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सोलर पंप लगाने से कंपनी का इनकार
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सोलर पंप लगाने से कंपनी का इनकार
हापुड़। कृषि विभाग से संचलित सोलर पंप योजना में पिछले साल आवेदन करने वाले 16 किसानों के करीब दस लाख रुपये के ड्राफ्ट फंस गए हैं। क्योंकि कंपनी ने पंप लगाने से हाथ खींच लिए हैं। इसके चलते चालू वित्त वर्ष में जिले को सोलर पंप का लक्ष्य आवंटित नहीं किया जा सका है। महंगे बिजली बिलों से परेशान किसान इसके लिए विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। डीएम के माध्यम से कंपनी को रिमाइंडर भेजा गया है।
शासन द्वारा ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए अनेकों योजनाएं संचालित हैं। किसानों के लिए भी कृषि विभाग के माध्यम से सोलर पंप योजना बीते तीन सालों से जिले में लागू है। हर साल 15-20 किसानों को इस योजना का लाभ मिलता है। सरकार द्वारा 60 फीसदी अनुदान पर किसानों के खेतों में सोलर पंप लगवाए जाते हैं।
वर्ष 2020-21 के लिए 16 सोलर पंप लगाने का लक्ष्य जिले को मिला था। इसमें 14 पंप 3 किलोवाट क्षमता और दो पांच किलोवाट क्षमता के निर्धारित थे। किसानों ने इस योजना में आवेदन करा, जिसके बाद जिले के चारों ब्लॉकों से 16 किसानों का चयन कर लिया गया। किसानों से कृषक अंश (40 फीसदी) के ड्राफ्ट कृषि विभाग में जमा करा लिए गए।
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लेकिन कार्यदायी कंपनी ने सोलर पंप लगाने से हाथ खींच लिए। इसका परिणाम यह रहा कि एक साल बीत जाने के बाद भी जिले के पात्र किसानों को इस योजना का लाभ नहीं मिल सका है। जबकि वह करीब 10 लाख रुपये के ड्राफ्ट विभाग में जमा करा चुके हैं। पूरे प्रदेश में यही स्थिति है, जिसके बाद शासन ने कंपनी पर सख्ती की है। हापुड़ डीएम अनुज सिंह ने भी रिमाइंडर भेजा है।
इन किसानों का हुआ है चयन
धौलाना ब्लॉक-समाना निवासी आलोक सिसौदिया, खैरपुर निवासी रमेश चंद शर्मा, हसनपुर निवासी बल्लभ सिंह कृपाल। हापुड़ ब्लॉक-गांव असौड़ा निवासी आरिफ।
गढ़ ब्लॉक-अब्दुल्लापुर निवासी गणेशचंद, रामपुर मियामतपुर निवासी इंद्रजीत सोलंकी, नेकनामपुर निवासी पुष्पेंद्र और कमल सिंह, आदर्शनगर निवासी नेपाल सिंह, सलारपुर निवासी ओमप्रकाश, चांदनैर निवासी धीरेंद्र कुमार, भैना सदरपुर निवासी प्रदीप कुमार, सदरपुर निवासी टीकम सिंह, पलवाड़ा निवासी गजना देवी। सिंभावली ब्लॉक-गंदू नंगला निवासी सविता देवी, मुजफ्फरा बागड़पुर निवासी सरोज देवी।
- किसानों से दोबारा लिए गए हैं ड्राफ्ट
जिले के पात्र 16 किसानों से कृषि विभाग ने दोबारा से ड्राफ्ट का नवीनीकरण कर जमा कराए हैं। पात्र होने के बावजूद किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अफसर भी मामला उच्चस्तर का बता संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहे हैं।
- इस साल नहीं मिला सोलर पंप का लक्ष्य
जिले को कंपनी की हठधर्मिता के चलते इस वर्ष सोलर पंप का लक्ष्य ही नहीं मिल सका है। पहले बीते साल वाले 16 किसानों को इसका लाभ मिलेगा, जिसके बाद अन्य लक्ष्य जिले को आवंटित किया जा सकेगा।
- सोलर पंप पर आने वाला खर्च
क्षमता कुल लागत कृषक अंश सरकार अंश
5 केडब्लू 236912 94764 142148
3 केडब्लू 169370 67748 101622
- अगले महीने लगाए जा सकते हैं सोलर पंप
सोलर पंप को लेकर शासन काफी सख्त है। स्थानीय स्तर से भी रिमाइंडर भेजा गया है। कंपनी ने शासन से कुछ समय मांगा है। संभवत अगले महीने सोलर पंप लगाए जा सकते हैं। - वीबी द्विवेदी, उप कृषि निदेशक।
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हापुड़। कृषि विभाग से संचलित सोलर पंप योजना में पिछले साल आवेदन करने वाले 16 किसानों के करीब दस लाख रुपये के ड्राफ्ट फंस गए हैं। क्योंकि कंपनी ने पंप लगाने से हाथ खींच लिए हैं। इसके चलते चालू वित्त वर्ष में जिले को सोलर पंप का लक्ष्य आवंटित नहीं किया जा सका है। महंगे बिजली बिलों से परेशान किसान इसके लिए विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। डीएम के माध्यम से कंपनी को रिमाइंडर भेजा गया है।
शासन द्वारा ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए अनेकों योजनाएं संचालित हैं। किसानों के लिए भी कृषि विभाग के माध्यम से सोलर पंप योजना बीते तीन सालों से जिले में लागू है। हर साल 15-20 किसानों को इस योजना का लाभ मिलता है। सरकार द्वारा 60 फीसदी अनुदान पर किसानों के खेतों में सोलर पंप लगवाए जाते हैं।
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वर्ष 2020-21 के लिए 16 सोलर पंप लगाने का लक्ष्य जिले को मिला था। इसमें 14 पंप 3 किलोवाट क्षमता और दो पांच किलोवाट क्षमता के निर्धारित थे। किसानों ने इस योजना में आवेदन करा, जिसके बाद जिले के चारों ब्लॉकों से 16 किसानों का चयन कर लिया गया। किसानों से कृषक अंश (40 फीसदी) के ड्राफ्ट कृषि विभाग में जमा करा लिए गए।
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लेकिन कार्यदायी कंपनी ने सोलर पंप लगाने से हाथ खींच लिए। इसका परिणाम यह रहा कि एक साल बीत जाने के बाद भी जिले के पात्र किसानों को इस योजना का लाभ नहीं मिल सका है। जबकि वह करीब 10 लाख रुपये के ड्राफ्ट विभाग में जमा करा चुके हैं। पूरे प्रदेश में यही स्थिति है, जिसके बाद शासन ने कंपनी पर सख्ती की है। हापुड़ डीएम अनुज सिंह ने भी रिमाइंडर भेजा है।
इन किसानों का हुआ है चयन
धौलाना ब्लॉक-समाना निवासी आलोक सिसौदिया, खैरपुर निवासी रमेश चंद शर्मा, हसनपुर निवासी बल्लभ सिंह कृपाल। हापुड़ ब्लॉक-गांव असौड़ा निवासी आरिफ।
गढ़ ब्लॉक-अब्दुल्लापुर निवासी गणेशचंद, रामपुर मियामतपुर निवासी इंद्रजीत सोलंकी, नेकनामपुर निवासी पुष्पेंद्र और कमल सिंह, आदर्शनगर निवासी नेपाल सिंह, सलारपुर निवासी ओमप्रकाश, चांदनैर निवासी धीरेंद्र कुमार, भैना सदरपुर निवासी प्रदीप कुमार, सदरपुर निवासी टीकम सिंह, पलवाड़ा निवासी गजना देवी। सिंभावली ब्लॉक-गंदू नंगला निवासी सविता देवी, मुजफ्फरा बागड़पुर निवासी सरोज देवी।
- किसानों से दोबारा लिए गए हैं ड्राफ्ट
जिले के पात्र 16 किसानों से कृषि विभाग ने दोबारा से ड्राफ्ट का नवीनीकरण कर जमा कराए हैं। पात्र होने के बावजूद किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अफसर भी मामला उच्चस्तर का बता संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहे हैं।
- इस साल नहीं मिला सोलर पंप का लक्ष्य
जिले को कंपनी की हठधर्मिता के चलते इस वर्ष सोलर पंप का लक्ष्य ही नहीं मिल सका है। पहले बीते साल वाले 16 किसानों को इसका लाभ मिलेगा, जिसके बाद अन्य लक्ष्य जिले को आवंटित किया जा सकेगा।
- सोलर पंप पर आने वाला खर्च
क्षमता कुल लागत कृषक अंश सरकार अंश
5 केडब्लू 236912 94764 142148
3 केडब्लू 169370 67748 101622
- अगले महीने लगाए जा सकते हैं सोलर पंप
सोलर पंप को लेकर शासन काफी सख्त है। स्थानीय स्तर से भी रिमाइंडर भेजा गया है। कंपनी ने शासन से कुछ समय मांगा है। संभवत अगले महीने सोलर पंप लगाए जा सकते हैं। - वीबी द्विवेदी, उप कृषि निदेशक।