{"_id":"6131198e8ebc3eb3a71bd830","slug":"hapur-news-hapur-news-gbd2252044134","type":"story","status":"publish","title_hn":"वजन और एमआरपी नहीं लिखने पर लगाया एक लाख का जुर्माना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वजन और एमआरपी नहीं लिखने पर लगाया एक लाख का जुर्माना
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वजन और एमआरपी नहीं लिखने पर लगाया एक लाख का जुर्माना
हापुड़। नियमों की अनदेखी कर ग्राहकों को गुमराह कर उत्पाद बेचने वाली कंपनियों के खिलाफ बाट-माप विभाग ने कार्रवाई की है। धामपुर शुगर मिल सहित तीन कंपनियों पर एक लाख से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। कंपनियों ने पैकेजिंग में वजन और एमआरपी नहीं लिखा था।
बाट-माप विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक ज्ञान प्रकाश द्विवेदी ने माह अगस्त में विभाग द्वारा यह कार्रवाई की है। पैकेज्ड कमोडिटी रूल्स के अंतर्गत धामपुर चीनी मिल की चीनी की पैकेजिंग में एमआरपी वजन आदि अंकित नहीं था। जिस पर 50 हजार रुपये का शमन शुल्क वसूला गया। इसके अलावा कन्फैक्शनरी बनाने वाली नोएडा की फर्म के पैकिंग में वजन दर्ज नहीं था। जिस पर 25 हजार रुपये शुल्क वसूला गया। इसके अलावा नाइन नामक सैनेटरी नैपकिन बनाने वाली शुद्ध प्लस कंपनी के पैकेट पर एमआरपी सही ढंग से दर्ज नहीं थी। जिस पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। इसके अलावा प्रवर्तन कार्यों में तेजी लाते हुए विभाग ने 20 से अधिक चालान किए है। वरिष्ठ निरीक्षक ने बताया कि प्रवर्तन कार्य जारी रहेंगे तथा पैकिंग आदि में गड़बड़ी पाए जाने पर अपने तौल उपकरणों का समय से सत्यापन न कराए जाने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
हापुड़। नियमों की अनदेखी कर ग्राहकों को गुमराह कर उत्पाद बेचने वाली कंपनियों के खिलाफ बाट-माप विभाग ने कार्रवाई की है। धामपुर शुगर मिल सहित तीन कंपनियों पर एक लाख से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। कंपनियों ने पैकेजिंग में वजन और एमआरपी नहीं लिखा था।
बाट-माप विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक ज्ञान प्रकाश द्विवेदी ने माह अगस्त में विभाग द्वारा यह कार्रवाई की है। पैकेज्ड कमोडिटी रूल्स के अंतर्गत धामपुर चीनी मिल की चीनी की पैकेजिंग में एमआरपी वजन आदि अंकित नहीं था। जिस पर 50 हजार रुपये का शमन शुल्क वसूला गया। इसके अलावा कन्फैक्शनरी बनाने वाली नोएडा की फर्म के पैकिंग में वजन दर्ज नहीं था। जिस पर 25 हजार रुपये शुल्क वसूला गया। इसके अलावा नाइन नामक सैनेटरी नैपकिन बनाने वाली शुद्ध प्लस कंपनी के पैकेट पर एमआरपी सही ढंग से दर्ज नहीं थी। जिस पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। इसके अलावा प्रवर्तन कार्यों में तेजी लाते हुए विभाग ने 20 से अधिक चालान किए है। वरिष्ठ निरीक्षक ने बताया कि प्रवर्तन कार्य जारी रहेंगे तथा पैकिंग आदि में गड़बड़ी पाए जाने पर अपने तौल उपकरणों का समय से सत्यापन न कराए जाने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन