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आजादी के बाद कांग्रेस को मिला था जनसमर्थन
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आजादी के बाद कांग्रेस को मिला था जनसमर्थन
हापुड़। आजादी के बाद वर्ष 1951 तक हापुड़ विधानसभा क्षेत्र दो हिस्सों में विभाजित था। यह दोनों सीट हापुड़ नॉर्थ और हापुड़ साउथ के नाम से जाने जाती थीं। उस दौरान विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को एक तरफा जीत मिली थी। इसके बाद दो योजनाओं तक दोनों ही सीटों पर कांग्रेस का दबदबा रहा।
आजादी के बाद हापुड़ नॉर्थ और हापुड़ साउथ के नाम से दो विधानसभा सीट हुआ करती थीं। हापुड़ नॉर्थ से कांग्रेस की प्रकाशवती और हापुड़ साउथ से कांग्रेस के लुफ्त अली खान मैदान में उतरे थे। कांग्रेस की लहर में दोनों ही प्रत्याशियों की एक तरफा जीत हुई। उन्हें 60 से 65 फीसदी वोट प्राप्त हुए।
80 वर्षीय प्रेमचंद मिश्रा बताते हैं कि वह दौर कांग्रेस का था। पहले चुनाव में लोगों ने पार्टी को वोट दिया। कांग्रेस के अधिकतर प्रत्याशियों ने जीत हासिल की थी। लोगों के लिए चेहरा मायने नहीं रखता था। आजादी के बाद लोगों में मतदान के बाद उत्साह भी था। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी लंबी कतारें लग गई थी। अगले चुनाव में भी कांग्रेस का ही दबदबा रहा। लेकिन इसके बाद निर्दलीयों से कांग्रेस के प्रत्याशियों को चुनौती मिलने लगी।
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हापुड़। आजादी के बाद वर्ष 1951 तक हापुड़ विधानसभा क्षेत्र दो हिस्सों में विभाजित था। यह दोनों सीट हापुड़ नॉर्थ और हापुड़ साउथ के नाम से जाने जाती थीं। उस दौरान विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को एक तरफा जीत मिली थी। इसके बाद दो योजनाओं तक दोनों ही सीटों पर कांग्रेस का दबदबा रहा।
आजादी के बाद हापुड़ नॉर्थ और हापुड़ साउथ के नाम से दो विधानसभा सीट हुआ करती थीं। हापुड़ नॉर्थ से कांग्रेस की प्रकाशवती और हापुड़ साउथ से कांग्रेस के लुफ्त अली खान मैदान में उतरे थे। कांग्रेस की लहर में दोनों ही प्रत्याशियों की एक तरफा जीत हुई। उन्हें 60 से 65 फीसदी वोट प्राप्त हुए।
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80 वर्षीय प्रेमचंद मिश्रा बताते हैं कि वह दौर कांग्रेस का था। पहले चुनाव में लोगों ने पार्टी को वोट दिया। कांग्रेस के अधिकतर प्रत्याशियों ने जीत हासिल की थी। लोगों के लिए चेहरा मायने नहीं रखता था। आजादी के बाद लोगों में मतदान के बाद उत्साह भी था। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी लंबी कतारें लग गई थी। अगले चुनाव में भी कांग्रेस का ही दबदबा रहा। लेकिन इसके बाद निर्दलीयों से कांग्रेस के प्रत्याशियों को चुनौती मिलने लगी।
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