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रजवाहा की पटरी टूटने से सौ बीघा से अधिक फसल जलमग्न
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रजवाहा की पटरी टूटने से सौ बीघा से अधिक फसल जलमग्न
पिलखुवा। कोतवाली क्षेत्र के गांव कस्तला कासमाबाद में बृहस्पतिवार की रात रजवाहा की पटरी टूट गई। जिस कारण दो दर्जन से अधिक किसानों की लगभग सौ बीघा से अधिक खेतों में खड़ी आलू, सरसों और गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। पानी भर जाने के कारण फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पीड़ित किसानों को मुआवजा देने की मांग की है।
गाजियाबाद की तहसील मोदीनगर के गांव भडजन से शुरू होकर लगभग एक दर्जन गांवों से होते हुए रजवाहा पिलखुवा के गांव कस्तला कासमाबाद में पहुंच रहा है। शुक्रवार की सुबह ग्रामीणों को रजवाहा की पटरी टूटने की सूचना मिली। सूचना पर बड़ी संख्या में किसान मौके पर पहुंचे। रजवाहा की पटरी टूटने से पानी खेतों में भर गया। इससे लगभग 28 किसान प्रभावित हुए हैं। किसानों का कहना है कि जलभराव होने के कारण लगभग सौ बीघा में आलू, सरसों और गेहूं की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है। ग्रामप्रधान प्रदीप कुमार ने बताया कि रजवाहे की सफाई नहीं होने के चलते हादसा हुआ है। पिछले लंबे समय से सिंचाई विभाग द्वारा रजवाहा की साफ-सफाई नहीं कराई गई है। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों से रजवाहा की सफाई कराने के लिए कई बार मांग की गई। लेकिन अधिकारियों द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
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लेखपाल को भेजकर कराई जाएगी जांच
एसडीएम धौलाना सुनीता सिंह ने बताया कि रजवाहा की पटरी टूटने के मामले में मौके पर लेखपाल को भेजकर जांच कराई जाएगी। जांच के बाद ही मुआवजा को लेकर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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पिलखुवा। कोतवाली क्षेत्र के गांव कस्तला कासमाबाद में बृहस्पतिवार की रात रजवाहा की पटरी टूट गई। जिस कारण दो दर्जन से अधिक किसानों की लगभग सौ बीघा से अधिक खेतों में खड़ी आलू, सरसों और गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। पानी भर जाने के कारण फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पीड़ित किसानों को मुआवजा देने की मांग की है।
गाजियाबाद की तहसील मोदीनगर के गांव भडजन से शुरू होकर लगभग एक दर्जन गांवों से होते हुए रजवाहा पिलखुवा के गांव कस्तला कासमाबाद में पहुंच रहा है। शुक्रवार की सुबह ग्रामीणों को रजवाहा की पटरी टूटने की सूचना मिली। सूचना पर बड़ी संख्या में किसान मौके पर पहुंचे। रजवाहा की पटरी टूटने से पानी खेतों में भर गया। इससे लगभग 28 किसान प्रभावित हुए हैं। किसानों का कहना है कि जलभराव होने के कारण लगभग सौ बीघा में आलू, सरसों और गेहूं की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है। ग्रामप्रधान प्रदीप कुमार ने बताया कि रजवाहे की सफाई नहीं होने के चलते हादसा हुआ है। पिछले लंबे समय से सिंचाई विभाग द्वारा रजवाहा की साफ-सफाई नहीं कराई गई है। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों से रजवाहा की सफाई कराने के लिए कई बार मांग की गई। लेकिन अधिकारियों द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
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लेखपाल को भेजकर कराई जाएगी जांच
एसडीएम धौलाना सुनीता सिंह ने बताया कि रजवाहा की पटरी टूटने के मामले में मौके पर लेखपाल को भेजकर जांच कराई जाएगी। जांच के बाद ही मुआवजा को लेकर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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