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फर्जी लोन लेने वाले 22 पालिका कर्मियों के बैंक खाते सीज
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फर्जी लोन लेने वाले 22 पालिका कर्मियों के बैंक खाते सीज
पिलखुवा। फर्जी कागजात तैयार कर नोएडा के बैंक से लोन लेने वाले 22 पालिका कर्मियों के बैंक खाते सीज कर दिए गए हैं। जांच अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर शाखा प्रबंधक द्वारा लेनदेन पर रोक लगा दी गई हैं। हालांकि माह में एक बार इन पालिकाकर्मियों को वेतन निकालने की ही अनुमति मिलेगी। शुक्रवार को नोएडा पुलिस द्वारा भेजा गए जांच अधिकारी ने पिलखुवा स्थित बैंक से आरोपी पालिका कर्मियों के खातों की स्टेटमेंट एवं अन्य कागजात एकत्र किए हैं।
नगर पालिका परिषद पिलखुवा के तीन स्थाई और 19 संविदा कर्मियों ने फर्जी वेतन स्लिप व अन्य दस्तावेज से नोएडा स्थित एक बैंक से पांच-पांच लाख रुपये तक का लोन निकाल लिया था। मामले का खुलासा होने पर नोएडा के सेक्टर 58 थाने में सभी आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इस मामले के विवेचना अधिकारी विक्रम सिंह को बनाया गया है। इन सभी पालिकाकर्मियों का खाता पिलखुवा के एक बैंक में है। शुक्रवार को जांच अधिकारी ने बैंक में जाकर खाते से संबंधित जानकारी जुटाई। बैंक शाखा के प्रबंधक ने जांच अधिकारी की रिपोर्ट और बैंक के अधिकारियों के आदेश पर आरोपी पालिकाकर्मियों के खातों के लेनदेन पर रोक लगा दी।
बैंक शाखा प्रबंधक राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि फर्जी कागजात के आधार पर लोन पाने वाले पालिका के तीन स्थाई और 19 संविदा कर्मियों के बैंक खाता की स्टेटमेंट अवं अन्य कागजात नोएडा पुलिस के जांच अधिकारी विक्रम सिंह ले गए हैं। जांच अधिकारी की रिपोर्ट पर आरोपी पालिकाकर्मियों के बैंक खातों के लेनदेन पर रोक लगा दी गई हैं हालांकि वह माह में एक बार केवल अपना वेतन निकाल सकते हैं।
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पिलखुवा। फर्जी कागजात तैयार कर नोएडा के बैंक से लोन लेने वाले 22 पालिका कर्मियों के बैंक खाते सीज कर दिए गए हैं। जांच अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर शाखा प्रबंधक द्वारा लेनदेन पर रोक लगा दी गई हैं। हालांकि माह में एक बार इन पालिकाकर्मियों को वेतन निकालने की ही अनुमति मिलेगी। शुक्रवार को नोएडा पुलिस द्वारा भेजा गए जांच अधिकारी ने पिलखुवा स्थित बैंक से आरोपी पालिका कर्मियों के खातों की स्टेटमेंट एवं अन्य कागजात एकत्र किए हैं।
नगर पालिका परिषद पिलखुवा के तीन स्थाई और 19 संविदा कर्मियों ने फर्जी वेतन स्लिप व अन्य दस्तावेज से नोएडा स्थित एक बैंक से पांच-पांच लाख रुपये तक का लोन निकाल लिया था। मामले का खुलासा होने पर नोएडा के सेक्टर 58 थाने में सभी आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इस मामले के विवेचना अधिकारी विक्रम सिंह को बनाया गया है। इन सभी पालिकाकर्मियों का खाता पिलखुवा के एक बैंक में है। शुक्रवार को जांच अधिकारी ने बैंक में जाकर खाते से संबंधित जानकारी जुटाई। बैंक शाखा के प्रबंधक ने जांच अधिकारी की रिपोर्ट और बैंक के अधिकारियों के आदेश पर आरोपी पालिकाकर्मियों के खातों के लेनदेन पर रोक लगा दी।
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बैंक शाखा प्रबंधक राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि फर्जी कागजात के आधार पर लोन पाने वाले पालिका के तीन स्थाई और 19 संविदा कर्मियों के बैंक खाता की स्टेटमेंट अवं अन्य कागजात नोएडा पुलिस के जांच अधिकारी विक्रम सिंह ले गए हैं। जांच अधिकारी की रिपोर्ट पर आरोपी पालिकाकर्मियों के बैंक खातों के लेनदेन पर रोक लगा दी गई हैं हालांकि वह माह में एक बार केवल अपना वेतन निकाल सकते हैं।
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