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मलेरिया के मिले 10 मरीज, 31 सैंपल जांच को भेजे
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मलेरिया के मिले 10 मरीज, 31 सैंपल जांच को भेजे
हापुड़। जिले में दिमागी बुखार के बाद अब मलेरिया ने भी दस्तक दे दी है। खादर क्षेत्र के 10 मरीजों में अब तक मलेरिया की पुष्टि हुई है। विभागीय टीमों ने 120 टीमें गठित कर 31 लोगों के सैंपल एकत्र किए हैं। अगस्त और सितंबर में इस बीमारी का तेजी से प्रकोप फैलता है। स्वास्थ्य विभाग ने अब विशेष अभियान चलाने के आदेश दिए गए हैं।
डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और स्वाइन फ्लू का कहर अगस्त और सितंबर महीने में सबसे ज्यादा रहता है। गत वर्ष कोरोना महामारी में इन रोगों में कमी देखने को मिली। क्योंकि संक्रमण से बचाव को लेकर गांव, शहरों में काफी फॉगिंग कराई गई थी। लेकिन अब इन रोगों का खतरा मंडराने लगा है।
गांव फगौता में बीते दिनों एक तीन साल की बच्ची में दिमागी बुखार की पुष्टि हुई थी। यह रोग पहली बार जिले में देखने को मिला, जो मच्छर से ही फैलता है। इसके साथ इसी परिवार के दो अन्य बच्चों में भी एंटीबॉडी मिली। वहीं अब गढ़ खादर क्षेत्र में 10 लोगों में मलेरिया की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों का उपचार शुरू कर दिया है। मरीजों के घर के आसपास रह रहे करीब 31 लोगों के सैंपल लेकर जांच को भेजे हैं। मच्छरजनित रोगों से निजात पाने को स्वास्थ्य विभाग ने 120 टीमों का गठन कर दिया है, जो लोगों को घर-घर जाकर रोगों से बचाव की जानकारी देंगी।
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सीएमओ : जिले में मच्छरजनित रोगों का प्रकोप पिछले सालों के मुकाबले काफी कम है। इस बार भी बरसात के मौसम से पहले ही इन रोगों से निपटने की तैयारी शुरू कर दी थी। अब टीमें गठित की जा चुकी हैं, रोगों पर काबू पा लिया जाएगा।
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हापुड़। जिले में दिमागी बुखार के बाद अब मलेरिया ने भी दस्तक दे दी है। खादर क्षेत्र के 10 मरीजों में अब तक मलेरिया की पुष्टि हुई है। विभागीय टीमों ने 120 टीमें गठित कर 31 लोगों के सैंपल एकत्र किए हैं। अगस्त और सितंबर में इस बीमारी का तेजी से प्रकोप फैलता है। स्वास्थ्य विभाग ने अब विशेष अभियान चलाने के आदेश दिए गए हैं।
डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और स्वाइन फ्लू का कहर अगस्त और सितंबर महीने में सबसे ज्यादा रहता है। गत वर्ष कोरोना महामारी में इन रोगों में कमी देखने को मिली। क्योंकि संक्रमण से बचाव को लेकर गांव, शहरों में काफी फॉगिंग कराई गई थी। लेकिन अब इन रोगों का खतरा मंडराने लगा है।
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गांव फगौता में बीते दिनों एक तीन साल की बच्ची में दिमागी बुखार की पुष्टि हुई थी। यह रोग पहली बार जिले में देखने को मिला, जो मच्छर से ही फैलता है। इसके साथ इसी परिवार के दो अन्य बच्चों में भी एंटीबॉडी मिली। वहीं अब गढ़ खादर क्षेत्र में 10 लोगों में मलेरिया की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों का उपचार शुरू कर दिया है। मरीजों के घर के आसपास रह रहे करीब 31 लोगों के सैंपल लेकर जांच को भेजे हैं। मच्छरजनित रोगों से निजात पाने को स्वास्थ्य विभाग ने 120 टीमों का गठन कर दिया है, जो लोगों को घर-घर जाकर रोगों से बचाव की जानकारी देंगी।
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सीएमओ : जिले में मच्छरजनित रोगों का प्रकोप पिछले सालों के मुकाबले काफी कम है। इस बार भी बरसात के मौसम से पहले ही इन रोगों से निपटने की तैयारी शुरू कर दी थी। अब टीमें गठित की जा चुकी हैं, रोगों पर काबू पा लिया जाएगा।