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तीन छात्र यूक्रेन से घर लौटे, विकल्प फ्लाइट पर हुआ सवार
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यूक्रेन से वापस भारत वापस लौटे गांव देहरा निवासी सलमान अपने परिवार के साथ
- फोटो : HAPUR
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राहत : तीन छात्र यूक्रेन से लौटे घर, विकल्प फ्लाइट पर हुआ सवार
हापुड़। जिले के लिए राहत भरी खबर है, जिले के तीन और छात्र यूक्रेन से घर वापस आ गए हैं। वहीं, 30 घंटे संपर्क से बाहर रहने के बाद कृष्णा गली निवासी विकल्प भी फ्लाइट में सवार हो गया। कुल मिलाकर अभी तक जिले के कुल 23 छात्रों से छह छात्रों की घर वापसी हो चुकी है। बाकी के भी जल्द घर आने की उम्मीद है। घर लौट रहे छात्रों ने यहां पहुंचकर अपने अनुभव बताए।
सरावनी निवासी जिशान मंगलवार को रोमानिया से फ्लाइट में सवार होकर देर शाम दिल्ली उतारा और रात करीब दो बजे चाचा और भाई के साथ घर पहुंचा। जिशान के घर पहुंचने पर उसके परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। जिशान ने बताया कि ठंड और भूख में दो दिन गुजारने पड़े और 12 किलोमीटर पैदल चलने के बाद एयरपोर्ट तक पहुंचे। सरकार की मदद से वह अपने घर सकुशल पहुंच गए हैं। पिता रिजवान, मां गुलिस्ता ने भारत सरकार को धन्यवाद दिया।
धौलाना के गांव देहरा निवासी सलमान ओडेसा में फंसे थे। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को एयर स्ट्राइक के बीच ही उन्होंने ओडेसा छोड़ दिया था। यही समझदारी उनके काम आई, जो लोग बाद में आने की सोचकर यूनिवर्सिटी में ठहर गए थे, उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ी। थोड़ी बहुत परेशानियों को छोड़ दे तो कोई खास परेशानी नहीं हुई। भारत का झंडा लगा बसों की चेकिंग नहीं हुई वह सीधे बॉर्डर पार कर गए।
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मंगलवार देर शाम बुलंदशहर रोड निवासी मोहम्मद फैसल सकुशल अपने घर पहुंच गया। फैसल ने बताया कि यहां पहुंचने में काफी परेशानी आई। ग्रुप में होने के कारण उनकी हिम्मत लगातार बंधी रही। इवानो फ्रैकिस्व्क में फंसे होने का मंजर कभी भी नहीं भूल पाएंगे। अभी भी बहुत से भारतीय छात्र छात्राएं वहां फंसे हुए हैं। सरकार देर से सक्रिय हुई, लेकिन यह सक्रियता छात्रों के लिए सुखद है।
30 घंटे बाद विकल्प का पािजनों से हुआ संपर्क
कृष्णा गली निवासी विकल्प भारद्वाज माल्दोवा में फंसा हुआ था, विकल्प वहां आर्मी कैंप में था। मंगलवार दोपहर एक बजे से उसका संपर्क परिजनों से टूट गया। बुधवार दोपहर तक भी उसकी कोई खबर नहीं आई तो परिजनों का धैर्य जवाब दे गया। परिजनों ने प्रशासन से भी गुहार लगाई। देर शाम विकल्प प्लेन मे सवार हुआ तो परिजनों ने राहत की सांस ली। परिजनों ने बताया कि विकल्प का फोन बंद हो गया था। चार्ज हुआ तो उसने प्लेन में सवार होकर टिकट के साथ अपनी फोटो भेजी।
कोट
सभी छात्रों की जल्द वापसी की उम्मीद
एडीएम श्रद्धा शांडिल्यायन ने बताया कि यूक्रेन में फंसे अधिकतर छात्र उनके संपर्क में हैं और अब छात्रों की वतन वापसी तेज हो गई है। उम्मीद है कि जल्द ही सभी छात्र अपने घर पहुंच जाएंगे। लगातार इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
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हापुड़। जिले के लिए राहत भरी खबर है, जिले के तीन और छात्र यूक्रेन से घर वापस आ गए हैं। वहीं, 30 घंटे संपर्क से बाहर रहने के बाद कृष्णा गली निवासी विकल्प भी फ्लाइट में सवार हो गया। कुल मिलाकर अभी तक जिले के कुल 23 छात्रों से छह छात्रों की घर वापसी हो चुकी है। बाकी के भी जल्द घर आने की उम्मीद है। घर लौट रहे छात्रों ने यहां पहुंचकर अपने अनुभव बताए।
सरावनी निवासी जिशान मंगलवार को रोमानिया से फ्लाइट में सवार होकर देर शाम दिल्ली उतारा और रात करीब दो बजे चाचा और भाई के साथ घर पहुंचा। जिशान के घर पहुंचने पर उसके परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। जिशान ने बताया कि ठंड और भूख में दो दिन गुजारने पड़े और 12 किलोमीटर पैदल चलने के बाद एयरपोर्ट तक पहुंचे। सरकार की मदद से वह अपने घर सकुशल पहुंच गए हैं। पिता रिजवान, मां गुलिस्ता ने भारत सरकार को धन्यवाद दिया।
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धौलाना के गांव देहरा निवासी सलमान ओडेसा में फंसे थे। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को एयर स्ट्राइक के बीच ही उन्होंने ओडेसा छोड़ दिया था। यही समझदारी उनके काम आई, जो लोग बाद में आने की सोचकर यूनिवर्सिटी में ठहर गए थे, उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ी। थोड़ी बहुत परेशानियों को छोड़ दे तो कोई खास परेशानी नहीं हुई। भारत का झंडा लगा बसों की चेकिंग नहीं हुई वह सीधे बॉर्डर पार कर गए।
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मंगलवार देर शाम बुलंदशहर रोड निवासी मोहम्मद फैसल सकुशल अपने घर पहुंच गया। फैसल ने बताया कि यहां पहुंचने में काफी परेशानी आई। ग्रुप में होने के कारण उनकी हिम्मत लगातार बंधी रही। इवानो फ्रैकिस्व्क में फंसे होने का मंजर कभी भी नहीं भूल पाएंगे। अभी भी बहुत से भारतीय छात्र छात्राएं वहां फंसे हुए हैं। सरकार देर से सक्रिय हुई, लेकिन यह सक्रियता छात्रों के लिए सुखद है।
30 घंटे बाद विकल्प का पािजनों से हुआ संपर्क
कृष्णा गली निवासी विकल्प भारद्वाज माल्दोवा में फंसा हुआ था, विकल्प वहां आर्मी कैंप में था। मंगलवार दोपहर एक बजे से उसका संपर्क परिजनों से टूट गया। बुधवार दोपहर तक भी उसकी कोई खबर नहीं आई तो परिजनों का धैर्य जवाब दे गया। परिजनों ने प्रशासन से भी गुहार लगाई। देर शाम विकल्प प्लेन मे सवार हुआ तो परिजनों ने राहत की सांस ली। परिजनों ने बताया कि विकल्प का फोन बंद हो गया था। चार्ज हुआ तो उसने प्लेन में सवार होकर टिकट के साथ अपनी फोटो भेजी।
कोट
सभी छात्रों की जल्द वापसी की उम्मीद
एडीएम श्रद्धा शांडिल्यायन ने बताया कि यूक्रेन में फंसे अधिकतर छात्र उनके संपर्क में हैं और अब छात्रों की वतन वापसी तेज हो गई है। उम्मीद है कि जल्द ही सभी छात्र अपने घर पहुंच जाएंगे। लगातार इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

यूक्रेन से भारत वापिस लौटने के लिए हवाई जहाज में बैठे स्वर्ग आश्रम रोड निवासी विकल्प भारद्वाज- फोटो : HAPUR

विकल्प से संपर्क टूटने के बाद भगवान से दुआ करते परिजन- फोटो : HAPUR

यूक्रेन से वापस भारत वापस लौटे गांव सरावली निवासी जिशान अपने परिवार के साथ- फोटो : HAPUR