फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hapur News ›   hapur news

गर्मी से गहूं की फसल को नुकसान, 20 फीसदी उत्पादन कम

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 23 Apr 2022 10:21 PM IST
विज्ञापन
hapur news
गांव में मशीन से गेहू निकालते ग्रामीण । संवाद - फोटो : HAPUR
गर्मी से गेहूं की फसल को नुकसान, 20 फीसदी उत्पादन कम
विज्ञापन

हापुड़। जिले के गेहूं की निकासी ने रफ्तार पकड़ ली है, लेकिन गर्मी के कारण 20 फीसदी उत्पादन हुआ है। पहले बेमौसम बरसात और उसके बाद बढ़ते तापमान से फसल के उत्पादन पर असर पड़ा है। भूसे की निकासी भी कम होने के कारण सीजन में इसके दाम बढ़ रहे हैं। बाजार में 800 रुपये/क्विंटल तक भूसा बिक रहा है। हालांकि कृषि विभाग की क्रॉप कटिंग संबंधी रिपोर्ट पर जिला प्रशासन की मुहर नहीं लगी है।
जिले के 45 हजार हेक्टेयर रकबे में गेहूं की बुवाई की गई है। शुरूआत में मौसम फसल के लिए अनुकूल रहा। लेकिन इसके बाद बेमौसम बरसात और मार्च महीने में ही अचानक तापमान बढ़ने से फसल प्रभावित हो गई। जिन खेतों में नवंबर तक गेहूं की बुवाई हो गई, वहां उत्पादन काफी हद तक ठीक निकल रहा है, जबकि इसके बाद जहां भी गेहूं बुवाई हुई वहां उत्पादन कम हुआ।
विज्ञापन

किसानों ने बताया कि एक बीघा में आठ मन (करीब 320 किलोग्राम) गेहूं की निकासी होती है, जो उत्पादन का न्यूनतम मानक है। इससे अधिक ही उत्पादन होता है, लेकिन इस साल 300 किलोग्राम तक भी एक बीघा में गेहूं नहीं निकल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

भूसे के दाम आसमान पर
खेतों में गन्ना की फसल लगभग खत्म होने को है, ऐसे पशुपालन जिनके पास जमीन नहीं है। उन्हें बाजार से भूसा खरीदना पड़ता है, पूरे साल का भूसा सीजन में ही कम दाम पर खरीदते हैं। लेकिन इस साल सीजन में भी भूसे के दाम 800 रुपये/क्विंटल तक हैं।
क्रॉप कटिंग की रिपोर्ट सौंपी
कृषि विभाग द्वारा गेहूं फसल की क्रॉप कटिंग कराई गई थी। जिसकी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी गई है, लेकिन इस रिपोर्ट पर अभी फाइनल मुहर नहीं लग सकी है। रिपोर्ट के आने पर ही पिछले वर्ष से इस साल के उत्पादन की तुलना की बात अफसर कर रहे हैं।
सिर्फ 0.77 फीसदी हुई गेहूं की खरीद
जिले में खुले सरकारी गेहूं खरीद केंद्रों पर लक्ष्य के अनुरूप गेहूं नहीं पहुंच रहा है। शासन से जिले में 36 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य मिला है, लेकिन केंद्रों पर सिर्फ 0.77 फीसदी ही गेहूं खरीदा जा सका है। इस पर डीएम मेधा रूपम ने कैंप कार्यालय में बैठक कर, नाराजगी जताई है। हालांकि खरीद न होने का बड़ा कारण निजी बाजार में गेहूं का दाम अधिक होना भी है।
लागत निकालना भी मुश्किल
पिछले वर्षों के मुकाबले इस बार गेहूं 20 फीसदी तक कम निकला है। पछैते गेहूं में उत्पादन और भी कम होने के आसार हैं। ऐसे में लागत निकाल पाना भी मुश्किल हो जाएगा। - नरेंद्र सहवाग, किसान।--फोटो संख्या--02
भूसे का भी उत्पादन कम
गेहूं की फसल की कटाई और निकासी चल रही है। गेहूं का उत्पादन काफी कम है, साथ ही भूसा भी कम ही निकल रहा है। सरकार को एमएसपी 2500 रुपये/क्विंटल करनी चाहिए। - अमरेंद्र सिद्धू।--फोटो संख्या--03

कोट -
गेहूं के उत्पादन की स्थिति का जायजा लेने के लिए ग्राम पंचायत वार क्रॉप कटिंग कराई गई थी। इसकी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपी है। जल्द ही रिपोर्ट वहां से प्राप्त हो जाएगी, इसके बाद ही वास्तविक स्थिति को बताया जा सकेगा। - मनोज कुमार, जिला कृषि अधिकारी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed