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गन्ना किसानों को लगा झटका, पुराने दामों पर ही होगी खरीद

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 15 Feb 2021 11:17 PM IST
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amar ujala - फोटो : amar ujala
गन्ना किसानों को लगा झटका, पुराने दामों पर ही होगी खरीद
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हापुड़। गन्ना पैराई का सत्र आधा बीतने के बाद शासन ने गन्ने का दाम घोषित कर दिया है, इस बार भी दाम में कोई बढ़ोत्तरी नहीं की गई। 325 रुपये/क्विंटल की दर से ही किसानों को गन्ने का भुगतान होगा। बीते तीन साल से यही दाम चले आ रहे हैं, जिसका किसानों ने विरोध करना शुरू कर दिया है। शासन की घोषणा के तुरंत बाद मिलों ने पर्चियों पर रेट डाल दिया है। अब किसानों के आंदोलन में इस मुद्दे को उठाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत हापुड़ जिले में बड़े पैमाने पर गन्ने की खेती की जाती है। किसानों की जीविका का साधन ही यह फसल है। लेकिन हापुड़ जिले के गन्ना किसानों की कमजोर स्थिति किसी से छुपी नहीं है। क्योंकि यहां के मिलों को अधिकारियों का इस हद तक संरक्षण प्राप्त है कि वह बीते सत्र का भुगतान भी किसानों को नहीं कर सके हैं। जबकि नए सत्र में भी किसान 50 फीसदी से अधिक फसल मिलों को दे चुके हैं।
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बहरहाल, अब शासन द्वारा गन्ने का दाम 325 रुपये/क्विंटल घोषित कर दिया है, जिसका विरोध किसानों ने शुरू कर दिया है। क्योंकि बीते तीन सालों में महंगाई दिनों दिन बढ़ी है, लेकिन गन्ने के दामों में कोई इजाफा नहीं हुआ है। तीन साल पहले भी यही रेट थे और अब फिर से यही घोषणा की गई है।
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शासन की घोषणा के तुरंत बाद मिलों ने पर्चियों पर रेट डाल दिया है। बता दें कि करीब चार महीने से किसान मिलों को गन्ने की सप्लाई कर रहे थे। दाम में बढ़ोत्तरी नहीं होने से किसान मायूस हैं।
दो साल पहले केंद्र सरकार ने गन्ने के एफआरपी पर 10 रुपये बढ़ाए थे, जिसके बाद एफआरपी 285 रुपये हो गया था। इस वर्ष भी इसमें कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई है। जबकि राज्य सरकार द्वारा घोषित गन्ने के एसएटी में तीन साल से कोई बढ़ोत्तरी नहीं की गई है।

जिले की सिंभावली व ब्रजनाथपुर शुगर मिल पर किसानों का बीते सत्र का 108 करोड़ रुपये बकाया है। इनमें सिंभावली शुगर मिल पर 91 करोड़ जबकि ब्रजनाथपुर शुगर मिल पर 17 करोड़ रुपये का भुगतान अटका हुआ है। किसान संगठनों के विरोध प्रदर्शन के बाद भी प्रशासन चीनी मिलों से भुगतान करवाने में नाकाम रहा है।
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