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16 घंटे तक चली जांच में 2.15 करोड़ की मिली जीएसटी की चोरी
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धौलाना यूपीएसआइटी स्थित एक फैक्ट्री में चैकिंग करने पहुंची जीएसटी की टीम। संवाद
- फोटो : HAPUR
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16 घंटे तक चली जांच में 2.15 करोड़ की मिली जीएसटी की चोरी
धौलाना। औद्योगिक क्षेत्र के फेज टू स्थित गुटखे के रैपर बनाने वाली फैक्टरी में जीएसटी विभाग की एसआईबी टीम की 16 घंटे लंबी चली जांच में करीब 2.15 करोड़ की जीएसटी चोरी पकड़ी गई है। टीम द्वारा कंपनी के मालिकों पर विभागीय कार्रवाई की जा रही है।
गुटखे के रैपर बनाने वाली कंपनी ग्रीनबेरी आरजी हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड में बृहस्पतिवार को जीएसटी विभाग की एसआईबी टीम ने छापा मारा था। इस दौरान छह करोड़ की बिक्री में गड़बड़ी कर 2.15 करोड़ की जीएसटी चोरी प्रकाश में आई। जांच के दौरान कंपनी के पास ही प्लॉट संख्या ज -636 में भी अवैध रूप से कंपनी के नाम पर ब्रांच संचालित मिली। उक्त ब्रांच जीएसटी पोर्टल पर अपलोड नहीं मिलने पर उसे सील कर दिया गया।
विशेष अनुसंधान शाखा के उपायुक्त रमेश कुमार बैस ने बताया कि जांच के दौरान कच्चे- पक्के लेखा जोखा से संबंधित कागजातों की जांच की गई। कागजो में हेराफेरी मिलने पर सही मिलान का सत्यापन नहीं हो पाया। दस्तावेजों में गड़बड़ी मिलने पर बारीकी से जांच की जा रही है। जांच टीम को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं। कुल मिलाकर 2.15 करोड़ की जीएसटी चोरी पकड़ी गई है, जिसे कंपनी से वसूला जाएगा।
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धौलाना। औद्योगिक क्षेत्र के फेज टू स्थित गुटखे के रैपर बनाने वाली फैक्टरी में जीएसटी विभाग की एसआईबी टीम की 16 घंटे लंबी चली जांच में करीब 2.15 करोड़ की जीएसटी चोरी पकड़ी गई है। टीम द्वारा कंपनी के मालिकों पर विभागीय कार्रवाई की जा रही है।
गुटखे के रैपर बनाने वाली कंपनी ग्रीनबेरी आरजी हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड में बृहस्पतिवार को जीएसटी विभाग की एसआईबी टीम ने छापा मारा था। इस दौरान छह करोड़ की बिक्री में गड़बड़ी कर 2.15 करोड़ की जीएसटी चोरी प्रकाश में आई। जांच के दौरान कंपनी के पास ही प्लॉट संख्या ज -636 में भी अवैध रूप से कंपनी के नाम पर ब्रांच संचालित मिली। उक्त ब्रांच जीएसटी पोर्टल पर अपलोड नहीं मिलने पर उसे सील कर दिया गया।
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विशेष अनुसंधान शाखा के उपायुक्त रमेश कुमार बैस ने बताया कि जांच के दौरान कच्चे- पक्के लेखा जोखा से संबंधित कागजातों की जांच की गई। कागजो में हेराफेरी मिलने पर सही मिलान का सत्यापन नहीं हो पाया। दस्तावेजों में गड़बड़ी मिलने पर बारीकी से जांच की जा रही है। जांच टीम को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं। कुल मिलाकर 2.15 करोड़ की जीएसटी चोरी पकड़ी गई है, जिसे कंपनी से वसूला जाएगा।
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