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फगौता में नौ स्थानों पर मिला डेंगू का लार्वा
सार
फगौता में नौ स्थानों पर मिला डेंगू का लार्वा हापुड़।लेकिन अब जिले में डेंगू ने भी दस्तक दे दी है।स्वास्थ्य विभाग और कीट विशेषज्ञों की टीम ने गांव फगौता में सर्च ऑपरेशन चलाया।
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विस्तार
फगौता में नौ स्थानों पर मिला डेंगू का लार्वा
हापुड़। फगौता गांव में पिछले साल फैले जेई बुखार को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। विभाग और कीट विशेषज्ञों की टीम ने गांव में सर्च ऑपरेशन चलाया, इस दौरान जेई फैलाने वाले मच्छर का लार्वा तो नहीं मिल सका। लेकिन नौ स्थानों पर डेंगू का लार्वा मिला, जिसे नष्ट कराया गया। जिले में अब तक डेंगू के छह मामले हैं, बरसात के बाद बीमारी फैलने की आशंका है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों के अधीक्षकों को अलर्ट कर दिया है।
जेई (दीमागी बुखार) का प्रकोप एक दशक बाद जिले में लौटा है, अब से पहले यह बीमारी गोरखपुर क्षेत्र में अधिक थी। धौलाना के फगौता में पिछले साल तीन बच्चे इस बीमारी से संक्रमित हुए थे। बीमारी इतनी घातक है कि बच्चे में विकलांगता तक आ जाती है। लेकिन अब जिले में डेंगू ने भी दस्तक दे दी है।
स्वास्थ्य विभाग और कीट विशेषज्ञों की टीम ने गांव फगौता में सर्च ऑपरेशन चलाया। गांव में 12 स्थानों पर किए ऑपरेशन में कहीं भी जेई बुखार का मच्छर तो नहीं मिला, लेकिन 9 स्थानों पर डेंगू का लार्वा जरूर मिला। अधिकारियों ने चिन्हित स्थानों पर लार्वा को नष्ट कराया। साथ ही ग्रामीणों को साफ सफाई रखने, आस पास पानी न भरने देने, बुखार होने पर जांच कराने की अपील की।
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जिले में मलेरिया के मिल चुके हैं 68 केस-
जिले में मलेरिया तेजी से फैल रहा है, अब तक 68 केस मिल चुके हैं। हालांकि सभी उपचार के बाद स्वस्थ हो रहे हैं। टाइफॉयड के मरीजों की तादात भी तेजी से बढ़ रही है, अब तक डेंगू के छह मरीज मिले हैं।
झोलाछापों के इलाज से बिगड़ रही बीमारी
झोलाछापों के गलत उपचार से मरीज गंभीर हालत में पहुंच रहे हैं। हापुड़ सीएचसी के अधीक्षक डॉ दिनेश खत्री ने गांवों में कैंप लगाकर, अस्पतालों में मिलने वाली सुविधा और आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए विशेष सुविधा के बारे में बताया। संचारी रोग और मच्छर जनित रोगों से बचाव के भी टिप्स दिए गए।
जिले में डेंगू, दीमागी बुखार की स्थिति
वर्ष डेंगू दीमागी बुखार
2021 230 03
2020 46 00
2019 180 00
2018 175 00
कोट -
फगौता में पिछले साल जेई के केस मिले थे, इस बार यहां अभियान चलाकर लार्वा खोजा गया है, इस तरह का लार्वा नहीं मिला। डेंगू, मलेरिया के लार्वे को लगातार नष्ट कराया जा रहा है। - डॉ.सुनील कुमार, सीएमओ।
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हापुड़। फगौता गांव में पिछले साल फैले जेई बुखार को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। विभाग और कीट विशेषज्ञों की टीम ने गांव में सर्च ऑपरेशन चलाया, इस दौरान जेई फैलाने वाले मच्छर का लार्वा तो नहीं मिल सका। लेकिन नौ स्थानों पर डेंगू का लार्वा मिला, जिसे नष्ट कराया गया। जिले में अब तक डेंगू के छह मामले हैं, बरसात के बाद बीमारी फैलने की आशंका है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों के अधीक्षकों को अलर्ट कर दिया है।
जेई (दीमागी बुखार) का प्रकोप एक दशक बाद जिले में लौटा है, अब से पहले यह बीमारी गोरखपुर क्षेत्र में अधिक थी। धौलाना के फगौता में पिछले साल तीन बच्चे इस बीमारी से संक्रमित हुए थे। बीमारी इतनी घातक है कि बच्चे में विकलांगता तक आ जाती है। लेकिन अब जिले में डेंगू ने भी दस्तक दे दी है।
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स्वास्थ्य विभाग और कीट विशेषज्ञों की टीम ने गांव फगौता में सर्च ऑपरेशन चलाया। गांव में 12 स्थानों पर किए ऑपरेशन में कहीं भी जेई बुखार का मच्छर तो नहीं मिला, लेकिन 9 स्थानों पर डेंगू का लार्वा जरूर मिला। अधिकारियों ने चिन्हित स्थानों पर लार्वा को नष्ट कराया। साथ ही ग्रामीणों को साफ सफाई रखने, आस पास पानी न भरने देने, बुखार होने पर जांच कराने की अपील की।
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जिले में मलेरिया के मिल चुके हैं 68 केस-
जिले में मलेरिया तेजी से फैल रहा है, अब तक 68 केस मिल चुके हैं। हालांकि सभी उपचार के बाद स्वस्थ हो रहे हैं। टाइफॉयड के मरीजों की तादात भी तेजी से बढ़ रही है, अब तक डेंगू के छह मरीज मिले हैं।
झोलाछापों के इलाज से बिगड़ रही बीमारी
झोलाछापों के गलत उपचार से मरीज गंभीर हालत में पहुंच रहे हैं। हापुड़ सीएचसी के अधीक्षक डॉ दिनेश खत्री ने गांवों में कैंप लगाकर, अस्पतालों में मिलने वाली सुविधा और आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए विशेष सुविधा के बारे में बताया। संचारी रोग और मच्छर जनित रोगों से बचाव के भी टिप्स दिए गए।
जिले में डेंगू, दीमागी बुखार की स्थिति
वर्ष डेंगू दीमागी बुखार
2021 230 03
2020 46 00
2019 180 00
2018 175 00
कोट -
फगौता में पिछले साल जेई के केस मिले थे, इस बार यहां अभियान चलाकर लार्वा खोजा गया है, इस तरह का लार्वा नहीं मिला। डेंगू, मलेरिया के लार्वे को लगातार नष्ट कराया जा रहा है। - डॉ.सुनील कुमार, सीएमओ।