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कमीशन के लिए आशा कार्यकर्ता ने गर्भवती की जान जोखिम में डाली
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कमीशन के लिए आशा कार्यकर्ता ने गर्भवती की जान जोखिम में डाली
हापुड़। स्वास्थ्य विभाग की आशाएं गर्भवती महिलाओं को बरगला कर निजी अस्पतालों में भर्ती कराकर कमीशन ले रही हैं। ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया है। अंबेडकरनगर निवासी प्रसूता ने सीएमओ से शिकायत कर कार्रवाई की गुहार लगाई है।
प्रसूता ललीता ने बताया कि 20 अगस्त को उसकी डिलीवरी होनी थी। इसके लिए उसने एक आशा कार्यकर्ता से संपर्क किया। आरोप है कि आशा ने उसे सरकारी अस्पताल में भर्ती नहीं कराया, बल्कि कमीशन के चक्कर में स्वर्ग आश्रम रोड स्थित रेलवे क्रॉसिंग के पास एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। यहां अप्रशिक्षित चिकित्सक ने उसका प्रसव कराया। ललीता का आरोप है कि टांके खुले छोड़कर, खाली पट्टी लगा दी और उसे घर भेज दिया। 28 अक्तूबर को जब वह पट्टी खुलवाने पहुंची तो टांकों में पस पड़ चुका था। चिकित्सकों ने फिर से लापरवाही करते हुए पट्टी कर उसे घर भेज दिया। अब परिजनों ने उसे दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया है। ललीता का कहना है कि उसने मुख्यमंत्री को भी शिकायती पत्र प्रेषित भेजा है। मामले में सीएमओ डॉ. रेखा शर्मा का कहना है कि शिकायती पत्र में लगे आरोपों की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
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हापुड़। स्वास्थ्य विभाग की आशाएं गर्भवती महिलाओं को बरगला कर निजी अस्पतालों में भर्ती कराकर कमीशन ले रही हैं। ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया है। अंबेडकरनगर निवासी प्रसूता ने सीएमओ से शिकायत कर कार्रवाई की गुहार लगाई है।
प्रसूता ललीता ने बताया कि 20 अगस्त को उसकी डिलीवरी होनी थी। इसके लिए उसने एक आशा कार्यकर्ता से संपर्क किया। आरोप है कि आशा ने उसे सरकारी अस्पताल में भर्ती नहीं कराया, बल्कि कमीशन के चक्कर में स्वर्ग आश्रम रोड स्थित रेलवे क्रॉसिंग के पास एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। यहां अप्रशिक्षित चिकित्सक ने उसका प्रसव कराया। ललीता का आरोप है कि टांके खुले छोड़कर, खाली पट्टी लगा दी और उसे घर भेज दिया। 28 अक्तूबर को जब वह पट्टी खुलवाने पहुंची तो टांकों में पस पड़ चुका था। चिकित्सकों ने फिर से लापरवाही करते हुए पट्टी कर उसे घर भेज दिया। अब परिजनों ने उसे दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया है। ललीता का कहना है कि उसने मुख्यमंत्री को भी शिकायती पत्र प्रेषित भेजा है। मामले में सीएमओ डॉ. रेखा शर्मा का कहना है कि शिकायती पत्र में लगे आरोपों की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
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