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हवा में बढ़ा जहर, इस बार नहीं बिकेंगे पटाखे
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हवा में बढ़ा जहर, इस बार नहीं बिकेंगे पटाखे
हापुड़। जिले में बढ़ते प्रदूषण के स्तर को देखते हुए इस बार जिला प्रशासन ने पटाखों की बिक्री की अनुमति नहीं दी है। इस बार ग्रीन पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध रहेगा। मंगलवार को एडीएम ने सभी एसडीएम की बैठक लेकर इस संबंध में निर्देशित किया।
जिले में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। मंगलवार को जिले का एक्यूआई 325 दर्ज किया गया। बिना आतिशबाजी के प्रदूषण का यह स्तर खतरनाक है। प्रदूषण विभाग के अधिकारियों का मानना है कि वर्तमान में मौसम में नमी, धुंध के बाद दिन में वाहनों से उड़ रही धूल प्रदूषण को बढ़ा रही है। ऐसे में जिला प्रशासन ने इस बार पटाखों को जलाने की अनुमति नहीं दी है।
दिवाली पर पटाखों की बिक्री को रोकने के लिए जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। एडीएम श्रद्धा शांडिल्ययान ने बताया कि जिले की तीनों तहसीलों के एसडीएम के साथ इस संबंध में बैठक की गई है। बैठक में एसडीएम को कार्रवाई कर पटाखों की बिक्री रोकने के आदेश दिए गए है। अगर कोई भी चोरी छिपे पटाखों की बिक्री करते पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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सभी थानों को जारी किए आदेश
जिले में पटाखों की बिक्री न होने पाए, इसके लिए पुलिस अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है। सभी थानों और चौकी प्रभारियों को कड़े आदेश दिए गए हैं कि अपने अपने क्षेत्र में किसी भी रूप से पटाखों की बिक्री न होने दें। इस मामले में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिले में प्रदूषण का स्तर लगातार गंभीर बना हुआ है। शहर के अंदर एक्यूआई 350 के आसपास बना हुआ है, ऐेसे में एनजीटी के नियमों के अनुसार पटाखे चलाए जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। - श्रद्धा शांडिल्यायन, एडीएम, हापुड़।
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हापुड़। जिले में बढ़ते प्रदूषण के स्तर को देखते हुए इस बार जिला प्रशासन ने पटाखों की बिक्री की अनुमति नहीं दी है। इस बार ग्रीन पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध रहेगा। मंगलवार को एडीएम ने सभी एसडीएम की बैठक लेकर इस संबंध में निर्देशित किया।
जिले में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। मंगलवार को जिले का एक्यूआई 325 दर्ज किया गया। बिना आतिशबाजी के प्रदूषण का यह स्तर खतरनाक है। प्रदूषण विभाग के अधिकारियों का मानना है कि वर्तमान में मौसम में नमी, धुंध के बाद दिन में वाहनों से उड़ रही धूल प्रदूषण को बढ़ा रही है। ऐसे में जिला प्रशासन ने इस बार पटाखों को जलाने की अनुमति नहीं दी है।
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दिवाली पर पटाखों की बिक्री को रोकने के लिए जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। एडीएम श्रद्धा शांडिल्ययान ने बताया कि जिले की तीनों तहसीलों के एसडीएम के साथ इस संबंध में बैठक की गई है। बैठक में एसडीएम को कार्रवाई कर पटाखों की बिक्री रोकने के आदेश दिए गए है। अगर कोई भी चोरी छिपे पटाखों की बिक्री करते पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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सभी थानों को जारी किए आदेश
जिले में पटाखों की बिक्री न होने पाए, इसके लिए पुलिस अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है। सभी थानों और चौकी प्रभारियों को कड़े आदेश दिए गए हैं कि अपने अपने क्षेत्र में किसी भी रूप से पटाखों की बिक्री न होने दें। इस मामले में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिले में प्रदूषण का स्तर लगातार गंभीर बना हुआ है। शहर के अंदर एक्यूआई 350 के आसपास बना हुआ है, ऐेसे में एनजीटी के नियमों के अनुसार पटाखे चलाए जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। - श्रद्धा शांडिल्यायन, एडीएम, हापुड़।