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जिला अस्पताल लिखी गाडियां बांट रहीं पार्सल
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बृहस्पतिवार को चंडी रोड पर पार्सल बॉटने का कार्य करती जिला अस्पताल लिखी गाड़ी । संवाद
- फोटो : HAPUR
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जिला अस्पताल लिखी गाड़ियां बांट रहीं पार्सल
हापुड़। जिला अस्पताल की सेवार्थ लिखी गाड़ियां निजी कंपनियों को पार्सल बांट रही हैं। शहर की गली, मोहल्लों में ऐसे वाहन देखे जा सकते हैं। पुलिस, एआरटीओ की आंखों में धूल झोंकने के लिए ऐसे वाहनों का सहारा लिया जा रहा है।
बृहस्पतिवार को चंडी रोड पर जिला अस्पताल मेरठ का पता लिखी गाड़ी एक कंपनी का पार्सल उतार रही थी। चालक से पूछताछ में पता चला कि पहले गाड़ी जिला अस्पताल के लिए कार्य करती थी। दूसरे अस्पतालों का मेडिकल वेस्टेज भी इससे लाया जाता था। लेकिन अब टेंडर समाप्त होने के कारण गाड़ी को एक प्राइवेट कंपनी में लगाया गया है।
इसके अलावा गढ़ रोड और बुलंदशहर रोड पर भी इसी तरह की गाड़ियां चलाए जाने की बात सामने आयी। जिला अस्पताल लिखे होने के कारण पुलिस, परिवहन विभाग के अधिकारी भी इन वाहनों पर हाथ नहीं डालते। क्योंकि उन्हें लगता है कि इनसे जरूरत की चीजें ही अस्पताल में भेजी जा रही हैं। ऐसे में अधिकारी सजग नहीं हुए तो इन गाड़ियों का इस्तेमाल अन्य कार्यों में भी किया जा सकता है।
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एआरटीओ प्रवर्तन महेश शर्मा का कहना है कि ऐसे वाहनों की अब जांच की जाएगी। गलत तरीके से संचालन पर सख्त कार्रवाई होगी।
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हापुड़। जिला अस्पताल की सेवार्थ लिखी गाड़ियां निजी कंपनियों को पार्सल बांट रही हैं। शहर की गली, मोहल्लों में ऐसे वाहन देखे जा सकते हैं। पुलिस, एआरटीओ की आंखों में धूल झोंकने के लिए ऐसे वाहनों का सहारा लिया जा रहा है।
बृहस्पतिवार को चंडी रोड पर जिला अस्पताल मेरठ का पता लिखी गाड़ी एक कंपनी का पार्सल उतार रही थी। चालक से पूछताछ में पता चला कि पहले गाड़ी जिला अस्पताल के लिए कार्य करती थी। दूसरे अस्पतालों का मेडिकल वेस्टेज भी इससे लाया जाता था। लेकिन अब टेंडर समाप्त होने के कारण गाड़ी को एक प्राइवेट कंपनी में लगाया गया है।
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इसके अलावा गढ़ रोड और बुलंदशहर रोड पर भी इसी तरह की गाड़ियां चलाए जाने की बात सामने आयी। जिला अस्पताल लिखे होने के कारण पुलिस, परिवहन विभाग के अधिकारी भी इन वाहनों पर हाथ नहीं डालते। क्योंकि उन्हें लगता है कि इनसे जरूरत की चीजें ही अस्पताल में भेजी जा रही हैं। ऐसे में अधिकारी सजग नहीं हुए तो इन गाड़ियों का इस्तेमाल अन्य कार्यों में भी किया जा सकता है।
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एआरटीओ प्रवर्तन महेश शर्मा का कहना है कि ऐसे वाहनों की अब जांच की जाएगी। गलत तरीके से संचालन पर सख्त कार्रवाई होगी।