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दिल्ली के डिप्टी सीएम द्वारा पैतृक गांव में कराया जा रहा देवताओं के लिए मंदिर निर्माण
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दिल्ली के डिप्टी सीएम ने लगाया मंदिर के निर्माण में बाधा उत्पन्न करने का आरोप
पिलखुवा। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया ने पैतृक गांव फगौता में कराए जा रहे मंदिर निर्माण कार्य में धौलाना तहसील प्रशासन पर बाधा उत्पन्न करने का आरोप लगाया है। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि उनके द्वारा खेत पर मंदिर बनाया जा रहा है लेकिन सरकार के इशारे पर प्रशासन की टीम ने जाकर काम रुकवा दिया और अवैध निर्माण बताते हुए जमीन संबंधित दस्तावेज भी देखे।
दिल्ली सरकार में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया का शाहपुर फगौता पैतृक गांव है। शनिवार को पूजन कार्य में हिस्सा लेने के लिए उपमुख्यमंत्री अपने गांव पहुंचे। उन्होंने कहा कि उनके खेत में पहले से उनके देवी-देवताओं का स्थान था। उनके द्वारा खेत पर एक जगह स्थापित पर मंदिर का निर्माण कराया जा रहा है। आरोप है कि दो दिन पहले पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी निर्माण स्थल पर पहुंचे और और निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न की गई। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में यदि कोई अपने देवताओं का चबूतरा बनवाए तो क्या उसमें भी सरकार पैसा खाएगी इससे शर्मनाक बात नहीं हो सकती है। खेतों में देवताओं का स्थान बनाने की परंपरा हजारों वर्ष पुरानी है।
ग्रामीणों की शिकायत पर गत तीस सितंबर को स्थल का निरीक्षण किया गया था। स्थल पर एक प्राचीन मंदिर बना हुआ है। जमीन नरेंद्र, विरेंद्र और मनीष के नाम है। जमीन पर नरेंद्र आदि के पुराने समय से देवता स्थापित थे। वर्तमान में नरेंद्र सिंह आदि ने मंदिर की दीवार के साथ एक चबूतरा बनाकर अपने देवता चबूतरे पर स्थापित कर दिए है। जिस पर पूजा-पाठ किया जा रहा है। चबूतरे के आगे विद्युत निगम का ट्रांसफार्मर लगा हुआ है। चबूतरे पर चढ़ने वाली सीढ़ियां ट्रांसफार्मर से सटी हैं। ट्रांसफार्मर को हटवाने के लिए ऊर्जा निगम के अधिकारियों को साथ लेकर गऐ थे। मेरे द्वारा यह रिपोर्ट डीएम हापुड़ को भी भेजी गई थी। सभी आरोप निराधार हैं।
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- विजय वर्धन सिंह, एसडीएम धौलाना हापुड़।
मौके पर बिजली के ट्रांसफार्मर को लेकर निरीक्षण किया गया था। निर्माण संबंधित किसी दस्तावेज मांगने या रुकवाने का मामला नहीं था। डिप्टी सीएम द्वारा लगाए गए सभी आरोप निराधार है।
- डा. तेजवीर सिंह, सीओ पिलखुवा।
ट्रांसफार्मर को शिफ्ट कर दिया गया है। दो दिन पहले ट्रांसफार्मर शिफ्ट कराने को लेकर मौके का निरीक्षण किया गया था। हादसे से बचाव के लिए ट्रांसफार्मर को वहां से शिफ्ट करना बेहद जरूरी था।
- भूपेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता, ऊर्जा निगम पिलखुवा डिवीजन।
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पिलखुवा। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया ने पैतृक गांव फगौता में कराए जा रहे मंदिर निर्माण कार्य में धौलाना तहसील प्रशासन पर बाधा उत्पन्न करने का आरोप लगाया है। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि उनके द्वारा खेत पर मंदिर बनाया जा रहा है लेकिन सरकार के इशारे पर प्रशासन की टीम ने जाकर काम रुकवा दिया और अवैध निर्माण बताते हुए जमीन संबंधित दस्तावेज भी देखे।
दिल्ली सरकार में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया का शाहपुर फगौता पैतृक गांव है। शनिवार को पूजन कार्य में हिस्सा लेने के लिए उपमुख्यमंत्री अपने गांव पहुंचे। उन्होंने कहा कि उनके खेत में पहले से उनके देवी-देवताओं का स्थान था। उनके द्वारा खेत पर एक जगह स्थापित पर मंदिर का निर्माण कराया जा रहा है। आरोप है कि दो दिन पहले पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी निर्माण स्थल पर पहुंचे और और निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न की गई। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में यदि कोई अपने देवताओं का चबूतरा बनवाए तो क्या उसमें भी सरकार पैसा खाएगी इससे शर्मनाक बात नहीं हो सकती है। खेतों में देवताओं का स्थान बनाने की परंपरा हजारों वर्ष पुरानी है।
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ग्रामीणों की शिकायत पर गत तीस सितंबर को स्थल का निरीक्षण किया गया था। स्थल पर एक प्राचीन मंदिर बना हुआ है। जमीन नरेंद्र, विरेंद्र और मनीष के नाम है। जमीन पर नरेंद्र आदि के पुराने समय से देवता स्थापित थे। वर्तमान में नरेंद्र सिंह आदि ने मंदिर की दीवार के साथ एक चबूतरा बनाकर अपने देवता चबूतरे पर स्थापित कर दिए है। जिस पर पूजा-पाठ किया जा रहा है। चबूतरे के आगे विद्युत निगम का ट्रांसफार्मर लगा हुआ है। चबूतरे पर चढ़ने वाली सीढ़ियां ट्रांसफार्मर से सटी हैं। ट्रांसफार्मर को हटवाने के लिए ऊर्जा निगम के अधिकारियों को साथ लेकर गऐ थे। मेरे द्वारा यह रिपोर्ट डीएम हापुड़ को भी भेजी गई थी। सभी आरोप निराधार हैं।
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- विजय वर्धन सिंह, एसडीएम धौलाना हापुड़।
मौके पर बिजली के ट्रांसफार्मर को लेकर निरीक्षण किया गया था। निर्माण संबंधित किसी दस्तावेज मांगने या रुकवाने का मामला नहीं था। डिप्टी सीएम द्वारा लगाए गए सभी आरोप निराधार है।
- डा. तेजवीर सिंह, सीओ पिलखुवा।
ट्रांसफार्मर को शिफ्ट कर दिया गया है। दो दिन पहले ट्रांसफार्मर शिफ्ट कराने को लेकर मौके का निरीक्षण किया गया था। हादसे से बचाव के लिए ट्रांसफार्मर को वहां से शिफ्ट करना बेहद जरूरी था।
- भूपेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता, ऊर्जा निगम पिलखुवा डिवीजन।