{"_id":"67338ac4164b3de0120224a3","slug":"high-court-stop-suspension-hapur-news-c-135-1-hpr1002-116933-2024-11-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hapur News: अवर अभियंता के निलंबन पर उच्च न्यायालय ने लगाई रोक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hapur News: अवर अभियंता के निलंबन पर उच्च न्यायालय ने लगाई रोक
Tue, 12 Nov 2024 10:35 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Tue, 12 Nov 2024 10:35 PM IST
विज्ञापन
हापुड़। हापुड़ डिवीजन में ऊर्जा निगम के छह अधिकारियों के निलंबन के मामले में अवर अभियंता आनंद मौर्य को उच्च न्यायालय से राहत मिली है। उनके निलंबन पर रोक लगाने का आदेश जारी हुआ है।
दरअसल, आरडीएसएस योजना में लगे कुछ आरोपों पर एमडी पीवीवीएनएल ने अधीक्षण अभियंता अवनीश कुमार, एसडीओ तृतीय देवेंद्र यादव, अवर अभियंता लेखराज, आनंद मौर्य, सीए संजीव आनंद व पिलखुवा के परतापुर बिजलीघर के अवर अभियंता संतोष कुमार दिवाकर को निलंबित कर दिया था। एसई कार्यालय के दो लिपिकों का भी स्थानांतरण कर दिया।
अवर अभियंता आनंद मौर्य ने निलंबन को उच्च न्यायालय में चुनौती दी। उन्होंने अपने बचाव में आवश्यक साक्ष्य प्रस्तुत किए। जिस पर हाईकोर्ट ने आनंद मौर्य के निलंबन को गलत माना। जेई के निलंबन पर रोक लगाने के साथ ही उन्हें ड्यूटी पर मानते हुए इस अवधि का वेतन नियमित देने के आदेश दिए हैं। इस मामले में एसडीओ तृतीय देवेंद्र यादव को भी पहले ही कोर्ट से राहत मिल चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
दरअसल, आरडीएसएस योजना में लगे कुछ आरोपों पर एमडी पीवीवीएनएल ने अधीक्षण अभियंता अवनीश कुमार, एसडीओ तृतीय देवेंद्र यादव, अवर अभियंता लेखराज, आनंद मौर्य, सीए संजीव आनंद व पिलखुवा के परतापुर बिजलीघर के अवर अभियंता संतोष कुमार दिवाकर को निलंबित कर दिया था। एसई कार्यालय के दो लिपिकों का भी स्थानांतरण कर दिया।
विज्ञापन
अवर अभियंता आनंद मौर्य ने निलंबन को उच्च न्यायालय में चुनौती दी। उन्होंने अपने बचाव में आवश्यक साक्ष्य प्रस्तुत किए। जिस पर हाईकोर्ट ने आनंद मौर्य के निलंबन को गलत माना। जेई के निलंबन पर रोक लगाने के साथ ही उन्हें ड्यूटी पर मानते हुए इस अवधि का वेतन नियमित देने के आदेश दिए हैं। इस मामले में एसडीओ तृतीय देवेंद्र यादव को भी पहले ही कोर्ट से राहत मिल चुकी है।
विज्ञापन