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12 गांवों के किसान सिंभावली चीनी मिल को नहीं देंगे गन्ना
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12 गांवों के किसान सिंभावली चीनी मिल को नहीं देंगे गन्ना
हापुड़। गन्ना भुगतान और उठान से त्रस्त 12 गांव के किसानों ने सिंभावली चीनी मिल को गन्ना न देने का निर्णय लिया है। गन्ना समिति के सचिव को ज्ञापन देकर, मवाना, चंदनपुर, असमौली, साबितगढ़, अनामिका चीनी मिल के केंद्र गांव में खोलने की मांग उठाई है। समिति सचिव ने किसानों की मांग का प्रस्ताव बनाकर, गन्ना आयुक्त को भेज दिया है। इसके अलावा हापुड़ गन्ना समिति के भी कई गांवों से किसानों ने दूसरे मिलों का केंद्र दिलाने की मांग उठाई है।
जिले में इस साल 41946 हेक्टेयर रकबे में गन्ने की खेती हुई है। चीनी मिलों के गन्ना भुगतान में देरी के कारण किसानों का मोह इस फसल से टूट रहा है। एक साल के अंदर ही दो फीसदी गन्ने का रकबा कम हो गया है। किसानों में भी आक्रोश पनपने लगा है। इन दिनों केंद्र निर्धारण का कार्य किया जा रहा है। किसानों से भी उनकी राय मांगी जा रही है।
सिंभावली चीनी मिल से जुड़े कई गांवों के किसानों ने अब मिल को गन्ना देने से इनकार किया है। गन्ना समितियों में ज्ञापन देकर दूसरे जनपदों के चीनी मिलों के केंद्र गांवों में लगवाने की मांग उठाई है। किसानों के इस प्रस्ताव को समिति के सचिव ने गन्ना आयुक्त को भेज दिया है। बता दें कि हापुड़ गन्ना समिति से जुड़े कई गांवों ने भी दूसरे जनपदों को गन्ना सप्लाई करने की इच्छा जताई है।
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भाकियू जिलाध्यक्ष ने दी चेतावनी
भाकियू जिलाध्यक्ष पवन हूण ने 12 गांवों से सेंटर बदलने के प्रस्ताव पर निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए किसानों की इच्छा अनुसार ही केंद्र दिलाने की मांग की है। इसमें लापरवाही पर आंदोलन की चेतावनी दी है। साथ ही भुगतान भी जल्द कराने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने गन्ना समिति के सचिव से भी वार्ता की है।
इन गांवों ने केंद्र बदलने की रखी मांग
गांव सिलारपुर, शैदपुर झड़ीना, हिरनपुर, आलमपुर भगवंतपुर, बागड़पुर, वलवापुर, पलवाड़ा, अल्लाबक्सपुर, बिहुनी, तिवड़ा, दत्तियाना, रसूलपुर।
गन्ना आयुक्त को भेजा है प्रस्ताव
किसानों की मांग पर प्रस्ताव बनाकर गन्ना आयुक्त को भेज दिया गया है। किसानों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। पूरे प्रकरण से उच्चाधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया है। - राकेश पटेल, सचिव, गन्ना समिति सिंभावली।
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हापुड़। गन्ना भुगतान और उठान से त्रस्त 12 गांव के किसानों ने सिंभावली चीनी मिल को गन्ना न देने का निर्णय लिया है। गन्ना समिति के सचिव को ज्ञापन देकर, मवाना, चंदनपुर, असमौली, साबितगढ़, अनामिका चीनी मिल के केंद्र गांव में खोलने की मांग उठाई है। समिति सचिव ने किसानों की मांग का प्रस्ताव बनाकर, गन्ना आयुक्त को भेज दिया है। इसके अलावा हापुड़ गन्ना समिति के भी कई गांवों से किसानों ने दूसरे मिलों का केंद्र दिलाने की मांग उठाई है।
जिले में इस साल 41946 हेक्टेयर रकबे में गन्ने की खेती हुई है। चीनी मिलों के गन्ना भुगतान में देरी के कारण किसानों का मोह इस फसल से टूट रहा है। एक साल के अंदर ही दो फीसदी गन्ने का रकबा कम हो गया है। किसानों में भी आक्रोश पनपने लगा है। इन दिनों केंद्र निर्धारण का कार्य किया जा रहा है। किसानों से भी उनकी राय मांगी जा रही है।
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सिंभावली चीनी मिल से जुड़े कई गांवों के किसानों ने अब मिल को गन्ना देने से इनकार किया है। गन्ना समितियों में ज्ञापन देकर दूसरे जनपदों के चीनी मिलों के केंद्र गांवों में लगवाने की मांग उठाई है। किसानों के इस प्रस्ताव को समिति के सचिव ने गन्ना आयुक्त को भेज दिया है। बता दें कि हापुड़ गन्ना समिति से जुड़े कई गांवों ने भी दूसरे जनपदों को गन्ना सप्लाई करने की इच्छा जताई है।
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भाकियू जिलाध्यक्ष ने दी चेतावनी
भाकियू जिलाध्यक्ष पवन हूण ने 12 गांवों से सेंटर बदलने के प्रस्ताव पर निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए किसानों की इच्छा अनुसार ही केंद्र दिलाने की मांग की है। इसमें लापरवाही पर आंदोलन की चेतावनी दी है। साथ ही भुगतान भी जल्द कराने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने गन्ना समिति के सचिव से भी वार्ता की है।
इन गांवों ने केंद्र बदलने की रखी मांग
गांव सिलारपुर, शैदपुर झड़ीना, हिरनपुर, आलमपुर भगवंतपुर, बागड़पुर, वलवापुर, पलवाड़ा, अल्लाबक्सपुर, बिहुनी, तिवड़ा, दत्तियाना, रसूलपुर।
गन्ना आयुक्त को भेजा है प्रस्ताव
किसानों की मांग पर प्रस्ताव बनाकर गन्ना आयुक्त को भेज दिया गया है। किसानों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। पूरे प्रकरण से उच्चाधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया है। - राकेश पटेल, सचिव, गन्ना समिति सिंभावली।