Ganga Expressway: हापुड़ में कटेंगे 14 हजार पेड़, 10 दिन में शुरू होगा काम
एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए जिले में करीब 14 हजार पेड़ काटे जाने हैं, इनमें कुछ पेड़ ऐसे हैं, जिन्हें काटने की अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है, जबकि कुछ की अनुमति की आवश्यकता है।
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मेरठ से प्रयागराज तक बनने वाले गंगा एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहीत की गई जमीन का सीमांकन लगभग पूरा हो गया है। अगले दस दिन में मिट्टी भराव का कार्य शुरू हो जाएगा। वहीं जिले में करीब 14 हजार पेड़ों का भी कटान होगा, इसके लिए वन विभाग से अनुमति मांगी गई है। दो दिन से जिलेे में उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के अधिकारियों की टीम जिले में डेरा डाले हुए है।
एक्सप्रेसवे के लिए जिले की दो तहसीलों के 29 गांवों की 418.692 हेक्टेयर जमीन खरीदी जानी है। इसमें सात गांव हापुड़ तहसील के और 22 गांव गढ़मुक्तेश्वर तहसील के हैं। जनपद में गंगा एक्सप्रेसवे की लंबाई करीब 32 किलोमीटर होगी। करीब 34 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस एक्सप्रेसवे का शिलान्यास होने के बाद मेरठ में कार्य शुरू हो चुका है। लेकिन जिले में अभी भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ था।
शनिवार को यूपीडा की टीम ने हापुड़ जिले के गढ़ क्षेत्र के गांवों में एक्सप्रेसवे की भूमि का सीमांकन किया। पिछले दो दिन से टीम इस कार्य में जुटी है। एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहीत 120 मीटर चौड़ी भूमि के दोनों ओर सीमांकन कर पिलर गाड़े जा रहे हैं। यह कार्य अब अंतिम चरण में है। अधिकारियों की माने तो सीमांकन का कार्य मेरठ और बुलंदशहर जिले में पूरा हो चुका है, केवल हापुड़ जिले के गांवों में होना बाकी था, जिसे जल्दी ही पूरा कर लिया जाएगा। एक्सप्रेसवे का निर्माण शुरू करने से पहले वाहनों के आवागमन के लिए रास्ते का निर्माण करने के लिए मिट्टी को जेसीबी की मदद से समतल भी किया जाएगा।
वन विभाग से मांगी अनुमति
एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए जिले में करीब 14 हजार पेड़ काटे जाने हैं, इनमें कुछ पेड़ ऐसे हैं, जिन्हें काटने की अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है, जबकि कुछ की अनुमति की आवश्यकता है। अधिकारियों ने बताया कि नियमानुसार अनुमति के लिए संबंधित किसान से प्रति पेड़ एक हजार रुपये लिए जाते थे। लेकिन यूपीडा द्वारा किसानों को इससे मुक्त कर दिया गया है। अनुमति मिलने के बाद पेड़ों के कटान का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य
प्रदेश सरकार की प्राथमिकता में शामिल गंगा एक्सप्रेसवे को लेकर संबंधित विभाग व निर्माण कंपनी तेजी से कार्य पूर्ण कर रही है। सीमांकन के बाद अगले दस दिन में हापुड़ जिले में 120 मीटर चौड़े एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए मिट्टी भराव का काम शुरू हो जाएगा।
इन गांवों में चल रहा सीमांकन
हापुड़ -आगापुर सराय, गोहरा आलमगीरपुर, मुराद अल्लीपुर, औरंगाबाद, माधापुर मौज्जमपुर, हाजीपुर, उदयपुर गढ़मुक्तेश्वर-दत्तियाना, पीरनगर, हिम्मतपुर, राजपुर, सिंभावली फरीदपुर, सिखेड़ा मुरादाबाद, मुरादपुर, बंगोली, आलापुर, किरावली बांगर, शंकराटीला, सिंगनपुर, बहादुरगढ़, आलमनगर बांगर, बरारी, भैना सदरपुर, चुचावली, जखेड़ा रहमतपुर, चांदनेर, वहापुर ठेरा, भदस्याना, रजापुर।
गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए अधिग्रहीत की गई भूमि पर कब्जा लेकर पिलर लगाने का कार्य शुरू किया गया है, इसी सप्ताह सीमांकन का कार्य पूरा हो जाएगा। इसके बाद जेसीबी की मदद से वाहनों के आवागमन के लिए रास्ते का निर्माण कराते हुए मिट्टी डालने का कार्य शुरू हो जाएगा। पावर कॉरपोरेशन को बिजली की लाइनों को शिफ्ट करने के लिए निर्देशित कर दिया गया है। -नरेंद्र सिंह, एसडीएम, यूपीडा।