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राहत :जिले में 933 मुकदमे होंगे खत्म
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राहत :जिले में 933 मुकदमे होंगे खत्म
हापुड़। कोविड नियमों के उल्लंघन पर जिले में दर्ज हुए 933 मुकदमों को खारिज किया जाएगा। जिले में बड़े स्तर पर खासकर हापुड़ और पिलखुवा क्षेत्र में यह कार्रवाई की गई थी, जिनमें अधिकतर व्यापारी वर्ग शामिल था। मुख्यमंत्री के इस निर्णय का लोगों ने स्वागत किया है।
सीएम ने आगामी चुनाव से पहले बड़ा निर्णय लेते हुए गृह विभाग को कोविड 19 के दौरान लोगों पर दर्ज हुए मुकदमों को खारिज करने के आदेश दिए हैं। हापुड़ में लॉकडाउन के दौरान पूरे जिले में धारा 188 के तहत मुकदमे दर्ज किए गए थे। ये अधिकतर मुकदमे उन दुकानदारों पर थे, जिन्होंने लॉकडाउन के दौरान अपनी दुकानों को खोला था। हालांकि करीब दो ढाई महीने व्यापारी वर्ग दुकानें बंद होने से आर्थिक रूप से टूट गया था और शासन द्वारा निर्धारित नियमों शर्तों का कुछ ने पालन नहीं किया। पुलिस ने इन मुकदमों में कुल 1651 आरोपियों को गिरफ्तार किया। आईसी एक्ट के अंतर्गत भी पुलिस ने जिले में 17 मुकदमे दर्ज किए। जिनमें 23 आरोपियों को गिफ्तार भी किया।
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1.20 करोड़ रुपये वसूला गया था शमन शुल्क -
लॉकडाउन के दौरान चालान और दूसरे जुर्माने के तहत कुल 1.20 करोड़ रुपये का शमन शुल्क भी वसूला गया। कुल 74900 वाहनों के चालान काटे गए और 1469 वाहनों को सीज किया गया।
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मुख्यमंत्री का फैसला सराहनीय
कोविड के दौरान व्यापारियों ने काफी कुछ झेला है। दुकान का सामान देखने गए या किसी और मजबूरी के कारण दुकान खोलने पर उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज हुए। मुख्यमंत्री का निर्णय वास्तव में सराहनीय है। -ललित अग्रवाल, अध्यक्ष, हापुड़ संयुक्त व्यापार मंडल।-फोटो-25
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व्यापारियों के लिए बड़ी राहत-
कोरोना ने कितने ही व्यापारियों के व्यापार चौपट कर दिए। लाखों रुपये का सामान दुकान में ही बर्बाद हो गया। सरकार का कोविड के दौरान किए गए मुकदमे वापस लेने का निर्णय व्यापारियों के लिए बड़ी राहत है।-राजीव गर्ग, अध्यक्ष, हापुड़ संयुक्त युवा व्यापार मंडल।-फोटो-27
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हापुड़। कोविड नियमों के उल्लंघन पर जिले में दर्ज हुए 933 मुकदमों को खारिज किया जाएगा। जिले में बड़े स्तर पर खासकर हापुड़ और पिलखुवा क्षेत्र में यह कार्रवाई की गई थी, जिनमें अधिकतर व्यापारी वर्ग शामिल था। मुख्यमंत्री के इस निर्णय का लोगों ने स्वागत किया है।
सीएम ने आगामी चुनाव से पहले बड़ा निर्णय लेते हुए गृह विभाग को कोविड 19 के दौरान लोगों पर दर्ज हुए मुकदमों को खारिज करने के आदेश दिए हैं। हापुड़ में लॉकडाउन के दौरान पूरे जिले में धारा 188 के तहत मुकदमे दर्ज किए गए थे। ये अधिकतर मुकदमे उन दुकानदारों पर थे, जिन्होंने लॉकडाउन के दौरान अपनी दुकानों को खोला था। हालांकि करीब दो ढाई महीने व्यापारी वर्ग दुकानें बंद होने से आर्थिक रूप से टूट गया था और शासन द्वारा निर्धारित नियमों शर्तों का कुछ ने पालन नहीं किया। पुलिस ने इन मुकदमों में कुल 1651 आरोपियों को गिरफ्तार किया। आईसी एक्ट के अंतर्गत भी पुलिस ने जिले में 17 मुकदमे दर्ज किए। जिनमें 23 आरोपियों को गिफ्तार भी किया।
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1.20 करोड़ रुपये वसूला गया था शमन शुल्क -
लॉकडाउन के दौरान चालान और दूसरे जुर्माने के तहत कुल 1.20 करोड़ रुपये का शमन शुल्क भी वसूला गया। कुल 74900 वाहनों के चालान काटे गए और 1469 वाहनों को सीज किया गया।
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मुख्यमंत्री का फैसला सराहनीय
कोविड के दौरान व्यापारियों ने काफी कुछ झेला है। दुकान का सामान देखने गए या किसी और मजबूरी के कारण दुकान खोलने पर उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज हुए। मुख्यमंत्री का निर्णय वास्तव में सराहनीय है। -ललित अग्रवाल, अध्यक्ष, हापुड़ संयुक्त व्यापार मंडल।-फोटो-25
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व्यापारियों के लिए बड़ी राहत-
कोरोना ने कितने ही व्यापारियों के व्यापार चौपट कर दिए। लाखों रुपये का सामान दुकान में ही बर्बाद हो गया। सरकार का कोविड के दौरान किए गए मुकदमे वापस लेने का निर्णय व्यापारियों के लिए बड़ी राहत है।-राजीव गर्ग, अध्यक्ष, हापुड़ संयुक्त युवा व्यापार मंडल।-फोटो-27