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18 नालों की मजबूती पर खर्च होंगे 50 करोड़
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18 नालों की मजबूती पर खर्च होंगे 50 करोड़
हापुड़। नगर पालिका परिषद हापुड़ के अधिकारियों ने शहर के छोटे-बड़े 18 नालों को आरसीसी से बनवाने की कवायद शुरू कर दी है। सिकंदर गेट और तहसील के आसपास बने इन नालों का चौड़ीकरण भी किया जाएगा। इन नालों की मजबूती पर करीब 50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इन नालों के बनने से करीब 25 मोहल्लों को जलभराव से मुक्ति मिलेगी।
हापुड़ गाजियाबाद जनपद की तहसील हुआ करती थी। 2011 में हापुड़ को जिला बनाया गया था। यहां सबसे बड़ी समस्या जलभराव की है। बारिश में गली मोहल्ले व सड़कें पानी से लबालब हो जाते हैं। शहरवासियों को इस समस्या से निजात दिलाने के लिए नगर पालिका परिषद हापुड़ के अधिकारी जल निकासी की व्यवस्था को दूर करने पर जोर दे रहे हैं। अब हापुड़ नगर पालिका की ओर से तहसील चौपला, बुलंदशहर रोड, सिकंदर गेट, दिल्ली रोड, मेरठ रोड पर सहित 18 नालों के चौड़ीकरण के साथ उन्हें आरसीसी का बनवाया जाएगा।
इन नालों का होगा निर्माण
-तहसील कोतवाली के बाहर का नाला
-दिल्ली रोड पेट्रोल पंप से अपना घर कॉलोनी तक
-खान अस्पताल के सामने से लेकर तहसील तक
-सिकंदर गेट का नाला
-मेरठ रोड पर पुलिसलाइन के सामने
-गढ़ रोड पर नाला निर्माण
जल निगम सीएनडीएस भी करा सकती है नाला निर्माण
नगर पालिका हापुड़ की ओर से सभी नालों की डीपीआर बनाकर शासन को भेजी गई है। अब पालिका अफसरों को इंतजार है कि निर्माण कार्य कराने की जिम्मेदारी किसे सौंपी जाती है। पालिका अधिकारियों की मानें तो नगर पालिका के अलावा जल निगम सीएनडीएस से भी निर्माण कार्य कराया जा सकता है।
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इन मोहल्लों में नहीं होगा जलभराव
हापुड़ शहर में छोटे-बड़े नालों के मजबूत होने से कई मोहल्लों को जलभराव व गंदगी से राहत मिलेगी। इनमें बुलंदशहर रोड के राजीव विहार, टीचर्स कॉलोनी, जैन कॉलोनी, कोठीगेट, पीरबहाउद्दीन, रघुवीर गंज, सूर्या विहार, शम्भूपुरा, न्यू राजेंद्र नगर, अपना घर कॉलेानी, अर्जुन नगर सहित सिकंदर गेट मोहल्ला शामिल है।
कोट्स
नगर पालिका परिषद हापुड़ के ईओ एसके गौतम का कहना है कि 18 नालों को मजबूत करने के लिए करीब 50 करोड़ की डीपीआर बनाकर शासन को भिजवाई जा रही है। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद ही कार्य चालू होगा।
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हापुड़। नगर पालिका परिषद हापुड़ के अधिकारियों ने शहर के छोटे-बड़े 18 नालों को आरसीसी से बनवाने की कवायद शुरू कर दी है। सिकंदर गेट और तहसील के आसपास बने इन नालों का चौड़ीकरण भी किया जाएगा। इन नालों की मजबूती पर करीब 50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इन नालों के बनने से करीब 25 मोहल्लों को जलभराव से मुक्ति मिलेगी।
हापुड़ गाजियाबाद जनपद की तहसील हुआ करती थी। 2011 में हापुड़ को जिला बनाया गया था। यहां सबसे बड़ी समस्या जलभराव की है। बारिश में गली मोहल्ले व सड़कें पानी से लबालब हो जाते हैं। शहरवासियों को इस समस्या से निजात दिलाने के लिए नगर पालिका परिषद हापुड़ के अधिकारी जल निकासी की व्यवस्था को दूर करने पर जोर दे रहे हैं। अब हापुड़ नगर पालिका की ओर से तहसील चौपला, बुलंदशहर रोड, सिकंदर गेट, दिल्ली रोड, मेरठ रोड पर सहित 18 नालों के चौड़ीकरण के साथ उन्हें आरसीसी का बनवाया जाएगा।
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इन नालों का होगा निर्माण
-तहसील कोतवाली के बाहर का नाला
-दिल्ली रोड पेट्रोल पंप से अपना घर कॉलोनी तक
-खान अस्पताल के सामने से लेकर तहसील तक
-सिकंदर गेट का नाला
-मेरठ रोड पर पुलिसलाइन के सामने
-गढ़ रोड पर नाला निर्माण
जल निगम सीएनडीएस भी करा सकती है नाला निर्माण
नगर पालिका हापुड़ की ओर से सभी नालों की डीपीआर बनाकर शासन को भेजी गई है। अब पालिका अफसरों को इंतजार है कि निर्माण कार्य कराने की जिम्मेदारी किसे सौंपी जाती है। पालिका अधिकारियों की मानें तो नगर पालिका के अलावा जल निगम सीएनडीएस से भी निर्माण कार्य कराया जा सकता है।
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इन मोहल्लों में नहीं होगा जलभराव
हापुड़ शहर में छोटे-बड़े नालों के मजबूत होने से कई मोहल्लों को जलभराव व गंदगी से राहत मिलेगी। इनमें बुलंदशहर रोड के राजीव विहार, टीचर्स कॉलोनी, जैन कॉलोनी, कोठीगेट, पीरबहाउद्दीन, रघुवीर गंज, सूर्या विहार, शम्भूपुरा, न्यू राजेंद्र नगर, अपना घर कॉलेानी, अर्जुन नगर सहित सिकंदर गेट मोहल्ला शामिल है।
कोट्स
नगर पालिका परिषद हापुड़ के ईओ एसके गौतम का कहना है कि 18 नालों को मजबूत करने के लिए करीब 50 करोड़ की डीपीआर बनाकर शासन को भिजवाई जा रही है। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद ही कार्य चालू होगा।