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जिले के 1037 मेडिकल स्टोर के स्टॉक का होगा सत्यापन
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जिले के 1037 मेडिकल स्टोरों के स्टॉक का होगा सत्यापन
हापुड़। नशीली दवाओं की बिक्री पर शासन गंभीर है, सीएम कार्यालय से जिले के पंजीकृत 1037 मेडिकल स्टोर के स्टॉक का सत्यापन कर रिपोर्ट मांगी गई है। इसके लिए गली, मोहल्लों में खुले अवैध दवा केंद्रों की सूची भी तैयारी की जा रही है, जिन पर कार्रवाई होगी। गत माह दो केंद्रों पर सील भी लगाई गई है।
नशे के रूप में दवा के इस्तेमाल को देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए)ने ऐसी दवाओं के भंडारण, खरीद व बिक्री की अधिकतम सीमा तय कर दी है। खांसी दूर करने के लिए कोडीन से बने कफ सिरप की एक दिन में एक ही शीशी खरीदी जा सकेगी। वहीं, अनिद्रा, दर्द निवारक व डिप्रेशन की दवाओं के भंडारण की क्षमता भी तय की गई है। विभाग ने निर्देशों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
कई जिलों में देखा गया है कि औषधि विक्रेता नशे के रूप में इस्तेमाल की जाने वाली दवाओं का ज्यादा भंडारण करने के साथ अवैध बिक्री कर रहे हैं। जबकि मरीजों के लिए वास्तविक खपत काफी कम है। अधिकारियों के अनुसार कोडीन खांसी से राहत देने वाली दवाओं में पाया जाने वाला घटक है। इसके हल्के नारकोटिक के तौर पर भी जाना जाता है। इसे अकेले या अन्य दवाओं के साथ मिलाकर दिया जाता है। शरीर में पहुंचने पर लीवर एक एंजाइम की मदद से इसे मार्फिन में बदल देता है, इसलिए चिकित्सक की सलाह पर ही इसे तय मात्रा में लेना चाहिए।
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लेकिन मेडिकल स्टोर की आड़ में अभी भी नशीली दवाओं की जमकर बिक्री की जा रही है। सीएम कार्यालय ने इसका संज्ञान लिया है, समस्त मेडिकल स्टोर पर मौजूद स्टॉक की जानकारी मांगी गई है।
नशे में प्रयोग होने वाली दवाओं की बिक्री सीमा तय
दवा - कोडीन सीरप (सभी साइज)
भंडारण बिक्री प्रति दिन
थोक 1000 100
फुटकर 100 01
--
दवा- ट्रामाडोल व कॉम्बिनेशन
थोक 10000 200
फुटकर 2000 चिकित्सक के पर्चे पर
--
दवा--अल्प्राजोलम व कॉम्बिनेशन
थोक 10000 200
फुटकर 1000 20
-
दवा--क्लोनाजिपाम व कॉम्बिनेशन
थोक 10000 200
फुटकर 2000 20
---
दवा--डायजेपम व कॉम्बिनेशन
थोक 2000 50
फुटकर 200 10
--
दवा--नित्राजेपम व कॉम्बिनेशन
थोक 2000 50
फुटकर 200 10
---
दवा---पैंटाजोसिन व कॉम्बिनेशन
थोक 2000 50
फुटकर 50 10
--
दवा---बुप्रेनोरफरिन व कॉम्बिनेशन
थोक 2000 50
फुटकर 50 10
(नोट : एक दिन में किसी फर्म/व्यक्ति को की जाने वाली बिक्री की अधिकतम मात्रा है।)
कोट-
मेडिकल स्टोरों में मौजूद स्टॉक का सत्यापन किया जा रहा है। निर्धारित दवाओं की बिक्री यदि सीमा से अधिक की गई तो सख्त कार्रवाई होगी। अगस्त महीने में दो अवैध मेडिकल स्टोर सील किए हैं। बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे अन्य मेडिकल स्टोर की भी सूची तैयार की जा रही है। - लवकुश प्रसाद, निरीक्षक, जिला खाद्य एवं औषधि प्रशासन।
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हापुड़। नशीली दवाओं की बिक्री पर शासन गंभीर है, सीएम कार्यालय से जिले के पंजीकृत 1037 मेडिकल स्टोर के स्टॉक का सत्यापन कर रिपोर्ट मांगी गई है। इसके लिए गली, मोहल्लों में खुले अवैध दवा केंद्रों की सूची भी तैयारी की जा रही है, जिन पर कार्रवाई होगी। गत माह दो केंद्रों पर सील भी लगाई गई है।
नशे के रूप में दवा के इस्तेमाल को देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए)ने ऐसी दवाओं के भंडारण, खरीद व बिक्री की अधिकतम सीमा तय कर दी है। खांसी दूर करने के लिए कोडीन से बने कफ सिरप की एक दिन में एक ही शीशी खरीदी जा सकेगी। वहीं, अनिद्रा, दर्द निवारक व डिप्रेशन की दवाओं के भंडारण की क्षमता भी तय की गई है। विभाग ने निर्देशों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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कई जिलों में देखा गया है कि औषधि विक्रेता नशे के रूप में इस्तेमाल की जाने वाली दवाओं का ज्यादा भंडारण करने के साथ अवैध बिक्री कर रहे हैं। जबकि मरीजों के लिए वास्तविक खपत काफी कम है। अधिकारियों के अनुसार कोडीन खांसी से राहत देने वाली दवाओं में पाया जाने वाला घटक है। इसके हल्के नारकोटिक के तौर पर भी जाना जाता है। इसे अकेले या अन्य दवाओं के साथ मिलाकर दिया जाता है। शरीर में पहुंचने पर लीवर एक एंजाइम की मदद से इसे मार्फिन में बदल देता है, इसलिए चिकित्सक की सलाह पर ही इसे तय मात्रा में लेना चाहिए।
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लेकिन मेडिकल स्टोर की आड़ में अभी भी नशीली दवाओं की जमकर बिक्री की जा रही है। सीएम कार्यालय ने इसका संज्ञान लिया है, समस्त मेडिकल स्टोर पर मौजूद स्टॉक की जानकारी मांगी गई है।
नशे में प्रयोग होने वाली दवाओं की बिक्री सीमा तय
दवा - कोडीन सीरप (सभी साइज)
भंडारण बिक्री प्रति दिन
थोक 1000 100
फुटकर 100 01
--
दवा- ट्रामाडोल व कॉम्बिनेशन
थोक 10000 200
फुटकर 2000 चिकित्सक के पर्चे पर
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दवा--अल्प्राजोलम व कॉम्बिनेशन
थोक 10000 200
फुटकर 1000 20
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दवा--क्लोनाजिपाम व कॉम्बिनेशन
थोक 10000 200
फुटकर 2000 20
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दवा--डायजेपम व कॉम्बिनेशन
थोक 2000 50
फुटकर 200 10
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दवा--नित्राजेपम व कॉम्बिनेशन
थोक 2000 50
फुटकर 200 10
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दवा---पैंटाजोसिन व कॉम्बिनेशन
थोक 2000 50
फुटकर 50 10
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दवा---बुप्रेनोरफरिन व कॉम्बिनेशन
थोक 2000 50
फुटकर 50 10
(नोट : एक दिन में किसी फर्म/व्यक्ति को की जाने वाली बिक्री की अधिकतम मात्रा है।)
कोट-
मेडिकल स्टोरों में मौजूद स्टॉक का सत्यापन किया जा रहा है। निर्धारित दवाओं की बिक्री यदि सीमा से अधिक की गई तो सख्त कार्रवाई होगी। अगस्त महीने में दो अवैध मेडिकल स्टोर सील किए हैं। बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे अन्य मेडिकल स्टोर की भी सूची तैयार की जा रही है। - लवकुश प्रसाद, निरीक्षक, जिला खाद्य एवं औषधि प्रशासन।