ठा फाइलों और कंप्यूटरों की हार्ड डिस्क में बंद है। शुक्रवार शाम आयकर विभाग की तीन टीमों ने रजनीश अग्रवाल की दुकान, मकान और फैक्ट्री पर सर्च की थी।
आयकर अफसरों ने काली कमाई का रिकार्ड रखने वाली दर्जनों फाइलों को कब्जे में लिया था। रातभर 45 अधिकारियों ने फाइलों की जांच की। इन फाइलों और कंप्यूटर हार्ड डिस्क के सहारे अफसर काली कमाई को कमेटियों में लगाने वालों की तलाश भी कर रहे हैं।
दो घंटे की सर्च में कब्जे में लिए गए रिकार्ड को अफसरों ने रात में 12 घंटे तक गहनता से परखा। शनिवार को अवकाश होने के चलते फाइलों की हकीकत का पता नहीं चल सका। अब सोमवार को आयकर अधिकारी काली कमाई की हकीकत सामने सकेगी।
उम्मीद की जा रही है कि काली कमाई करोड़ों में हो सकती है। सूत्रों की मानें तो कारोबारी रजनीश अग्रवाल अपनी अघोषित आय पर नियमानुसार आयकर देने को तैयार हो गए हैं। इसके बाद काली कमाई के अन्य कारोबारियों पर आयकर विभाग का शिकंजा कसेगा।
दूसरी ओर, रात में आयकर विभाग की टीमों के वापस लौटने पर काफी संख्या में व्यापारी रजनीश अग्रवाल के घर पहुंचे और सांत्वना दी। शहर में चर्चा है कि व्यापारी सांत्वना देने कम, अपनी कमेटियों के रुपयों के चक्कर में ज्यादा गये थे।
शुक्रवार रात को अपर आयकर आयुक्त वीके दीक्षित का कहना था कि दस्तावेजों की जांच चल रही है। यह कितनी लंबी होगी, इसका कुछ पता नहीं है।