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जिले में 50 बेड का बनेगा आयुर्वेदिक अस्पताल
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जिले में 50 बेड का बनेगा आयुर्वेदिक अस्पताल
हापुड़। जिले में जल्द ही 50 बेड का पहला एकीकृत आयुर्वेदिक अस्पताल का निर्माण होगा। एक एकड़ में बनने वाले इस अस्पताल की छत के नीचे लोगों को पांच विधाओं से जुड़ी आयुर्वेदिक चिकित्सकीय सेवाएं मिल सकेंगी। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी के पत्राचार पर प्रशासन ने भूमि की तलाश करनी शुरू कर दी है।
जिले में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर करने के लिए एक और सौगात मिल गई है। राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत पहला 50 बेड का एकीकृत आयुर्वेदिक अस्पताल का निर्माण होगा। इस अस्पताल का निर्माण होने से मरीजों को आयुर्वेद, नेचुरोपैथी, यूनानी, सिद्धा व होम्योपैथी विद्या से इलाज की सुविधा मिलेगी। यानि एक ही अस्पताल में अलग-अलग विधा से मरीजों को इलाज कराने में सहूलियत मिलेंगी। जमीन मिलने पर भी अस्पताल के निर्माण की मंजूरी मिल जाएगी। जमीन की उपलब्धता के लिए आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी एके राणा ने जिलाधिकारी को पत्र भेजा है। वहीं जिलाधिकारी मेधा रूपम ने जमीन चिन्हित करने के लिए सभी तहसीलदारों को निर्देश दिए हैं। अस्पताल के लिए शहरी क्षेत्र से अधिकतम 10 किलोमीटर के दायरे में जमीन की तलाश की जा रही है।
ओपीडी व आईपीडी की मिलेगी सुविधा
50 बेड के बनने वाले आयुष अस्पताल में मरीजों को विभिन्न विद्याओं के विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श की सुविधा तो मिलेगी ही। साथ ही गंभीर मरीजों को भर्ती भी किया जाएगा। हर विधा के लिए 10-10 बेड के वार्ड आरक्षित रहेंगे।
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यह मिलेंगे लाभ
- गंभीर बीमारी के इलाज कराने के कई विकल्प होंगे।
- आसानी से लोगों को मिल सकेंगी आयुष की सेवाएं।
- मरीज पंचकर्म व क्षार सूत्र से भी करा सकेंगे इलाज।
- एक ही छत के नीचे पांच विधाओं से इलाज की सुविधा होगी।
कोट -
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक व यूनानी अधिकारी एके राणा ने बताया कि जिले में पहला एकीकृत आयुष अस्पताल के निर्माण की मंजूरी मिली है। भूमि के लिए जिलाधिकारी को पत्र लिखा गया है। उन्होंने भूमि तलाश की प्रक्रिया पूरी करने के आगे के लिए निर्देश दिए हैं। भूमि उपलब्ध होते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
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हापुड़। जिले में जल्द ही 50 बेड का पहला एकीकृत आयुर्वेदिक अस्पताल का निर्माण होगा। एक एकड़ में बनने वाले इस अस्पताल की छत के नीचे लोगों को पांच विधाओं से जुड़ी आयुर्वेदिक चिकित्सकीय सेवाएं मिल सकेंगी। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी के पत्राचार पर प्रशासन ने भूमि की तलाश करनी शुरू कर दी है।
जिले में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर करने के लिए एक और सौगात मिल गई है। राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत पहला 50 बेड का एकीकृत आयुर्वेदिक अस्पताल का निर्माण होगा। इस अस्पताल का निर्माण होने से मरीजों को आयुर्वेद, नेचुरोपैथी, यूनानी, सिद्धा व होम्योपैथी विद्या से इलाज की सुविधा मिलेगी। यानि एक ही अस्पताल में अलग-अलग विधा से मरीजों को इलाज कराने में सहूलियत मिलेंगी। जमीन मिलने पर भी अस्पताल के निर्माण की मंजूरी मिल जाएगी। जमीन की उपलब्धता के लिए आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी एके राणा ने जिलाधिकारी को पत्र भेजा है। वहीं जिलाधिकारी मेधा रूपम ने जमीन चिन्हित करने के लिए सभी तहसीलदारों को निर्देश दिए हैं। अस्पताल के लिए शहरी क्षेत्र से अधिकतम 10 किलोमीटर के दायरे में जमीन की तलाश की जा रही है।
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ओपीडी व आईपीडी की मिलेगी सुविधा
50 बेड के बनने वाले आयुष अस्पताल में मरीजों को विभिन्न विद्याओं के विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श की सुविधा तो मिलेगी ही। साथ ही गंभीर मरीजों को भर्ती भी किया जाएगा। हर विधा के लिए 10-10 बेड के वार्ड आरक्षित रहेंगे।
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यह मिलेंगे लाभ
- गंभीर बीमारी के इलाज कराने के कई विकल्प होंगे।
- आसानी से लोगों को मिल सकेंगी आयुष की सेवाएं।
- मरीज पंचकर्म व क्षार सूत्र से भी करा सकेंगे इलाज।
- एक ही छत के नीचे पांच विधाओं से इलाज की सुविधा होगी।
कोट -
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक व यूनानी अधिकारी एके राणा ने बताया कि जिले में पहला एकीकृत आयुष अस्पताल के निर्माण की मंजूरी मिली है। भूमि के लिए जिलाधिकारी को पत्र लिखा गया है। उन्होंने भूमि तलाश की प्रक्रिया पूरी करने के आगे के लिए निर्देश दिए हैं। भूमि उपलब्ध होते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।