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टिकट कराने के नाम पर 50 लाख रुपये वसूलने का आरोप, दंपती पर एफआईआर दर्ज
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टिकट दिलाने के नाम पर 50 लाख रुपये वसूलने का आरोप, दंपती पर मुकदमा
हापुड़। विधानसभा चुनाव में रुपये लेकर टिकटों के बंटवारे की चर्चाओं के बीच मेरठ निवासी एक सेवानिवृत्त सीओ ने हापुड़ के दो कथित सपा कार्यकर्ताओं पर टिकट दिलाने की एवज में 50 लाख रुपये वसूलने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने दोनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। मुकदमे के आधार पर पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। सपा जिलाध्यक्ष ने महिला व उसके पति से पार्टी का कोई लेना देना न होने की बात कही है।
मेरठ के शास्त्री नगर निवासी सेंसर पाल सिंह उत्तर प्रदेश पुलिस से सेवानिवृत्त सीओ हैं। सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने समाजवादी पार्टी की सदस्यता गृहण कर ली थी और चुनाव की तैयारियों में जुटे थे। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले उनकी मुलाकात थाना देहात क्षेत्र के मोहल्ला पन्नापुरी निवासी रीता चौधरी व उसके पति हरेंद्र उर्फ मोनू से हुई थी। दोनों ने खुद को सपा कार्यकर्ता बताते हुए उन्हें झांसे में ले लिया। दंपती ने उनकी पार्टी में उच्च स्तर के एक पदाधिकारियों से मुलाकात भी कराई। आरोप है कि 16 जनवरी को रीता चौधरी ने उन्हें फोन कर बताया कि वह लखनऊ में मौजूद हैं और सपा हाईकमान से टिकट के लिए बात हो गई है।
वह पीड़ित को सपा से विधायक पद का प्रत्याशी घोषित करा सकती है। टिकट दिलाने की एवज में 50 लाख रुपये की डिमांड की गई। 17 जनवरी को रीता चौधरी ने दोबारा फोन करके रुपये उसके बैंक खाते में डालने के लिए कहा। झांसे में आकर उन्होंने रीता के बैंक खाते में अपने खाते से 30 लाख व पत्नी पुष्पा के बैंक खाते से 20 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
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लेकिन इसके बाद दंपति ने उनका फोन उठाना बंद कर दिया। टिकट न मिलने पर पीड़ित ने दंपती से रुपये वापस मांगे। लेकिन, दंपती ने रुपये लौटाने से इंकार कर दिया। पीड़ित ने बुधवार को कोतवाली में तहरीर दी। सीओ एसएन वैभव पांडेय ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली है। खातों की जांच की जा रही है। जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उधर सपा जिलाध्यक्ष देवेेंद्र जाखड़ का कहना है कि आरोपी महिला पूर्व में सपा की नगर अध्यक्ष रही है। अब उसका या उसके पति का पार्टी से कोई लेना देना नहीं है।
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हापुड़। विधानसभा चुनाव में रुपये लेकर टिकटों के बंटवारे की चर्चाओं के बीच मेरठ निवासी एक सेवानिवृत्त सीओ ने हापुड़ के दो कथित सपा कार्यकर्ताओं पर टिकट दिलाने की एवज में 50 लाख रुपये वसूलने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने दोनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। मुकदमे के आधार पर पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। सपा जिलाध्यक्ष ने महिला व उसके पति से पार्टी का कोई लेना देना न होने की बात कही है।
मेरठ के शास्त्री नगर निवासी सेंसर पाल सिंह उत्तर प्रदेश पुलिस से सेवानिवृत्त सीओ हैं। सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने समाजवादी पार्टी की सदस्यता गृहण कर ली थी और चुनाव की तैयारियों में जुटे थे। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले उनकी मुलाकात थाना देहात क्षेत्र के मोहल्ला पन्नापुरी निवासी रीता चौधरी व उसके पति हरेंद्र उर्फ मोनू से हुई थी। दोनों ने खुद को सपा कार्यकर्ता बताते हुए उन्हें झांसे में ले लिया। दंपती ने उनकी पार्टी में उच्च स्तर के एक पदाधिकारियों से मुलाकात भी कराई। आरोप है कि 16 जनवरी को रीता चौधरी ने उन्हें फोन कर बताया कि वह लखनऊ में मौजूद हैं और सपा हाईकमान से टिकट के लिए बात हो गई है।
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वह पीड़ित को सपा से विधायक पद का प्रत्याशी घोषित करा सकती है। टिकट दिलाने की एवज में 50 लाख रुपये की डिमांड की गई। 17 जनवरी को रीता चौधरी ने दोबारा फोन करके रुपये उसके बैंक खाते में डालने के लिए कहा। झांसे में आकर उन्होंने रीता के बैंक खाते में अपने खाते से 30 लाख व पत्नी पुष्पा के बैंक खाते से 20 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
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लेकिन इसके बाद दंपति ने उनका फोन उठाना बंद कर दिया। टिकट न मिलने पर पीड़ित ने दंपती से रुपये वापस मांगे। लेकिन, दंपती ने रुपये लौटाने से इंकार कर दिया। पीड़ित ने बुधवार को कोतवाली में तहरीर दी। सीओ एसएन वैभव पांडेय ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली है। खातों की जांच की जा रही है। जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उधर सपा जिलाध्यक्ष देवेेंद्र जाखड़ का कहना है कि आरोपी महिला पूर्व में सपा की नगर अध्यक्ष रही है। अब उसका या उसके पति का पार्टी से कोई लेना देना नहीं है।