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भ्रष्टाचार के आरोप में पिलखुवा पालिका का लिपिक निलंबित
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भ्रष्टाचार के आरोप में पिलखुवा पालिका का लिपिक निलंबित
पिलखुवा। नगर पालिका परिषद पिलखुवा की चेयरमैन ने अधिशासी अधिकारी की रिपोर्ट पर निर्माण विभाग के लिपिक जितेन्द्र कुमार सिंह को निलंबित कर दिया है। उक्त लिपिक पर विभिन्न मदों से प्राप्त सरकारी धनराशि को समय से जमा नहीं करने समेत कई भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे।
नगर पालिकाध्यक्ष गीता गोयल ने बताया कि निर्माण विभाग का लिपिक जितेंद्र कुमार सिंह वर्तमान में पालिका कैशियर का काम भी करता है। आरोप है कि दो मई को विभिन्न विभागों से प्राप्त धनराशि को आरोपी द्वारा पालिका कोष में जमा नहीं किया गया। मामला सामने आने पर जितेंद्र कुमार द्वारा पांच माह बाद धनराशि को खाते में जमा किया गया। इसके अलावा आरोपी लिपिक द्वारा निर्माण विभाग में टेंडर फीस के रूप में प्राप्त ड्राफ्टों को पालिका के खाते में जमा नहीं कराया गया। उक्त मामलों को छिपाते हुए लिपिक ने टेंडर स्वीकृत हेतु आख्या प्रेषित कर टेंडरों को अधिकारी से स्वीकृत भी करा लिया। जबकि टेंडर फीस जमा करने के संबंध में लिपिक द्वारा कोई आख्या अधिकारियों के संज्ञान में नहीं लाई गई। पालिकाध्यक्ष का कहना है कि तमाम आरोपों की जांच कराई गई थी। जिस पर पालिका के अधिशासी अधिकारी की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद लिपिक को निलंबित किया गया हैं।
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पिलखुवा। नगर पालिका परिषद पिलखुवा की चेयरमैन ने अधिशासी अधिकारी की रिपोर्ट पर निर्माण विभाग के लिपिक जितेन्द्र कुमार सिंह को निलंबित कर दिया है। उक्त लिपिक पर विभिन्न मदों से प्राप्त सरकारी धनराशि को समय से जमा नहीं करने समेत कई भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे।
नगर पालिकाध्यक्ष गीता गोयल ने बताया कि निर्माण विभाग का लिपिक जितेंद्र कुमार सिंह वर्तमान में पालिका कैशियर का काम भी करता है। आरोप है कि दो मई को विभिन्न विभागों से प्राप्त धनराशि को आरोपी द्वारा पालिका कोष में जमा नहीं किया गया। मामला सामने आने पर जितेंद्र कुमार द्वारा पांच माह बाद धनराशि को खाते में जमा किया गया। इसके अलावा आरोपी लिपिक द्वारा निर्माण विभाग में टेंडर फीस के रूप में प्राप्त ड्राफ्टों को पालिका के खाते में जमा नहीं कराया गया। उक्त मामलों को छिपाते हुए लिपिक ने टेंडर स्वीकृत हेतु आख्या प्रेषित कर टेंडरों को अधिकारी से स्वीकृत भी करा लिया। जबकि टेंडर फीस जमा करने के संबंध में लिपिक द्वारा कोई आख्या अधिकारियों के संज्ञान में नहीं लाई गई। पालिकाध्यक्ष का कहना है कि तमाम आरोपों की जांच कराई गई थी। जिस पर पालिका के अधिशासी अधिकारी की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद लिपिक को निलंबित किया गया हैं।
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