फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hapur News ›   hapur news

पांच साल में घट गए 26 हजार दुधारू पशु, दूध का उत्पादन भी कम

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 22 Jun 2022 10:03 PM IST
विज्ञापन
hapur news
पांच साल में घट गए 26 हजार दुधारू पशु, दूध का उत्पादन भी कम
विज्ञापन

हापुड़। दुग्ध संकट से जिला जूझ रहा है, पशुपालकों के पास सिर्फ 76 हजार दुधारू पशु बचे हैं, जिनसे प्रतिदिन महज 3.33 लाख लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। जबकि खपत छह लाख लीटर से अधिक है। जबकि पांच साल पहले जिले में 1.02 लाख दुधारू पशु थे। बाजारों में बिक्री किया जा रहा दूध शुद्धता के मानक पर खरा नहीं उतरता, इसी वर्ष खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में 35 सैंपल में 12 अद्योमानक पाए गए हैं। जबकि तीन साल में 52 सैंपल फेल हुए हैं।
पिछले दो सालों में चारा, रातब के दाम आसमान पर पहुंच गए हैं। दूध की कीमतों में बढ़ोत्तरी नहीं हो रही। इसका असर पशुपालकों की आर्थिक हालत पर पड़ा है। गांवों में जो किसान दर्जनों पशु रखते थे, आज उन्होंने सिर्फ अपनी जरूरत के अनुसार ही पशु रखे हुए हैं। बहुत से ग्रामीण डेयरियों से ही दूध खरीदकर पी रहे हैं। उत्पादन की कमी होते हुए भी बाजारों में भरपूर दूध मिल रहा है, लेकिन इसकी शुद्धता का कोई मानक तय नहीं है।
विज्ञापन

पशुपालन विभाग की गणना के अनुसार जिले में कुल पशुओं की संख्या 348901 है। लेकिन इसमें 76520 ही दूध देने लायक हैं। नस्ल सुधार के कोई खास कार्यक्रम जिले में नहीं चलते। जिसके चलते यहां के पशुओं का दुग्ध उत्पादन भी बेहद कम है, पशुपालन विभाग भैंसों का औसत दुग्ध उत्पादन 4.6 लीटर प्रतिदिन प्रति भैंस और 4.3 लीटर प्रतिदिन प्रति गाय के हिसाब से गणना करता है। जबकि एक दुधारू पशु पर प्रतिदिन 250 रुपये से अधिक का खर्चा आता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

एक सामान्य व्यक्ति को प्रतिदिन 250 ग्राम दूध की जरूरत
शरीर को पोषण देने के लिए एक सामान्य व्यक्ति को प्रतिदिन 250 ग्राम दूध की आवश्यकता होती है। लेकिन उत्पादन के हिसाब से देखे तो जिले के एक व्यक्ति को 100 ग्राम दूध भी नहीं मिल पाएगा। ऐसे में पूर्ति किस तरह हो रही होगी, इसका खुद अंदाजा लगाया जा सकता है।
जिले में पशुओं की स्थिति
कुल पशु---348901
कुल मवेशी---246786
दुधारू मवेशी--54120
कुल दुग्ध उत्पादन--2.43 लाख लीटर प्रतिदिन
कुल गोवंश---102115
दुधारू गोवंश---22400
कुल दुग्ध उत्पादन--90 हजार लीटर प्रतिदिन
--
(नोट : सीवीओ डॉ. प्रमोद कुमार के अनुसार जिले में प्रति भैंस प्रतिदिन औसतन 4.6 लीटर दूध और प्रति गाय प्रतिदिन औसतन 4.3 लीटर दुग्ध उत्पादन है। )
दूध में इन चीजों की होती है मिलावट
नकली दूध तैयार करने के लिए इस गोरखधंधे में जुटे लोग डिटर्जेंट पाउडर, साबुन, सिथेंटिक दूध का इस्तेमाल करते हैं और दूध में फैट बढ़ाने के लिए वेजिटेबल ऑयल इस्तेमाल किया जाता है। दही, पनीर, मक्खन और क्रीम बनाने में भी हानिकारक रसायनों का इस्तेमाल किया जाता है।
मिलावटी दूध से लीवर, किडनी डैमेज होने का खतरा-
फिजिशियन डॉ हरिओम सिंह के अनुसासर लगातार मिलावटी दूध पीते रहने से इंटेस्टाइन, लीवर या किडनी डैमेज जैसी खतरनाक बीमारियां हो सकती हैं। खास कर मिलावटी दूध से बच्चों के ग्रोथ पर असर पड़ता है। उसे दूध पचने में परेशानी होती है और पेट दर्द, डायरिया, फूड प्वाइजनिंग जैसी समस्या बच्चों में देखने को मिलती हैं। कैंसर का भी यह कारण बन सकता है।
--
-पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए लग रहे कैंप
पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए कैंप लगाए जा रहे हैं। गोशालाओं से भी पशुपालक गाय ले सकते हैं। दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने के लिए नस्ल सुधार के कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं।--डॉ प्रमोद कुमार, सीवीओ।
-तीन साल में 52 सैंपल हुए हैं फेल-
दुग्ध की शुद्धता को मापने के लिए तीन साल में भरे सैंपल की जांच रिपोर्ट मिल गई है, इन तीन सालों में 52 सैंपल फेल पाए गए हैं। अधिकांश में पानी की मात्रा अधिक और फेट कम मिला है। कार्रवाई भी की गई है।--पवन कुमार, अभिहित अधिकारी।

फाइल संख्या 07 का जोड़---
पांच साल पहले थे 1.02 लाख दुधारू पशु
हापुड़।
जिले में पशु गणना के अनुसार पांच साल पहले तक दुधारू पशुओं की संख्या 1.02 लाख थी, साल दर साल इनके घटने का सिलसिला जारी है। अवैध कटान और महंगे संशाधनों के कारण पशुधन की संख्या कम हो रही है। हालांकि पशुपालन विभाग हर साल अपने आंकड़ों पर एक ही गणना को भरकर खामिया छुपाने में जुटा रहता है।
--
जतिन त्यागी 22एचपीआर21
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed