{"_id":"62aa0c900e393060b256f09e","slug":"hapur-news-hapur-news-gbd2400978125","type":"story","status":"publish","title_hn":"पिछले साल टूटा रिकॉर्ड, इस बार 2.34 फीसदी भी नहीं हुई गेहूं खरीद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पिछले साल टूटा रिकॉर्ड, इस बार 2.34 फीसदी भी नहीं हुई गेहूं खरीद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिछले साल टूटा रिकॉर्ड, इस बार 2.34 फीसदी भी नहीं हुई गेहूं खरीद
हापुड़। जिले में इस बार गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा करने में जनपद फिसड्डी साबित हुआ है। इस बार केवल 2.34 फीसदी ही गेहूं खरीद हुई है। जबकि पिछले साल जिले ने नौ साल का रिकॉर्ड तोड़ा था। हालांकि इस बार भी जिला मंडल में मेरठ के बाद दूसरे स्थान पर रहा है। शासन ने 30 जून तक गेहूं खरीद की तिथि भी बढ़ा दी है। वहीं मंगलवार शाम तक महज 668 किसानों से 842.25 मीट्रिक टन गेहूं की ही खरीद की जा चुकी है।
जिले में बड़े पैमाने पर गेहूं की खेती की जाती है। सरकार द्वारा हर साल गेहूं का एमएसपी तय किया जाता है, इस दाम पर सरकारी केंद्रों पर तो खरीद होती है, लेकिन बाजार में किसानों से मनचाहे दाम पर गेहूं लिया जाता है। इस बार गेहूं का समर्थन मूल्य 2015 रुपये प्रति क्विंटल रहा। जबकि बाजार में किसानों को इससे अधिक भाव मिला। जिसका नतीजा बेहद कम गेहूं की खरीद रही है। यह स्थिति तब रही, जब डीएम ने सख्ती करते हुए संबंधित अधिकारियों के वेतन तक भी रोक दिए थे। गांव-गांव जाकर अधिकारियों ने ग्रामीणों को गेहूं क्रय केंद्रों पर बिक्री करने के लिए प्रेरित किया। लेकिन अधिकारियों का कोई भी प्रयास गेहूं खरीद को नहीं बढ़ा सका।
पिछले कुछ वर्षों में गेहूं खरीद की स्थिति
वर्ष खरीद किसान भुगतान
2019-20 11966 3955 2225
2020-21 11951 3847 2302
2021-22 31055 9949 6133
2022-23 842.25 668 153.93
जिले में गेहूं बिक्री की स्थिति
सरकारी खरीद केंद्र----2015 रुपये/क्विंटल
बाजारों में खरीद-----2100-2200 रुपये/क्विंटल
कोट -
इस वर्ष गेहूं खरीद का लक्ष्य 36 हजार मीट्रिक टन घोषित था। हालांकि कम खरीद के बावजूद हापुड़ ने मंडल में दूसरा स्थान प्राप्त किया। शासन ने गेहूं खरीद की तिथि 30 जून तक कर दी है। -सुरेश यादव, जिला विपणन अधिकारी, हापुड़।
विज्ञापन
विज्ञापन
हापुड़। जिले में इस बार गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा करने में जनपद फिसड्डी साबित हुआ है। इस बार केवल 2.34 फीसदी ही गेहूं खरीद हुई है। जबकि पिछले साल जिले ने नौ साल का रिकॉर्ड तोड़ा था। हालांकि इस बार भी जिला मंडल में मेरठ के बाद दूसरे स्थान पर रहा है। शासन ने 30 जून तक गेहूं खरीद की तिथि भी बढ़ा दी है। वहीं मंगलवार शाम तक महज 668 किसानों से 842.25 मीट्रिक टन गेहूं की ही खरीद की जा चुकी है।
जिले में बड़े पैमाने पर गेहूं की खेती की जाती है। सरकार द्वारा हर साल गेहूं का एमएसपी तय किया जाता है, इस दाम पर सरकारी केंद्रों पर तो खरीद होती है, लेकिन बाजार में किसानों से मनचाहे दाम पर गेहूं लिया जाता है। इस बार गेहूं का समर्थन मूल्य 2015 रुपये प्रति क्विंटल रहा। जबकि बाजार में किसानों को इससे अधिक भाव मिला। जिसका नतीजा बेहद कम गेहूं की खरीद रही है। यह स्थिति तब रही, जब डीएम ने सख्ती करते हुए संबंधित अधिकारियों के वेतन तक भी रोक दिए थे। गांव-गांव जाकर अधिकारियों ने ग्रामीणों को गेहूं क्रय केंद्रों पर बिक्री करने के लिए प्रेरित किया। लेकिन अधिकारियों का कोई भी प्रयास गेहूं खरीद को नहीं बढ़ा सका।
विज्ञापन
पिछले कुछ वर्षों में गेहूं खरीद की स्थिति
वर्ष खरीद किसान भुगतान
2019-20 11966 3955 2225
2020-21 11951 3847 2302
2021-22 31055 9949 6133
2022-23 842.25 668 153.93
जिले में गेहूं बिक्री की स्थिति
सरकारी खरीद केंद्र----2015 रुपये/क्विंटल
बाजारों में खरीद-----2100-2200 रुपये/क्विंटल
कोट -
इस वर्ष गेहूं खरीद का लक्ष्य 36 हजार मीट्रिक टन घोषित था। हालांकि कम खरीद के बावजूद हापुड़ ने मंडल में दूसरा स्थान प्राप्त किया। शासन ने गेहूं खरीद की तिथि 30 जून तक कर दी है। -सुरेश यादव, जिला विपणन अधिकारी, हापुड़।
विज्ञापन