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दफ्तरों में रात भर चला काम, करोड़ों रुपये शासन में सरेंडर
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दफ्तरों में रात भर चला काम, करोड़ों रुपये शासन में सरेंडर
हापुड़। वित्तीय वर्ष 2021-22 में जिले के अधिकांश विभाग पूरा बजट खर्च नहीं कर पाए हैं। विभागों का बजट शासन में सरेंडर हो गया है। नए सत्र में अब विभागों को विकास कार्यों के लिए बजट मिलेगा। देर रात्रि तक विभागों में बजट के लेखा-जोखा का कार्य चलता रहा है। आज से विभागों में नए वित्तीय वर्ष के लिए कार्य होगा।
प्रत्येक वित्तीय वर्ष में जिले के विकास के लिए शासन द्वारा सभी विभागों को बजट दिया जाता है। योजनाओं के हिसाब से विभाग के खातों में बजट आता है। वित्तीय वर्ष शुरू होने से पहले अफसरों को यह बजट 31 मार्च तक खर्च करना पड़ता है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में जिले के विकास के लिए काफी बजट मिला था, इसमें कुछ विभागों न तो बजट का पूरा उपभोग कर लिया है लेकिन कुछ विभाग बजट खर्च ही नहीं कर पाए , जिसके कारण उन्हें यह बजट शासन में सरेंडर करना पड़ा। देर रात्रि तक विभाग खुले और बजट को लेकर कार्य चलता रहा। बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, लोक निर्माण विभाग, पंचायत राज विभाग सहित अन्य विभागों से शासन में देर बजट सरेंडर किया है। हालांकि काफी विभागों को देर रात नया बजट भी मिला है। अफसरों द्वारा इसका भी पूरा ब्योरा एकत्र किया जा रहा है।
ये रही विभागों की स्थिति -
विभाग मिली धनराशि सरेंडर की गई धनराशि
एक्ससाइज कार्यालय 1,83,38014 172223
कृषि विभाग 9,69,39449 6374013
भूमि संरक्षण विभाग 61,87658 247429
पंचायती राज 17,41,54475 29,16980
पशुपालन विभाग 9,96,88180 47,63765
पुलिस 171,3433846 72384871
रजिस्ट्रेशन कार्यालय 11,852250 2228374
होम्योपैथी 27783000 1567390
जिला कार्यक्रम कार्यालय 26024147 9800233
पीडब्ल्यूडी 102280034 12976734
वन विभाग 37827317 5279406
शिक्षा विभाग 10,51,48199 20635137
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हापुड़। वित्तीय वर्ष 2021-22 में जिले के अधिकांश विभाग पूरा बजट खर्च नहीं कर पाए हैं। विभागों का बजट शासन में सरेंडर हो गया है। नए सत्र में अब विभागों को विकास कार्यों के लिए बजट मिलेगा। देर रात्रि तक विभागों में बजट के लेखा-जोखा का कार्य चलता रहा है। आज से विभागों में नए वित्तीय वर्ष के लिए कार्य होगा।
प्रत्येक वित्तीय वर्ष में जिले के विकास के लिए शासन द्वारा सभी विभागों को बजट दिया जाता है। योजनाओं के हिसाब से विभाग के खातों में बजट आता है। वित्तीय वर्ष शुरू होने से पहले अफसरों को यह बजट 31 मार्च तक खर्च करना पड़ता है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में जिले के विकास के लिए काफी बजट मिला था, इसमें कुछ विभागों न तो बजट का पूरा उपभोग कर लिया है लेकिन कुछ विभाग बजट खर्च ही नहीं कर पाए , जिसके कारण उन्हें यह बजट शासन में सरेंडर करना पड़ा। देर रात्रि तक विभाग खुले और बजट को लेकर कार्य चलता रहा। बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, लोक निर्माण विभाग, पंचायत राज विभाग सहित अन्य विभागों से शासन में देर बजट सरेंडर किया है। हालांकि काफी विभागों को देर रात नया बजट भी मिला है। अफसरों द्वारा इसका भी पूरा ब्योरा एकत्र किया जा रहा है।
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ये रही विभागों की स्थिति -
विभाग मिली धनराशि सरेंडर की गई धनराशि
एक्ससाइज कार्यालय 1,83,38014 172223
कृषि विभाग 9,69,39449 6374013
भूमि संरक्षण विभाग 61,87658 247429
पंचायती राज 17,41,54475 29,16980
पशुपालन विभाग 9,96,88180 47,63765
पुलिस 171,3433846 72384871
रजिस्ट्रेशन कार्यालय 11,852250 2228374
होम्योपैथी 27783000 1567390
जिला कार्यक्रम कार्यालय 26024147 9800233
पीडब्ल्यूडी 102280034 12976734
वन विभाग 37827317 5279406
शिक्षा विभाग 10,51,48199 20635137