{"_id":"62eea04aca64860506620fac","slug":"hapur-news-hapur-news-gbd2426407139","type":"story","status":"publish","title_hn":"होटल में पकड़ी 24 लाख रुपये की बिजली चोरी, 86 हजार में निपटाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
होटल में पकड़ी 24 लाख रुपये की बिजली चोरी, 86 हजार में निपटाई
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
होटल में पकड़ी 24 लाख रुपये की बिजली चोरी, 86 हजार में निपटाई
हापुड़। ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने विजिलेंस की चेकिंग रिपोर्ट को दर किनार कर, 24 लाख की बिजली चोरी को महज 86 हजार में निपटा दिया है। सरकार को 23 लाख का चूना लगा है, एक ही परिसर में चल रहे तीन होटलों में विजिलेंस ने 26 किलोवाट की चोरी पकड़ी थी। एक साल का जुर्माना लिया जाना था, लेकिन निगम के अधिकारियों ने महज 15 दिन की चोरी का ही असिस्मेंट बनाया। जबकि समन विजिलेंस द्वारा भरी चेकिंग रिपोर्ट के आधार पर ही लिया गया।
विजिलेंस प्रवर्तन दल के एई एससी यादव, उप निरीक्षक मुमताज खान की टीम को मोदीनगर रोड स्थित होटल पर बिजली चोरी की सूचना मिली। इसी सूचना पर 17 मई 2022 को टीम ने छापा मारा, एक ही परिसर में तीन होटल चल रहे थे, लेकिन मीटर पर लोड सिर्फ 19.2 एंपियर आ रहा था। चोरी का शक होने पर टीम ने परिसर पर चेक मीटर लगवा दिया।
एसपी यादव ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर पता चला कि चोरी मीटर के जरिये नहीं बल्कि पीछे अंडरग्राउंड केबल डालकर की जा रही है। 31 मई को छापा मारा, जिसमें अंडरग्राउंड केबल से चोरी पकड़ी गई। इस बिजली से तीनों परिसर में आपूर्ति दी जा रही थी। करीब 26 किलोवाट की चोरी मिली, चेकिंग रिपोर्ट भी भर दी गई। इसके अनुसार करीब 2.60 लाख रुपये का समन जमा होना था, इसमें छेड़छाड़ नहीं हो सकती थी इसलिए निगम के अधिकारियों ने इतना ही समन जमा करा दिया।
विज्ञापन
बिजली चोरी का असिस्मेंट करीब 24 लाख रुपये बनना था, लेकिन इसमें निगम के अधिकारियों ने सिर्फ 15 दिन की ही बिजली चोरी दर्शायी और 86 हजार का असिस्मेंट बना दिया। ऐसे में विजिलेंस की पूरी मेहनत खराब हुई, सरकार को भी 23 लाख के राजस्व का चूना लगा।
इस तरह किया खेल
विजिलेंस के अधिकारियों ने बताया कि दो भाई इन होटल को चला रहे हैं, 17 मई को जब चैक मीटर लगाया तब दूसरे भाई के नाम पर इसे चढ़ाया गया था। जबकि 31 मई को 26 किलोवाट की चोरी दूसरे भाई के नाम भरी गई थी। लेकिन बिजली निगम के अधिकारियों ने बिजली चोरी का असिस्मेंट बनाते समय पहले वाली कार्रवाई से जोड़कर, उपभोक्ता को 23 लाख रुपये का लाभ पहुंचा दिया।
यूपीपीसीएल के डीजी ने जताई नाराजगी
चार अगस्त को यूपीपीसीएल के डीजी एसएन साबत ने गाजियाबाद का दौरा किया, इसमें हापुड़ के प्रवर्तन दल द्वारा इस मामले में शिकायत की गई, जिस पर नाराजगी जताते हुए अपने स्तर से भी उचित कार्रवाई की बात कही।
उच्चाधिकारियों संज्ञान में है मामला
हापुड़ के उच्चाधिकारियों के संज्ञान में पूरा मामला है, सब कुछ साफ है कि इस चोरी में किस हद तक भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़ा किया गया है। फिर भी अधिकारी मूकदर्शक बने हैं, यह हाल तब है जब गढ़ डिवीजन के एक्सईएन, एसडीओ और जेई को सिर्फ बिजलीघर का एक फीडर बंद रखने पर निलंबित किया गया है।
कोट-
पूरा प्रकरण संज्ञान में आ गया है, इसकी जांच शुरू कर दी गई है। जवाब भी तलब किया जा रहा है, पूरे प्रकरण में जिसकी भी गलती मिली उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। - यूके सिंह, अधीक्षण अभियंता।
विज्ञापन
हापुड़। ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने विजिलेंस की चेकिंग रिपोर्ट को दर किनार कर, 24 लाख की बिजली चोरी को महज 86 हजार में निपटा दिया है। सरकार को 23 लाख का चूना लगा है, एक ही परिसर में चल रहे तीन होटलों में विजिलेंस ने 26 किलोवाट की चोरी पकड़ी थी। एक साल का जुर्माना लिया जाना था, लेकिन निगम के अधिकारियों ने महज 15 दिन की चोरी का ही असिस्मेंट बनाया। जबकि समन विजिलेंस द्वारा भरी चेकिंग रिपोर्ट के आधार पर ही लिया गया।
विजिलेंस प्रवर्तन दल के एई एससी यादव, उप निरीक्षक मुमताज खान की टीम को मोदीनगर रोड स्थित होटल पर बिजली चोरी की सूचना मिली। इसी सूचना पर 17 मई 2022 को टीम ने छापा मारा, एक ही परिसर में तीन होटल चल रहे थे, लेकिन मीटर पर लोड सिर्फ 19.2 एंपियर आ रहा था। चोरी का शक होने पर टीम ने परिसर पर चेक मीटर लगवा दिया।
विज्ञापन
एसपी यादव ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर पता चला कि चोरी मीटर के जरिये नहीं बल्कि पीछे अंडरग्राउंड केबल डालकर की जा रही है। 31 मई को छापा मारा, जिसमें अंडरग्राउंड केबल से चोरी पकड़ी गई। इस बिजली से तीनों परिसर में आपूर्ति दी जा रही थी। करीब 26 किलोवाट की चोरी मिली, चेकिंग रिपोर्ट भी भर दी गई। इसके अनुसार करीब 2.60 लाख रुपये का समन जमा होना था, इसमें छेड़छाड़ नहीं हो सकती थी इसलिए निगम के अधिकारियों ने इतना ही समन जमा करा दिया।
विज्ञापन
बिजली चोरी का असिस्मेंट करीब 24 लाख रुपये बनना था, लेकिन इसमें निगम के अधिकारियों ने सिर्फ 15 दिन की ही बिजली चोरी दर्शायी और 86 हजार का असिस्मेंट बना दिया। ऐसे में विजिलेंस की पूरी मेहनत खराब हुई, सरकार को भी 23 लाख के राजस्व का चूना लगा।
इस तरह किया खेल
विजिलेंस के अधिकारियों ने बताया कि दो भाई इन होटल को चला रहे हैं, 17 मई को जब चैक मीटर लगाया तब दूसरे भाई के नाम पर इसे चढ़ाया गया था। जबकि 31 मई को 26 किलोवाट की चोरी दूसरे भाई के नाम भरी गई थी। लेकिन बिजली निगम के अधिकारियों ने बिजली चोरी का असिस्मेंट बनाते समय पहले वाली कार्रवाई से जोड़कर, उपभोक्ता को 23 लाख रुपये का लाभ पहुंचा दिया।
यूपीपीसीएल के डीजी ने जताई नाराजगी
चार अगस्त को यूपीपीसीएल के डीजी एसएन साबत ने गाजियाबाद का दौरा किया, इसमें हापुड़ के प्रवर्तन दल द्वारा इस मामले में शिकायत की गई, जिस पर नाराजगी जताते हुए अपने स्तर से भी उचित कार्रवाई की बात कही।
उच्चाधिकारियों संज्ञान में है मामला
हापुड़ के उच्चाधिकारियों के संज्ञान में पूरा मामला है, सब कुछ साफ है कि इस चोरी में किस हद तक भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़ा किया गया है। फिर भी अधिकारी मूकदर्शक बने हैं, यह हाल तब है जब गढ़ डिवीजन के एक्सईएन, एसडीओ और जेई को सिर्फ बिजलीघर का एक फीडर बंद रखने पर निलंबित किया गया है।
कोट-
पूरा प्रकरण संज्ञान में आ गया है, इसकी जांच शुरू कर दी गई है। जवाब भी तलब किया जा रहा है, पूरे प्रकरण में जिसकी भी गलती मिली उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। - यूके सिंह, अधीक्षण अभियंता।