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600 रुपये में फीवर प्रोफाइल और 800 में डेंगू की जांच
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600 रुपये में फीवर प्रोफाइल और 800 में डेंगू की जांच
हापुड़। जिले में वायरल बुखार का प्रकोप बढ़ता जा रहा है, प्रयोगशालाओं में नमूनों की जांच 15 दिन के अंदर तीन गुना तक बढ़ गई है। बुखार के साथ सात आवश्यक जांच एक साथ करने के लिए फीवर प्रोफाइल टेस्ट किया जा रहा है, जिसकी कीमत 600 रुपये है। जबकि डेंगू की जांच 800 रुपये में हो रही है। गढ़ रोड सीएचसी में रोजाना 120-150 और प्राइवेट लैब में प्रतिदिन 1200 तक जांच हो रही हैं। सबसे अधिक टाइफॉयड के मरीज मिल रहे हैं।
बरसात के बाद से बुखार का प्रकोप फैला है, हर घर में बुखार के मरीजों की भरमार है। खांसी, जुकाम भी लोगों को परेशान कर रहा है। एक सप्ताह तक भी दवाओं के सेवन से बुखार नहीं उतर रहा। ऐसे में चिकित्सक मरीजों का टेस्ट लिख रहे हैं। सरकारी अस्पतालों से लेकर प्राइवेट अस्पतालों की लैब पर दबाव बढ़ने लगा है।
आलम यह है कि महज 15 दिन के अंदर जांच कराने वालों की संख्या बढ़कर तीन गुना हो गई है। इसमें सबसे ज्यादा टेस्ट फीवर प्रोफाइल के ही हो रहे हैं।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सचिन बंसल ने बताया कि बच्चों में बुखार के साथ खांसी, जुकाम की समस्या आ रही है। ऐसे में उनके फेफड़ों की स्थिति को परखने के लिए एक्सरे कराने की आवश्यकता पड़ रही है। फेफड़ों में कफ जमा होने से बच्चों की हालत बिगड़ रही है। ऐसे बच्चों को दवाओं के साथ न्यूमोलाइजर भी देना पड़ रहा है।
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फिजिशियन डॉ. गौरव मित्तल ने बताया कि मौसम में बदलाव से वायरल बुखार अधिक फैल रहा है। इस बुखार में घबराए नहीं, बल्कि अच्छे चिकित्सक से परामर्श लेकर दवाओं का नियमित सेवन करें। अपनी मर्जी से दवाएं लेना घातक हो सकता है।
निजी लैब में जांच के दाम
फीवर प्रोफाइल---500 से 600 रुपये तक
डेंगू एलाइजा टेस्ट--800 रुपये
मलेरिया-------60 रुपये
टाइफॉयड-----100-200 रुपये
सीबीसी------200 रुपये
एलएफटी----500 रुपये
केएफटी-----500 रुपये
(नोट : फीवर प्रोफाइल में यूरिन, मलेरिया, इंफेक्शन, टाइफॉयड, लीवर, किडनी, शुगर की जांच शामिल हैं।)
स्वास्थ्य विभाग रेपिड किट से कर रहा मलेरिया जांच
स्वास्थ्य विभाग के पास मलेरिया जांच की रेपिड किट हैं, आशाओं को भी किट दी गई हैं। गांव, शहरों में घर घर जाकर टीम इन किट के जरिए भी मरीजों के बुखार की स्थिति को परख रही हैं।
निजी लैब को देने होंगे डेंगू, चिकनगुनिया के नमूने
डेंगू, चिकनगुनिया का यदि कोई मामला प्राइवेट लैब की जांच में निकलता है तो सैंपल स्वास्थ्य विभाग को सौंपना होगा। ऐसा नहीं करने वाली लैबों पर सख्त कार्रवाई होगी, इस संबंध में स्वास्थ्य अधिकारियों ने निर्देशित कर दिया है।
कोट-
डेंगू, चिकनगुनिया का यदि कोई मामला मिलता है तो निजी लैब इसकी जानकारी अवश्य दें। यह जानकारी छुपाने पर सख्त कार्रवाई होगी, समस्त प्रयोगशालाओं को इस संबंध में अवगत करा दिया गया है। - डॉ.सुनील कुमार, सीएमओ।
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हापुड़। जिले में वायरल बुखार का प्रकोप बढ़ता जा रहा है, प्रयोगशालाओं में नमूनों की जांच 15 दिन के अंदर तीन गुना तक बढ़ गई है। बुखार के साथ सात आवश्यक जांच एक साथ करने के लिए फीवर प्रोफाइल टेस्ट किया जा रहा है, जिसकी कीमत 600 रुपये है। जबकि डेंगू की जांच 800 रुपये में हो रही है। गढ़ रोड सीएचसी में रोजाना 120-150 और प्राइवेट लैब में प्रतिदिन 1200 तक जांच हो रही हैं। सबसे अधिक टाइफॉयड के मरीज मिल रहे हैं।
बरसात के बाद से बुखार का प्रकोप फैला है, हर घर में बुखार के मरीजों की भरमार है। खांसी, जुकाम भी लोगों को परेशान कर रहा है। एक सप्ताह तक भी दवाओं के सेवन से बुखार नहीं उतर रहा। ऐसे में चिकित्सक मरीजों का टेस्ट लिख रहे हैं। सरकारी अस्पतालों से लेकर प्राइवेट अस्पतालों की लैब पर दबाव बढ़ने लगा है।
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आलम यह है कि महज 15 दिन के अंदर जांच कराने वालों की संख्या बढ़कर तीन गुना हो गई है। इसमें सबसे ज्यादा टेस्ट फीवर प्रोफाइल के ही हो रहे हैं।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सचिन बंसल ने बताया कि बच्चों में बुखार के साथ खांसी, जुकाम की समस्या आ रही है। ऐसे में उनके फेफड़ों की स्थिति को परखने के लिए एक्सरे कराने की आवश्यकता पड़ रही है। फेफड़ों में कफ जमा होने से बच्चों की हालत बिगड़ रही है। ऐसे बच्चों को दवाओं के साथ न्यूमोलाइजर भी देना पड़ रहा है।
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फिजिशियन डॉ. गौरव मित्तल ने बताया कि मौसम में बदलाव से वायरल बुखार अधिक फैल रहा है। इस बुखार में घबराए नहीं, बल्कि अच्छे चिकित्सक से परामर्श लेकर दवाओं का नियमित सेवन करें। अपनी मर्जी से दवाएं लेना घातक हो सकता है।
निजी लैब में जांच के दाम
फीवर प्रोफाइल---500 से 600 रुपये तक
डेंगू एलाइजा टेस्ट--800 रुपये
मलेरिया-------60 रुपये
टाइफॉयड-----100-200 रुपये
सीबीसी------200 रुपये
एलएफटी----500 रुपये
केएफटी-----500 रुपये
(नोट : फीवर प्रोफाइल में यूरिन, मलेरिया, इंफेक्शन, टाइफॉयड, लीवर, किडनी, शुगर की जांच शामिल हैं।)
स्वास्थ्य विभाग रेपिड किट से कर रहा मलेरिया जांच
स्वास्थ्य विभाग के पास मलेरिया जांच की रेपिड किट हैं, आशाओं को भी किट दी गई हैं। गांव, शहरों में घर घर जाकर टीम इन किट के जरिए भी मरीजों के बुखार की स्थिति को परख रही हैं।
निजी लैब को देने होंगे डेंगू, चिकनगुनिया के नमूने
डेंगू, चिकनगुनिया का यदि कोई मामला प्राइवेट लैब की जांच में निकलता है तो सैंपल स्वास्थ्य विभाग को सौंपना होगा। ऐसा नहीं करने वाली लैबों पर सख्त कार्रवाई होगी, इस संबंध में स्वास्थ्य अधिकारियों ने निर्देशित कर दिया है।
कोट-
डेंगू, चिकनगुनिया का यदि कोई मामला मिलता है तो निजी लैब इसकी जानकारी अवश्य दें। यह जानकारी छुपाने पर सख्त कार्रवाई होगी, समस्त प्रयोगशालाओं को इस संबंध में अवगत करा दिया गया है। - डॉ.सुनील कुमार, सीएमओ।