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खाद्य सामग्री लेकर गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे किसान
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गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन में पहुंचे भाकियू कार्यकर्ता।
- फोटो : HAPUR
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खाद्य सामग्री लेकर गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे किसान
हापुड़। कृषि कानूनों के विरोध में शुक्रवार को हापुड़ के किसानों ने गाजीपुर बॉर्डर पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। सरकार पर किसानों के शोषण का आरोप लगा, कानून वापस नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी। जिले से बड़ी मात्रा में सब्जी, आटा, दूध भी आंदोलनकारियों के लिए पहुंचाया गया।
भाकियू के मंडल उपाध्यक्ष धनवीर शास्त्री ने कहा कि सरकार ने तीन कृषि कानून बनाकर किसानों का खुला शोषण किया है। किसानों को फसलों का मुनासिब दाम नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में इस तरह के कानून किसानों को जमीन बेचने पर मजबूर कर देंगे।
भाजपा सरकार ने किसानों की आय दोगुना करने का दावा किया था। लेकिन आय दोगुनी तो दूर फसलों से लागत निकाल पाना भी मुश्किल हो रहा है। बीते तीन महीने से किसान आंदोलन कर रहे हैं। लेकिन सरकार पर इसका कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। किसानों को आतंकवादी, खालिस्तानी तक कहा जा रहा है। लोकतंत्र में आवाज उठाने वाले किसानों पर कार्रवाई की जा रही है। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि जब तक तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया जाएगा। किसान चैन से नहीं बैठेंगे। गांवों में रोजाना पंचायतें कर किसानों को आंदोलन से जोड़ा जा रहा है। हाईकमान का निर्देश मिलते ही जिलों में भी इस आंदोलन को बड़ा कर दिया जाएगा। इस दौरान जिले से बड़ी मात्रा में दूध, सब्जी, आटा भी कार्यकर्ता आंदोलनकारियों के लिए लेकर रवाना हुए।
इस मौके पर जतिन चौधरी, विनोद चौहान, श्याम सिंह, नितिन चौहान, बलराज सिंह, जयवीर सिंह, किशन, मोहित, इंद्रपाल सिंह, समरपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
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हापुड़। कृषि कानूनों के विरोध में शुक्रवार को हापुड़ के किसानों ने गाजीपुर बॉर्डर पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। सरकार पर किसानों के शोषण का आरोप लगा, कानून वापस नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी। जिले से बड़ी मात्रा में सब्जी, आटा, दूध भी आंदोलनकारियों के लिए पहुंचाया गया।
भाकियू के मंडल उपाध्यक्ष धनवीर शास्त्री ने कहा कि सरकार ने तीन कृषि कानून बनाकर किसानों का खुला शोषण किया है। किसानों को फसलों का मुनासिब दाम नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में इस तरह के कानून किसानों को जमीन बेचने पर मजबूर कर देंगे।
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भाजपा सरकार ने किसानों की आय दोगुना करने का दावा किया था। लेकिन आय दोगुनी तो दूर फसलों से लागत निकाल पाना भी मुश्किल हो रहा है। बीते तीन महीने से किसान आंदोलन कर रहे हैं। लेकिन सरकार पर इसका कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। किसानों को आतंकवादी, खालिस्तानी तक कहा जा रहा है। लोकतंत्र में आवाज उठाने वाले किसानों पर कार्रवाई की जा रही है। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि जब तक तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया जाएगा। किसान चैन से नहीं बैठेंगे। गांवों में रोजाना पंचायतें कर किसानों को आंदोलन से जोड़ा जा रहा है। हाईकमान का निर्देश मिलते ही जिलों में भी इस आंदोलन को बड़ा कर दिया जाएगा। इस दौरान जिले से बड़ी मात्रा में दूध, सब्जी, आटा भी कार्यकर्ता आंदोलनकारियों के लिए लेकर रवाना हुए।
इस मौके पर जतिन चौधरी, विनोद चौहान, श्याम सिंह, नितिन चौहान, बलराज सिंह, जयवीर सिंह, किशन, मोहित, इंद्रपाल सिंह, समरपाल सिंह आदि मौजूद रहे।