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स्कूल जाने के नाम पर बच्चे ने बनाया दिल में दर्द का बहाना
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स्कूल जाने के नाम पर बच्चे ने बनाया दिल में दर्द का बहाना
हापुड़। स्कूल जाने के नाम पर एक दस वर्षीय बच्चे ने अभिभावकों से छाती में दिल के पास दर्द होने की शिकायत की। आनन फानन में अभिभावक बच्चे को अस्पताल लेकर दौड़े, चिकित्सक ने जांच की तो सब कुछ सामान्य मिला। अकेले में बात करने पर बच्चे ने चिकित्सक को सच्चाई बताई, जिसके बाद अभिभावक उसे लेकर लौट गए।
शनिवार को मेरठ रोड स्थित आवास विकास निवासी दंपती अपने दस साल के बच्चे को गढ़ रोड स्थित देवनंदिनी अस्पताल लेकर पहुंचे। कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉ. हरिओम सिंह ने तत्काल उसका उपचार शुरू कर दिया। लेकिन हृदय संबंधी कोई रोग उसमें नहीं दिख रहा था, हालांकि बच्चा बेसुध हो रहा था।
डॉ. हरिओम ने जांच की तो सब कुछ सामान्य आया। जिस पर उन्होंने बच्चे के परिजनों को बाहर भेज दिया, बच्चे को इंजेक्शन देने की बात कही तो वह तुरंत उठकर बैठ गया। चिकित्सक ने बच्चे से जानकारी की तो उसने बताया कि उसका स्कूल जाने का मन नहीं था। अभिभावक जबरन स्कूल भेज रहे थे, इसी के चलते दर्द का बहाना बनाया। चिकित्सक ने इसकी जानकारी अभिभावकों को दी, जिसके बाद वह बच्चे को लेकर लौट गए।
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हापुड़। स्कूल जाने के नाम पर एक दस वर्षीय बच्चे ने अभिभावकों से छाती में दिल के पास दर्द होने की शिकायत की। आनन फानन में अभिभावक बच्चे को अस्पताल लेकर दौड़े, चिकित्सक ने जांच की तो सब कुछ सामान्य मिला। अकेले में बात करने पर बच्चे ने चिकित्सक को सच्चाई बताई, जिसके बाद अभिभावक उसे लेकर लौट गए।
शनिवार को मेरठ रोड स्थित आवास विकास निवासी दंपती अपने दस साल के बच्चे को गढ़ रोड स्थित देवनंदिनी अस्पताल लेकर पहुंचे। कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉ. हरिओम सिंह ने तत्काल उसका उपचार शुरू कर दिया। लेकिन हृदय संबंधी कोई रोग उसमें नहीं दिख रहा था, हालांकि बच्चा बेसुध हो रहा था।
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डॉ. हरिओम ने जांच की तो सब कुछ सामान्य आया। जिस पर उन्होंने बच्चे के परिजनों को बाहर भेज दिया, बच्चे को इंजेक्शन देने की बात कही तो वह तुरंत उठकर बैठ गया। चिकित्सक ने बच्चे से जानकारी की तो उसने बताया कि उसका स्कूल जाने का मन नहीं था। अभिभावक जबरन स्कूल भेज रहे थे, इसी के चलते दर्द का बहाना बनाया। चिकित्सक ने इसकी जानकारी अभिभावकों को दी, जिसके बाद वह बच्चे को लेकर लौट गए।
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