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बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में दोषी को आजीवन कारावास
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बच्ची से दुष्कर्म और हत्या मामले में दोषी को आजीवन कारावास
हापुड़। अपर जिला जज विशेष/न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट ने छह वर्षीय मासूम के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या करने वाले दोषी को अंतिम सांस तक कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 75 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। न्यायालय ने केवल 44 कार्य दिवस के अंदर ही सभी न्यायिक प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।
विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट हरेंद्र त्यागी ने बताया कि नगर के एक मोहल्ला निवासी ने कोतवाली में तहरीर दी है। जिसमें उसने कहा कि दो दिसंबर 2021 को उसकी छह वर्षीय पुत्री घर से बाहर खेलने के लिए गई थी। जिसके बाद वह घर वापस नहीं आई। जिसकी काफी तलाश करने पर भी वह नहीं मिली। कुछ लोगों ने उन्हें बताया कि उनकी पुत्री को पड़ोसी अमजद पुत्र इलियास के घर पर देखा था। जब हमने अमजद के घर पर जाकर देखा तो मकान के मुख्य द्वार पर ताला लगा हुआ था। जिसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी। चार दिसंबर को मोहल्ले वासियों के सहयोग से अमजद के घर अंदर जाकर देखा तो पुलिस को मासूम का शव एक संदूक में मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। जिसमें बच्ची के साथ दुष्कर्म कर हत्या पाया गया। जिस पर पुलिस ने मामला उचित धाराओं में दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया।
मामले की सुनवाई करते हुए अपर जिला जज/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट श्वेता दीक्षित ने बुधवार को आरोपी को दोषी करार देते हुए अंतिम सांस तक आजीवन कारावास की सजा के साथ ही 75 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। विशेष लोक अभियोजक हरेंद्र त्यागी ने बताया कि उक्त मामले में न्यायालय द्वारा पूरी प्रक्रिया मात्र 44 कार्य दिवस में पूरी कर दोषी को सजा सुनाई है। उन्होंने बताया कि अपराध इतना संगीन था कि न्यायालय ने दोषी को जमानत नहीं दी थी। जिसके चलते दोषी घटना के बाद से जेल में बंद है। उन्होंने बताया कि न्यायाधीश ने मृतक बच्ची के पिता को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दो लाख रुपये की राहत राशि देने के भी आदेश किए है। प्राधिकरण के पास फंड न होने की स्थिति में जिलाधिकारी एक माह के अंदर उक्त राशि मृतक बच्ची के पिता को देने के भी आदेश किए है।
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हापुड़। अपर जिला जज विशेष/न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट ने छह वर्षीय मासूम के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या करने वाले दोषी को अंतिम सांस तक कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 75 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। न्यायालय ने केवल 44 कार्य दिवस के अंदर ही सभी न्यायिक प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।
विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट हरेंद्र त्यागी ने बताया कि नगर के एक मोहल्ला निवासी ने कोतवाली में तहरीर दी है। जिसमें उसने कहा कि दो दिसंबर 2021 को उसकी छह वर्षीय पुत्री घर से बाहर खेलने के लिए गई थी। जिसके बाद वह घर वापस नहीं आई। जिसकी काफी तलाश करने पर भी वह नहीं मिली। कुछ लोगों ने उन्हें बताया कि उनकी पुत्री को पड़ोसी अमजद पुत्र इलियास के घर पर देखा था। जब हमने अमजद के घर पर जाकर देखा तो मकान के मुख्य द्वार पर ताला लगा हुआ था। जिसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी। चार दिसंबर को मोहल्ले वासियों के सहयोग से अमजद के घर अंदर जाकर देखा तो पुलिस को मासूम का शव एक संदूक में मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। जिसमें बच्ची के साथ दुष्कर्म कर हत्या पाया गया। जिस पर पुलिस ने मामला उचित धाराओं में दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया।
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मामले की सुनवाई करते हुए अपर जिला जज/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट श्वेता दीक्षित ने बुधवार को आरोपी को दोषी करार देते हुए अंतिम सांस तक आजीवन कारावास की सजा के साथ ही 75 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। विशेष लोक अभियोजक हरेंद्र त्यागी ने बताया कि उक्त मामले में न्यायालय द्वारा पूरी प्रक्रिया मात्र 44 कार्य दिवस में पूरी कर दोषी को सजा सुनाई है। उन्होंने बताया कि अपराध इतना संगीन था कि न्यायालय ने दोषी को जमानत नहीं दी थी। जिसके चलते दोषी घटना के बाद से जेल में बंद है। उन्होंने बताया कि न्यायाधीश ने मृतक बच्ची के पिता को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दो लाख रुपये की राहत राशि देने के भी आदेश किए है। प्राधिकरण के पास फंड न होने की स्थिति में जिलाधिकारी एक माह के अंदर उक्त राशि मृतक बच्ची के पिता को देने के भी आदेश किए है।
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