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कमालपुर-अहमदनगर में मिला दिमागी बुखार के मच्छर का लार्वा
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गांव फगौता में बच्ची का हाल जानने पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम।
- फोटो : HAPUR
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कमालपुर-अहमदनगर में मिला दिमागी बुखार के मच्छर का लार्वा
हापुड़। गांव फगौता में दिमागी बुखार की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने नजदीकी गांव कमालपुर, अहमदनगर का निरीक्षण किया। यहां दिमागी बुखार फैलाने वाले मच्छरों का लार्वा मिला। स्वास्थ्य विभाग ने ग्राम प्रधानों से वार्ता कर एंटी लार्वा फॉगिंग की तैयारी शुरू कर दी है।
गांव फगौता में तीन साल की बच्ची में जे.ई की पुष्टि हुई थी। इस गांव में बड़े पैमाने पर दिमागी बुखार फैलाने वाला क्यूलेक्स विश्नोई मच्छर मिला था। जिसका लार्वा नष्ट कराया गया। हालांकि बच्ची अब स्वस्थ होकर घर आ चुकी है।
मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने गांव कमालपुर, अहमदनगर का निरीक्षण किया। इन गांवों में भी बड़े पैमाने पर लार्वा मिला। डीएमओ डॉ सतेंद्र कुमार ने ग्राम प्रधानों से वार्ता कर, इन गांवों में एंटी लार्वा की फॉगिंग की योजना तैयार की है।
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सूकर के संपर्क में आने से होता है संक्रमित
क्यूलेक्स विश्नोई नामक मच्छर अमूमन कई स्थानों पर मिल जाता है। लेकिन जब यह किसी सूकर को काटता है तो सूकर का खून बहुत तेजी से संक्रमित होता है। दूसरा कोई मच्छर इस संक्रमित खून को चूसकर यदि मनुष्य को काट लेता है तो उसे दिमागी बुखार का खतरा रहता है।
जानलेवा है रोग
जेपेनीज इंसेफेलाइट्स रोग बेहद घातक है। इस रोग के होने पर मरीज की अधिकांश मामलों में मौत हो जाती है, या फिर वह दिव्यांग हो जाता है। इस रोग में जान बचाना सबसे बड़ी चुनौती होती है।
5 से 15 दिन तक रहते हैं लक्षण
इस रोग के होने पर मनुष्य के शरीर में पांच से 15 दिन के अंदर लक्षण आ सकते हैं। इसके लक्षण भी काफी घातक हैं, जो मरीज को परेशानी में डाल देते हैं।
बीमारी के लक्षण
* तेज दिमागी बुखार।
* दौरे पड़ना, शरीर में अकड़न होना।
*बेहोशी छा जाना, सिर में तेज दर्द होना।
* शरीर में बेहद थकावट होना, मल मूत्र त्याग में स्वेच्छा न होना।
* नींद नहीं आना, चिड़चिड़ापन होना।
ऐसे करें बचाव
* सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
* एंटी लार्वा का छिड़काव करें।
* आसपास पानी नहीं भरने दें।
* साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें।
बच्ची की हालत में सुधार
दिमागी बुखार से पीड़ित बच्ची की हालत में लगातार सुधार आ रहा है। अब वह इशारे भी समझने लगी है। मंगलवार को डीएमओ ने पीड़ित बच्ची का हाल जाना, साथ ही अन्य ग्रामीणों को इस तरह के रोगों से बचाव की जानकारी दी।
एंटी लार्वा का होगा छिड़काव
जिन गांवों में दिमागी बुखार फैलाने वाला मच्छर मिलेगा। वहां एंटी लार्वा की छिड़काव कर, मच्छरों को खत्म किया जाएगा। इस संबंध में ग्राम प्रधानों से भी वार्ता की जा रही है। लोगों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। - डॉ रेखा शर्मा, सीएमओ।
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हापुड़। गांव फगौता में दिमागी बुखार की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने नजदीकी गांव कमालपुर, अहमदनगर का निरीक्षण किया। यहां दिमागी बुखार फैलाने वाले मच्छरों का लार्वा मिला। स्वास्थ्य विभाग ने ग्राम प्रधानों से वार्ता कर एंटी लार्वा फॉगिंग की तैयारी शुरू कर दी है।
गांव फगौता में तीन साल की बच्ची में जे.ई की पुष्टि हुई थी। इस गांव में बड़े पैमाने पर दिमागी बुखार फैलाने वाला क्यूलेक्स विश्नोई मच्छर मिला था। जिसका लार्वा नष्ट कराया गया। हालांकि बच्ची अब स्वस्थ होकर घर आ चुकी है।
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मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने गांव कमालपुर, अहमदनगर का निरीक्षण किया। इन गांवों में भी बड़े पैमाने पर लार्वा मिला। डीएमओ डॉ सतेंद्र कुमार ने ग्राम प्रधानों से वार्ता कर, इन गांवों में एंटी लार्वा की फॉगिंग की योजना तैयार की है।
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सूकर के संपर्क में आने से होता है संक्रमित
क्यूलेक्स विश्नोई नामक मच्छर अमूमन कई स्थानों पर मिल जाता है। लेकिन जब यह किसी सूकर को काटता है तो सूकर का खून बहुत तेजी से संक्रमित होता है। दूसरा कोई मच्छर इस संक्रमित खून को चूसकर यदि मनुष्य को काट लेता है तो उसे दिमागी बुखार का खतरा रहता है।
जानलेवा है रोग
जेपेनीज इंसेफेलाइट्स रोग बेहद घातक है। इस रोग के होने पर मरीज की अधिकांश मामलों में मौत हो जाती है, या फिर वह दिव्यांग हो जाता है। इस रोग में जान बचाना सबसे बड़ी चुनौती होती है।
5 से 15 दिन तक रहते हैं लक्षण
इस रोग के होने पर मनुष्य के शरीर में पांच से 15 दिन के अंदर लक्षण आ सकते हैं। इसके लक्षण भी काफी घातक हैं, जो मरीज को परेशानी में डाल देते हैं।
बीमारी के लक्षण
* तेज दिमागी बुखार।
* दौरे पड़ना, शरीर में अकड़न होना।
*बेहोशी छा जाना, सिर में तेज दर्द होना।
* शरीर में बेहद थकावट होना, मल मूत्र त्याग में स्वेच्छा न होना।
* नींद नहीं आना, चिड़चिड़ापन होना।
ऐसे करें बचाव
* सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
* एंटी लार्वा का छिड़काव करें।
* आसपास पानी नहीं भरने दें।
* साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें।
बच्ची की हालत में सुधार
दिमागी बुखार से पीड़ित बच्ची की हालत में लगातार सुधार आ रहा है। अब वह इशारे भी समझने लगी है। मंगलवार को डीएमओ ने पीड़ित बच्ची का हाल जाना, साथ ही अन्य ग्रामीणों को इस तरह के रोगों से बचाव की जानकारी दी।
एंटी लार्वा का होगा छिड़काव
जिन गांवों में दिमागी बुखार फैलाने वाला मच्छर मिलेगा। वहां एंटी लार्वा की छिड़काव कर, मच्छरों को खत्म किया जाएगा। इस संबंध में ग्राम प्रधानों से भी वार्ता की जा रही है। लोगों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। - डॉ रेखा शर्मा, सीएमओ।