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बीमे पर बोनस का झांसा देने वाले चार शातिर दबोचे
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बीमे पर बोनस का झांसा देने वाले चार शातिर गिरफ्तार
हापुड़। बीमा पालिसी में बोनस दिलाने का लालच देकर ठगी करने वाले एक गिरोह का थाना पिलखुवा पुलिस और सर्विलांस की टीम ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने चार शातिरों को गिरफ्तार करते हुए उनके पास से पांच लाख रुपये, 11 मोबाइल फोन, तीन डेबिट कार्ड और लग्जरी कार बरामद की हैं। आरोपियों ने इंटर कालेज की प्रधानाध्यापिका से 74 लाख रुपये की ठगी की थी।
एसपी दीपक भूकर ने बताया कि आर्य कन्या इंटर कालेज की प्रधानाध्यापिका वर्तिका खंडेलवाल के मोबाइल फोन पर 30 जुलाई 2021 एक व्यक्ति ने फोन कर बताया कि वह काउंसिल कंपनी से बोल रहा है। उनके पालिसी एजेंट ने उन्हें धोखा दिया है। पालिसी पर समय-समय पर बोनस दिया जाता है। इसके अलावा ऐसे ही कुछ लोगों ने भी फोन किए। इनके झांसे में आकर एक साल के अंदर प्रधानाध्यापिका ने 74 लाख रुपये गंवा दिए। शक होने पर वह कंपनी के बताए गए पते पर दिल्ली पहुंची। जहां जाकर पता चला कि वह ठगी का शिकार हो गई हैं।
शिकायत के आधार पर थाना पुलिस और सर्विलांस टीम ने मामले की जांच शुरू की। शुक्रवार को थाना प्रभारी निरीक्षक मुनीष चौहान को सर्विलांस की टीम ने इनपुट दिया कि प्रधानाध्यापिका से ठगी करने वाले गाजियाबाद की ओर से पिलखुवा की तरफ आ रहे हैं। पुलिस ने चार लोगों को दबोच लिया। इनकी पहचान जिला अलीगढ़ के थाना चंदौस क्षेत्र के गांव एलमपुर और हाल निवासी जिला गाजियाबाद के थाना खोड़ा क्षेत्र के संगम विहार निवासी धर्मेंद्र उर्फ धर्म, दिल्ली के थाना विकास नगर क्षेत्र के रनहौला निवासी आलोक कुमार, थाना अमन विहार क्षेत्र के प्रताप विहार पार्ट-2 निवासी ऋषभ और जिला गाजियाबाद के थाना खेड़ा क्षेत्र के महाऋषि गार्डन निवासी अरशद उर्फ आशु के रूप में हुई है।
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एसपी दीपक भूकर ने बताया कि आरोपी उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की आफिशियल वेबसाइट से शिक्षकों की जानकारी जुटाते थे। इसके बाद शिक्षिकों को फोन कर झांसे में लेते थे। उन्हें बीमा पालिसी पर बोनस, क्लेम और सस्ती दरों पर बैंक लोन दिलाने का झांसा देते थे। बीमा कंपनी की फर्जी रसीद तैयार कर लोगों को भेजी जाती थी। इंटरनेट के जरिए बीमा परिषद नियंत्रण निकाय कार्यालय की वेबसाइट से रसीदों के प्रारूप डाउनलोड करते थे। जिसके बाद इन रसीदों पर एडिटिंग के जरिए काम करके ठगी करते थे। ऐसे और भी मामलों की जांच की जा रही है।
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हापुड़। बीमा पालिसी में बोनस दिलाने का लालच देकर ठगी करने वाले एक गिरोह का थाना पिलखुवा पुलिस और सर्विलांस की टीम ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने चार शातिरों को गिरफ्तार करते हुए उनके पास से पांच लाख रुपये, 11 मोबाइल फोन, तीन डेबिट कार्ड और लग्जरी कार बरामद की हैं। आरोपियों ने इंटर कालेज की प्रधानाध्यापिका से 74 लाख रुपये की ठगी की थी।
एसपी दीपक भूकर ने बताया कि आर्य कन्या इंटर कालेज की प्रधानाध्यापिका वर्तिका खंडेलवाल के मोबाइल फोन पर 30 जुलाई 2021 एक व्यक्ति ने फोन कर बताया कि वह काउंसिल कंपनी से बोल रहा है। उनके पालिसी एजेंट ने उन्हें धोखा दिया है। पालिसी पर समय-समय पर बोनस दिया जाता है। इसके अलावा ऐसे ही कुछ लोगों ने भी फोन किए। इनके झांसे में आकर एक साल के अंदर प्रधानाध्यापिका ने 74 लाख रुपये गंवा दिए। शक होने पर वह कंपनी के बताए गए पते पर दिल्ली पहुंची। जहां जाकर पता चला कि वह ठगी का शिकार हो गई हैं।
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शिकायत के आधार पर थाना पुलिस और सर्विलांस टीम ने मामले की जांच शुरू की। शुक्रवार को थाना प्रभारी निरीक्षक मुनीष चौहान को सर्विलांस की टीम ने इनपुट दिया कि प्रधानाध्यापिका से ठगी करने वाले गाजियाबाद की ओर से पिलखुवा की तरफ आ रहे हैं। पुलिस ने चार लोगों को दबोच लिया। इनकी पहचान जिला अलीगढ़ के थाना चंदौस क्षेत्र के गांव एलमपुर और हाल निवासी जिला गाजियाबाद के थाना खोड़ा क्षेत्र के संगम विहार निवासी धर्मेंद्र उर्फ धर्म, दिल्ली के थाना विकास नगर क्षेत्र के रनहौला निवासी आलोक कुमार, थाना अमन विहार क्षेत्र के प्रताप विहार पार्ट-2 निवासी ऋषभ और जिला गाजियाबाद के थाना खेड़ा क्षेत्र के महाऋषि गार्डन निवासी अरशद उर्फ आशु के रूप में हुई है।
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एसपी दीपक भूकर ने बताया कि आरोपी उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की आफिशियल वेबसाइट से शिक्षकों की जानकारी जुटाते थे। इसके बाद शिक्षिकों को फोन कर झांसे में लेते थे। उन्हें बीमा पालिसी पर बोनस, क्लेम और सस्ती दरों पर बैंक लोन दिलाने का झांसा देते थे। बीमा कंपनी की फर्जी रसीद तैयार कर लोगों को भेजी जाती थी। इंटरनेट के जरिए बीमा परिषद नियंत्रण निकाय कार्यालय की वेबसाइट से रसीदों के प्रारूप डाउनलोड करते थे। जिसके बाद इन रसीदों पर एडिटिंग के जरिए काम करके ठगी करते थे। ऐसे और भी मामलों की जांच की जा रही है।