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अमर उजाला की लाइव पड़ताल- जनता की सुरक्षा को बनी चौकियों पर मंगलवार की रात लटके मिले ताले
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मारवाड़ पुलिस चौकी पर 12:55 बजे लगा ताला।
- फोटो : PILAKHWA
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अमर उजाला की लाइव पड़ताल -
जनता की सुरक्षा के लिए बनीं चौकियों पर लटके मिले ताले
पिलखुवा। हैंडलूम नगरी में जनता की सुरक्षा के लिए बनाई गई पुलिस चौकियां शोपीस बनकर रह गई हैं। रात के समय चौकियों पर पुलिसकर्मी तैनात नहीं रहते। चौकियों पर ताला लगा होने के कारण बदमाश बेखौफ होकर आपराधिक वारदातों को अंजाम देते हैं और आसानी से फरार हो जाते हैं। अगर पुलिस चौकियों पर फोर्स की तैनाती हो जाए तो वारदात करके भागने वाले बदमाशों को आसानी से पकड़ा जा सकता है। मगर क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा के लिए यहां की पुलिस गंभीर नहीं है। शहरवासियों और बाजारों की सुरक्षा के लिए थाना अंतर्गत पांच चौकियां स्थित हैं। मगर रात के समय अधिकांश चौकियों पर ताले जड़ दिए जाते हैं। इसी कारण वारदात होने पर लोगों को तत्काल पुलिस सहायता नहीं मिल पाती। मंगलवार की रात अमर उजाला की पड़ताल में चौकियों की हकीकत सामने आई है।
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रात 12:05 मिनट पर बस अड्डा चौकी लगा ताला -
शहर की सबसे महत्वपूर्ण बस अड्डा चौकी है। इसके अंतर्गत अतिसंवेदनशील गांवों के अलावा कई मोहल्ला आते हैं। मंगलवार की रात 12:05 पर चौकी पर ताला लगा मिला। बस अड्डा शहर का मुख्य चौराहा और रास्ता है। इसके अंतर्गत विभिन्न बैंकों की शाखाएं हैं।
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छिजारसी चौकी पर रात 12:17 बजे नहीं मिला कोई -
छिजारसी पुलिस चौकी नेशनल हाईवे पर टोल प्लाजा के पास स्थित है। गाजियाबाद बॉर्डर तक इसका इलाका लगता है। चौकी अंतर्गत आने वाले अधिकांश गांव अति संवेदनशील की श्रेणी में हैं। पड़ताल में मंगलवार की रात 12:17 बजे चौकी पर कोई कर्मी तैनात नहीं मिला। चौकी पर लगे शीशे का गेट बंद था। इसके अंतर्गत ग्रामीण इलाकों के कई बैंकों की शाखाएं आती हैं।
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कस्बा चौकी पर रात 12:36 पर सोता मिला कर्मी -
कस्बा चौकी अंतर्गत शहर का अधिकांश इलाका आने के साथ एक मेडिकल कॉलेज और ग्रामीण क्षेत्र भी है। अमर उजाला की पड़ताल में रात 12:36 पर चौकी मेन गेट खुला था। प्रभारी के कार्यालय का दरवाजा बंद था। उसमें एक कर्मी कुर्सी पर बैठा सो रहा था। इस चौकी के अंतर्गत भी भी बैंकों की शाखाएं स्थित हैं।
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मारवाड़ चौकी पर रात 12:55 पर लगा मिला ताला -
ये शहर की महत्वपूर्ण चौकियों में शामिल है। हापुड़ नगर और हाफिजपुर थाने के बॉर्डर तक इसका क्षेत्र है। इसके अंतर्गत हाईवे और एक मेडिकल कॉलेज आता है। पड़ताल में रात 12:55 पर चौकी पर ताला लटका मिला। पिछले दिनों इसके अंतर्गत रघुनाथपुर चंदनपुरा में आठ हमलावरों ने मकान पर धावा बोल एक व्यक्ति को पीटकर मरणासन्न अवस्था में पहुंचा डकैती की थी।
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रात 01:07 बजे एचपीडीए चौकी भी मिली बंद -
एचपीडीए चौकी के अंतर्गत टेक्सटाइल सिटी के अलावा ग्रामीण इलाका है। इस चौकी के अंतर्गत आने वाले कई गांव चुनाव के मद्देनजर अति संवेदनशील श्रेणी में हैं। मंगलवार की रात 01:07 बजे चौकी में सन्नाटा पसरा था। चौकी पर ताला लगा था। अगर रात को ग्रामीण क्षेत्र में कोई घटना हो गई तो, पीड़ित सूचना देने कहां जाएगा।
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तीन माह में डकैती के अलावा दर्जनों हुई चोरी -
पिलखुवा पुलिस की सुस्ती के कारण ही पिछले तीन माह में ग्रामीण एवं शहरों में डकैती, चोरी, लूट जैसी अनेकों वारदात हुई हैं। सिखेड़ा और रघुनाथपुर चंदनपुरा में डकैती के अलावा खेड़ा निवासी जिला पंचायत सदस्य के फार्म हाउस, पबला रोड स्थित दिनेश नगर, मोहल्ला शिवाजी नगर, सर्वोदयनगर समेत अन्य मोहल्ला स्थित कई मकानों में चोरी की वारदात हो चुकी हैं। इसके अलावा किसानों के नलकूपों से मोटर-पंखा एवं वाहन चोरी की अनेकों वारदात हुई हैं।
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सीओ पिलखुवा डॉ. तेजवीर सिंह का कहना है कि चौकी पर निगरानी के लिए हमेशा कांस्टेबल तैनात रहता है। चौकियों पर ताला लगा मिलना गंभीर मामला है। जांच कर लापरवाह कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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जनता की सुरक्षा के लिए बनीं चौकियों पर लटके मिले ताले
पिलखुवा। हैंडलूम नगरी में जनता की सुरक्षा के लिए बनाई गई पुलिस चौकियां शोपीस बनकर रह गई हैं। रात के समय चौकियों पर पुलिसकर्मी तैनात नहीं रहते। चौकियों पर ताला लगा होने के कारण बदमाश बेखौफ होकर आपराधिक वारदातों को अंजाम देते हैं और आसानी से फरार हो जाते हैं। अगर पुलिस चौकियों पर फोर्स की तैनाती हो जाए तो वारदात करके भागने वाले बदमाशों को आसानी से पकड़ा जा सकता है। मगर क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा के लिए यहां की पुलिस गंभीर नहीं है। शहरवासियों और बाजारों की सुरक्षा के लिए थाना अंतर्गत पांच चौकियां स्थित हैं। मगर रात के समय अधिकांश चौकियों पर ताले जड़ दिए जाते हैं। इसी कारण वारदात होने पर लोगों को तत्काल पुलिस सहायता नहीं मिल पाती। मंगलवार की रात अमर उजाला की पड़ताल में चौकियों की हकीकत सामने आई है।
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रात 12:05 मिनट पर बस अड्डा चौकी लगा ताला -
शहर की सबसे महत्वपूर्ण बस अड्डा चौकी है। इसके अंतर्गत अतिसंवेदनशील गांवों के अलावा कई मोहल्ला आते हैं। मंगलवार की रात 12:05 पर चौकी पर ताला लगा मिला। बस अड्डा शहर का मुख्य चौराहा और रास्ता है। इसके अंतर्गत विभिन्न बैंकों की शाखाएं हैं।
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छिजारसी चौकी पर रात 12:17 बजे नहीं मिला कोई -
छिजारसी पुलिस चौकी नेशनल हाईवे पर टोल प्लाजा के पास स्थित है। गाजियाबाद बॉर्डर तक इसका इलाका लगता है। चौकी अंतर्गत आने वाले अधिकांश गांव अति संवेदनशील की श्रेणी में हैं। पड़ताल में मंगलवार की रात 12:17 बजे चौकी पर कोई कर्मी तैनात नहीं मिला। चौकी पर लगे शीशे का गेट बंद था। इसके अंतर्गत ग्रामीण इलाकों के कई बैंकों की शाखाएं आती हैं।
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कस्बा चौकी पर रात 12:36 पर सोता मिला कर्मी -
कस्बा चौकी अंतर्गत शहर का अधिकांश इलाका आने के साथ एक मेडिकल कॉलेज और ग्रामीण क्षेत्र भी है। अमर उजाला की पड़ताल में रात 12:36 पर चौकी मेन गेट खुला था। प्रभारी के कार्यालय का दरवाजा बंद था। उसमें एक कर्मी कुर्सी पर बैठा सो रहा था। इस चौकी के अंतर्गत भी भी बैंकों की शाखाएं स्थित हैं।
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मारवाड़ चौकी पर रात 12:55 पर लगा मिला ताला -
ये शहर की महत्वपूर्ण चौकियों में शामिल है। हापुड़ नगर और हाफिजपुर थाने के बॉर्डर तक इसका क्षेत्र है। इसके अंतर्गत हाईवे और एक मेडिकल कॉलेज आता है। पड़ताल में रात 12:55 पर चौकी पर ताला लटका मिला। पिछले दिनों इसके अंतर्गत रघुनाथपुर चंदनपुरा में आठ हमलावरों ने मकान पर धावा बोल एक व्यक्ति को पीटकर मरणासन्न अवस्था में पहुंचा डकैती की थी।
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रात 01:07 बजे एचपीडीए चौकी भी मिली बंद -
एचपीडीए चौकी के अंतर्गत टेक्सटाइल सिटी के अलावा ग्रामीण इलाका है। इस चौकी के अंतर्गत आने वाले कई गांव चुनाव के मद्देनजर अति संवेदनशील श्रेणी में हैं। मंगलवार की रात 01:07 बजे चौकी में सन्नाटा पसरा था। चौकी पर ताला लगा था। अगर रात को ग्रामीण क्षेत्र में कोई घटना हो गई तो, पीड़ित सूचना देने कहां जाएगा।
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तीन माह में डकैती के अलावा दर्जनों हुई चोरी -
पिलखुवा पुलिस की सुस्ती के कारण ही पिछले तीन माह में ग्रामीण एवं शहरों में डकैती, चोरी, लूट जैसी अनेकों वारदात हुई हैं। सिखेड़ा और रघुनाथपुर चंदनपुरा में डकैती के अलावा खेड़ा निवासी जिला पंचायत सदस्य के फार्म हाउस, पबला रोड स्थित दिनेश नगर, मोहल्ला शिवाजी नगर, सर्वोदयनगर समेत अन्य मोहल्ला स्थित कई मकानों में चोरी की वारदात हो चुकी हैं। इसके अलावा किसानों के नलकूपों से मोटर-पंखा एवं वाहन चोरी की अनेकों वारदात हुई हैं।
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सीओ पिलखुवा डॉ. तेजवीर सिंह का कहना है कि चौकी पर निगरानी के लिए हमेशा कांस्टेबल तैनात रहता है। चौकियों पर ताला लगा मिलना गंभीर मामला है। जांच कर लापरवाह कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।