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डीएपी का कट्टा 1200 रुपये का, 1500 का बेच रहे दुकानदार
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डीएपी का कट्टा 1200 रुपये का, 1500 का बेच रहे दुकानदार
हापुड़। जिले में डीएपी खाद के लिए मारामारी मची है, इसका लाभ उठाकर खाद विक्रेता कालाबाजारी में लगे हैं। एक बैग पर 300 रुपये तक अधिक कीमत वसूली जा रही है। डीएपी के सरकारी रेट 1200 रुपये प्रति कट्टा है लेकिन दुकानदार 1500 रुपये में बेच रहे हैं। जिला कृषि अधिकारी ने डीएपी की कालाबाजारी करने वाले ऐसे ही तीन केंद्रों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं, आठ से अधिक को नोटिस जारी किए हैं। छोटे दुकानदार किसानों की आईडी पर समितियों से खाद खरीदकर, ऊंची कीमतों पर बिक्री कर रहे हैं। जिन पर शिकंजा कसने की तैयारी है।
आलू, गेहूं की बुवाई में डीएपी खाद की काफी आवश्यकता होती है। प्रदेशभर में खाद की किल्लत बनी हुई है। हापुड़ के पीसीएफ गोदाम में काफी मात्रा में डीएपी है, लेकिन यहां से खाद की सप्लाई काफी दिनों तक केंद्रों को नहीं की गई। इससे जिले में डीएपी संकट गहरा गया। इसका लाभ उठाकर उर्वरक विक्रेताओं ने भी कालाबाजारी शुरू कर दी। सैकड़ों बैग गोदाम में रखे होने के बावजूद किसानों को डीएपी नहीं दिया गया। मजबूरी में किसानों ने वास्तविक कीमत से 300 रुपये अधिक दाम पर डीएपी खरीदा। इसकी सूचना पर कृषि विभाग के अफसरों ने पोर्टल के जरिए पीओएस मशीन के स्टॉक का सत्यापन किया। इसमें बड़े पैमाने में गड़बड़ी का खुलासा हुआ। मामले की गंभीरता पर डीएपी की जमाखोरी को लेकर जिला कृषि अधिकारी मनोज कुमार ने तीन दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं।
तीन दिन में जवाब नहीं तो निरस्त होंगे लाइसेंस
डीएपी की जमाखोरी पर मैसर्स केन यूनियन बदनौली, मैसर्स फौजी ब्रदर्स खाद भंडार लोधीपुर, शर्मा ट्रेडिंग कंपनी हरसिंगपुर के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। तीन दिन के अंदर संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया तो सभी लाइसेंस निरस्त कर दिए जाएंगे। आठ दुकानदारों को अंतिम चेतावनी जारी की गई है। -मनोज कुमार, जिला कृषि अधिकारी।
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किसानों के नाम पर खरीद रहे डीएपी
जिले में बहुत से छोटे दुकानदार किसानों के नाम पर समितियों से डीएपी खरीद रहे हैं। किसानों को भले ही खाद नहीं मिल रहा, लेकिन इन दुकानदारों को आसानी से समितियों से खाद मिल जाता है। जिसे बढ़ी कीमतों पर किसानों को बिक्री किया जा रहा है।
मिलावटी खाद बेचने की मिल रही सूचना
जिले में बने खाद संकट को लेकर उर्वरक माफियाओं द्वारा जिले में मिलावटी उर्वरक खपाने की सूचना कृषि विभाग के अफसरों को मिल रही है। नगर के कई प्रतिष्ठानों पर इस तरह का खाद सप्लाई किया जा रहा है, जहां से किसानों को चोरी छिपे इसकी बिक्री हो रही है, जल्द कृषि विभाग के अफसर अभियान चलाएंगे।
गेहूं, आलू की बुवाई 15 दिन लेट
पीसीएफ गोदाम के अधिकारियों की अनदेखी ने जिले में आलू और गेहूं की बुवाई करीब 15 दिन लेट करा दी है। किसानों को समय से उर्वरक नहीं मिल सका, जिसके चलते अब फसल काफी लेट हो गई है। बहुत से किसानों ने अन्य फसलें लगाने का मन बना लिया है।
पीसीएफ गोदाम से 250 एमटी उर्वरक केंद्रों पर भिजवाया
जिले में खाद की किल्लत को दूर करने के लिए जिला कृषि अधिकारी ने पीसीएफ गोदाम से करीब 250 एमटी उर्वरक खाद केंद्रों पर भिजवा दिया है। साथ ही सप्लाई लगातार जारी रखने के भी निर्देश दिए गए हैं।
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डीएपी का कट्टा 1200 रुपये का, 1500 का बेच रहे दुकानदार
हापुड़। जिले में डीएपी खाद के लिए मारामारी मची है, इसका लाभ उठाकर खाद विक्रेता कालाबाजारी में लगे हैं। एक बैग पर 300 रुपये तक अधिक कीमत वसूली जा रही है। डीएपी के सरकारी रेट 1200 रुपये प्रति कट्टा है लेकिन दुकानदार 1500 रुपये में बेच रहे हैं। जिला कृषि अधिकारी ने डीएपी की कालाबाजारी करने वाले ऐसे ही तीन केंद्रों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं, आठ से अधिक को नोटिस जारी किए हैं। छोटे दुकानदार किसानों की आईडी पर समितियों से खाद खरीदकर, ऊंची कीमतों पर बिक्री कर रहे हैं। जिन पर शिकंजा कसने की तैयारी है।
आलू, गेहूं की बुवाई में डीएपी खाद की काफी आवश्यकता होती है। प्रदेशभर में खाद की किल्लत बनी हुई है। हापुड़ के पीसीएफ गोदाम में काफी मात्रा में डीएपी है, लेकिन यहां से खाद की सप्लाई काफी दिनों तक केंद्रों को नहीं की गई। इससे जिले में डीएपी संकट गहरा गया। इसका लाभ उठाकर उर्वरक विक्रेताओं ने भी कालाबाजारी शुरू कर दी। सैकड़ों बैग गोदाम में रखे होने के बावजूद किसानों को डीएपी नहीं दिया गया। मजबूरी में किसानों ने वास्तविक कीमत से 300 रुपये अधिक दाम पर डीएपी खरीदा। इसकी सूचना पर कृषि विभाग के अफसरों ने पोर्टल के जरिए पीओएस मशीन के स्टॉक का सत्यापन किया। इसमें बड़े पैमाने में गड़बड़ी का खुलासा हुआ। मामले की गंभीरता पर डीएपी की जमाखोरी को लेकर जिला कृषि अधिकारी मनोज कुमार ने तीन दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं।
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तीन दिन में जवाब नहीं तो निरस्त होंगे लाइसेंस
डीएपी की जमाखोरी पर मैसर्स केन यूनियन बदनौली, मैसर्स फौजी ब्रदर्स खाद भंडार लोधीपुर, शर्मा ट्रेडिंग कंपनी हरसिंगपुर के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। तीन दिन के अंदर संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया तो सभी लाइसेंस निरस्त कर दिए जाएंगे। आठ दुकानदारों को अंतिम चेतावनी जारी की गई है। -मनोज कुमार, जिला कृषि अधिकारी।
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किसानों के नाम पर खरीद रहे डीएपी
जिले में बहुत से छोटे दुकानदार किसानों के नाम पर समितियों से डीएपी खरीद रहे हैं। किसानों को भले ही खाद नहीं मिल रहा, लेकिन इन दुकानदारों को आसानी से समितियों से खाद मिल जाता है। जिसे बढ़ी कीमतों पर किसानों को बिक्री किया जा रहा है।
मिलावटी खाद बेचने की मिल रही सूचना
जिले में बने खाद संकट को लेकर उर्वरक माफियाओं द्वारा जिले में मिलावटी उर्वरक खपाने की सूचना कृषि विभाग के अफसरों को मिल रही है। नगर के कई प्रतिष्ठानों पर इस तरह का खाद सप्लाई किया जा रहा है, जहां से किसानों को चोरी छिपे इसकी बिक्री हो रही है, जल्द कृषि विभाग के अफसर अभियान चलाएंगे।
गेहूं, आलू की बुवाई 15 दिन लेट
पीसीएफ गोदाम के अधिकारियों की अनदेखी ने जिले में आलू और गेहूं की बुवाई करीब 15 दिन लेट करा दी है। किसानों को समय से उर्वरक नहीं मिल सका, जिसके चलते अब फसल काफी लेट हो गई है। बहुत से किसानों ने अन्य फसलें लगाने का मन बना लिया है।
पीसीएफ गोदाम से 250 एमटी उर्वरक केंद्रों पर भिजवाया
जिले में खाद की किल्लत को दूर करने के लिए जिला कृषि अधिकारी ने पीसीएफ गोदाम से करीब 250 एमटी उर्वरक खाद केंद्रों पर भिजवा दिया है। साथ ही सप्लाई लगातार जारी रखने के भी निर्देश दिए गए हैं।