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बच्चों पर पोस्ट कोविड का खतरा
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बच्चों पर पोस्ट कोविड का खतरा
हापुड़। कोरोना से संक्रमित होने के बाद बच्चों को मल्टी-ऑर्गन इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम (एमआईएस-सी) जैसे गंभीर लक्षण घेर रहे हैं। ऐसे बच्चों में तेजी से पोस्ट कोविड के लक्षण दिखने लगे हैं। बच्चों में तेज बुखार, इंफेक्शन, पेट दर्द की दिक्कत बढ़ गई है। तापमान बढ़ने से बच्चों में बेहोशी भी छाने लगती है। जांच के दौरान बच्चों में मिली एंटीबॉडी से उनके संक्रमित होने के संकेत मिले हैं। जिले में दो लहरों में अब तक 1450 बच्चे संक्रमित हो चुके हैं, ऐसे में अभिभावकों को बच्चों की सेहत पर ध्यान देना जरूरी है।
कोरोना की दूसरी लहर में बड़ी संख्या में छोटे बच्चे संक्रमित हुए। स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में संक्रमित बच्चों की संख्या 1450 है। इनके अभिभावक जब संक्रमित हुए तो उन्होंने अपने बच्चों का टेस्ट कराया जिसमें इनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई लेकिन अधिकांश में लक्षण नहीं थे। ऐसे में अभिभावकों ने इनकी सेहत पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। वर्तमान में इन बच्चों में पोस्ट कोविड के लक्षण सामने आ रहे हैं। ऐसे बच्चों को बुखार होता है। कुछ ही घंटों के अंदर बुखार 102 से 104 तक पहुंच जाता है। समय से उपचार नहीं मिलने व बुखार का स्तर गंभीर बना रहने से इनमें बेहोशी भी छा रही है। होश में लाने के लिए घंटों इमरजेंसी में रखकर उपचार देना पड़ रहा है।
केस नंबर एक
रेलवे रोड स्थित अस्पताल में आए दो वर्षीय बच्चे को 104 बुखार था, बेहोश होने पर उसे मेरठ रेफर किया गया। जहां जांच में इंफेक्शन बढ़ा मिला, साथ ही कोरोना की एंटीबॉडी भी पाई गई। दो दिन तक उसका बुखार 101 से अधिक बना रहा। उसका उपचार कर रहे डॉ. अमित उपाध्याय ने बताया कि पोस्ट कोविड के कारण उसकी यह हालत बनी है।
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केस नंबर दो
अर्जुन नगर निवासी तीन वर्षीय बच्चे की अचानक हालत बिगड़ी, दवा दी गई लेकिन तापमान 100 से ऊपर पहुंच गया। अस्पताल में जांच के दौरान एंटीबॉडी मिली, साथ ही इंफेक्शन का स्तर बढ़ा मिला। पांच दिन तक उपचार देने के बाद बच्चे की हालत सामान्य हो सकी।
केस नंबर तीन
गढ़ रोड अस्पताल में भर्ती कराए ढाई वर्ष का बच्चा तेज बुखार के कारण बेहोशी की हालत में लाया गया। चिकित्सकों ने समय रहते उसका उपचार शुरू किया। जांच में एंटीबॉडी मिली, पोस्ट कोविड के चलते बच्चे का सीआरपी स्तर काफी बढ़ा हुआ था।
अभिभावकों को पता नहीं कब हुआ कोरोना
इन तीनों ही बच्चों के अभिभावकों को यह तक नहीं पता कि उनके बच्चे को कोरोना कब हो गया। क्योंकि बच्चा पूरी तरह स्वस्थ रहा। उसके अंदर कोरोना का कोई लक्षण भी नहीं आ सका। ऐसे में एंटीबॉडी से स्थिति स्पष्ट होने से अभिभावक भी हैरान हैं।
पोस्ट कोविड के लक्षण
* बच्चे का अचानक तापमान 101 से 104 तक हो जाना।
* अचानक बेहोशी की हालत में चले जाना।
* शरीर में लगातार झटके आना।
* पेट दर्द, इंफेक्शन, सिर दर्द होना।
उल्टी, दस्त, लाल आंखे, थकान महसूस होना
यह करें उपाय-
* अपने बच्चे की एक्टिविटी पर ध्यान दें।
* बुखार होने पर लापरवाही न बरतें अच्छे चिकित्सक से उपचार दिलाएं।
* ताजा पौष्टिक खाना खिलाएं, पानी खूब पिलाएं।
* गर्मी से बचाव रखें।
बेहतर उपचार दिलाएं
बच्चों में पोस्ट कोविड का असर दिख रहा है। अचानक बुखार, डायरिया की समस्या आ रही हैं। इसमें लापरवाही कतई न बरतें, बच्चे को बेहतर उपचार दिलाएं। ताकि खतरे में पहुंचने से पहले वह स्वस्थ हो सके।---डॉ. योगेश गोयल, बाल रोग विशेषज्ञ।--फोटो संख्या--15
अस्पतालों में मिलेगी सुविधा
छोटे बच्चों में कोरोना संक्रमण को लेकर निगरानी कराई जा रही है। तीसरी लहर से बचाव को लेकर तैयारियां चल रही हैं। पोस्ट कोविड के शिकार बच्चों के लिए उपचार की सुविधा अस्पतालों में कराई गई है।--डॉ रेखा शर्मा, सीएमओ।
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हापुड़। कोरोना से संक्रमित होने के बाद बच्चों को मल्टी-ऑर्गन इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम (एमआईएस-सी) जैसे गंभीर लक्षण घेर रहे हैं। ऐसे बच्चों में तेजी से पोस्ट कोविड के लक्षण दिखने लगे हैं। बच्चों में तेज बुखार, इंफेक्शन, पेट दर्द की दिक्कत बढ़ गई है। तापमान बढ़ने से बच्चों में बेहोशी भी छाने लगती है। जांच के दौरान बच्चों में मिली एंटीबॉडी से उनके संक्रमित होने के संकेत मिले हैं। जिले में दो लहरों में अब तक 1450 बच्चे संक्रमित हो चुके हैं, ऐसे में अभिभावकों को बच्चों की सेहत पर ध्यान देना जरूरी है।
कोरोना की दूसरी लहर में बड़ी संख्या में छोटे बच्चे संक्रमित हुए। स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में संक्रमित बच्चों की संख्या 1450 है। इनके अभिभावक जब संक्रमित हुए तो उन्होंने अपने बच्चों का टेस्ट कराया जिसमें इनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई लेकिन अधिकांश में लक्षण नहीं थे। ऐसे में अभिभावकों ने इनकी सेहत पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। वर्तमान में इन बच्चों में पोस्ट कोविड के लक्षण सामने आ रहे हैं। ऐसे बच्चों को बुखार होता है। कुछ ही घंटों के अंदर बुखार 102 से 104 तक पहुंच जाता है। समय से उपचार नहीं मिलने व बुखार का स्तर गंभीर बना रहने से इनमें बेहोशी भी छा रही है। होश में लाने के लिए घंटों इमरजेंसी में रखकर उपचार देना पड़ रहा है।
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केस नंबर एक
रेलवे रोड स्थित अस्पताल में आए दो वर्षीय बच्चे को 104 बुखार था, बेहोश होने पर उसे मेरठ रेफर किया गया। जहां जांच में इंफेक्शन बढ़ा मिला, साथ ही कोरोना की एंटीबॉडी भी पाई गई। दो दिन तक उसका बुखार 101 से अधिक बना रहा। उसका उपचार कर रहे डॉ. अमित उपाध्याय ने बताया कि पोस्ट कोविड के कारण उसकी यह हालत बनी है।
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केस नंबर दो
अर्जुन नगर निवासी तीन वर्षीय बच्चे की अचानक हालत बिगड़ी, दवा दी गई लेकिन तापमान 100 से ऊपर पहुंच गया। अस्पताल में जांच के दौरान एंटीबॉडी मिली, साथ ही इंफेक्शन का स्तर बढ़ा मिला। पांच दिन तक उपचार देने के बाद बच्चे की हालत सामान्य हो सकी।
केस नंबर तीन
गढ़ रोड अस्पताल में भर्ती कराए ढाई वर्ष का बच्चा तेज बुखार के कारण बेहोशी की हालत में लाया गया। चिकित्सकों ने समय रहते उसका उपचार शुरू किया। जांच में एंटीबॉडी मिली, पोस्ट कोविड के चलते बच्चे का सीआरपी स्तर काफी बढ़ा हुआ था।
अभिभावकों को पता नहीं कब हुआ कोरोना
इन तीनों ही बच्चों के अभिभावकों को यह तक नहीं पता कि उनके बच्चे को कोरोना कब हो गया। क्योंकि बच्चा पूरी तरह स्वस्थ रहा। उसके अंदर कोरोना का कोई लक्षण भी नहीं आ सका। ऐसे में एंटीबॉडी से स्थिति स्पष्ट होने से अभिभावक भी हैरान हैं।
पोस्ट कोविड के लक्षण
* बच्चे का अचानक तापमान 101 से 104 तक हो जाना।
* अचानक बेहोशी की हालत में चले जाना।
* शरीर में लगातार झटके आना।
* पेट दर्द, इंफेक्शन, सिर दर्द होना।
उल्टी, दस्त, लाल आंखे, थकान महसूस होना
यह करें उपाय-
* अपने बच्चे की एक्टिविटी पर ध्यान दें।
* बुखार होने पर लापरवाही न बरतें अच्छे चिकित्सक से उपचार दिलाएं।
* ताजा पौष्टिक खाना खिलाएं, पानी खूब पिलाएं।
* गर्मी से बचाव रखें।
बेहतर उपचार दिलाएं
बच्चों में पोस्ट कोविड का असर दिख रहा है। अचानक बुखार, डायरिया की समस्या आ रही हैं। इसमें लापरवाही कतई न बरतें, बच्चे को बेहतर उपचार दिलाएं। ताकि खतरे में पहुंचने से पहले वह स्वस्थ हो सके।---डॉ. योगेश गोयल, बाल रोग विशेषज्ञ।--फोटो संख्या--15
अस्पतालों में मिलेगी सुविधा
छोटे बच्चों में कोरोना संक्रमण को लेकर निगरानी कराई जा रही है। तीसरी लहर से बचाव को लेकर तैयारियां चल रही हैं। पोस्ट कोविड के शिकार बच्चों के लिए उपचार की सुविधा अस्पतालों में कराई गई है।--डॉ रेखा शर्मा, सीएमओ।