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प्रधानों के खातों में पड़े रह गए गांव विकास के लिए मिले 6.53 करोड़ रुपये
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प्रधानों के खातों में पड़े रह गए गांव विकास के लिए मिले 6.53 करोड़ रुपये
हापुड़। प्रधानों के कार्यकाल खत्म होने के बाद इनके खातों में लाखों रुपये शेष रह गए। जबकि इस धनराशि से गांव का और विकास कराया जा सकता था। 25 दिसंबर को इनका कार्यकाल समाप्त होने तक जिले में प्रधानों द्वारा खर्च करने के लिए 3.92 करोड़ रुपये की धनराशि शेष रह गई। इस मामले में शासन स्तर से भी लापरवाही हुई। शासन द्वारा प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने से मात्र दो दिन पहले ही 15वे वित्त कि सातवीं किस्त के रूप में 2.61 करोड़ रुपये खातों में स्थानांतरित किए गए। जिनका उपयोग ही नहीं हो सका। कुल मिलाकर प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने तक 6.53 करोड़ रुपये प्रधानों के खाते में शेष बचे थे।
एक अप्रैल को शुरू वित्तीय वर्ष 2020-21- में 15वें वित्त के 20.46 करोड़ व राज्य वित्त के तहत 10.21 करोड़ रुपये की धनराशि ग्राम पंचायतों के खाते में भेजी गई थी। जिन्हें 273 ग्राम पंचायतों में आबादी के अनुपात में आवंटित किया गया था। जबकि वित्तीय सत्र 2019-20 में 4.36 करोड़ रुपये की अवशेष राशि रह गई थी। इस धनराशि को भी इस राशि में जोड़कर वित्तीय वर्ष 20-21 में कुल 35.03 करोड़ रुपये प्रधानों को विकास कार्यों पर खर्च करना था।
लेकिन इस वित्तीय वर्ष कोरोना संक्रमण काल में लॉकडाउन के कारण लगभग तीन महीने तक गांवों का विकास कार्य प्रभावित रहा। प्रधान चाहकर भी कुछ नहीं कर पा रहे थे। उसके बाद तेजी से कार्य किया गया। लेकिन पंचायत राज विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार 25 दिसंबर तक ग्राम पंचायतों के खाते में अभी भी 6.53 करोड़ रुपये अवशेष पड़े हुए हैं। प्रधानों द्वारा भरसक प्रयास के बाद यह धनराशि खर्च नहीं हो पाई। धनराशि न खर्च कर पाने के मामले में हापुड़ ब्लॉक का गांव रसूलपुर बहलोलपुर जिले में सबसे ऊपर रहा। रसूलपुर बहलोलपुर के खाते में 27,12660 रुपय शेष बजे हैं। जबकि हापुड़ ब्लॉक के ही गांव शमिहुदीनपुर दूसरे नंबर पर रहा। इस गांव के खाते में 16,86993 रुपये शेष रह गए। इसके अलावा करीब 15 गांव में ऐसे हैं जिनके खातों में 6 से चार लाख रुपये शेष बचे हैं। धनराशि खर्च न कर पाने का पूरा श्रेय प्रधानों को ही नहीं जाता, इसमें शासन की भी लापरवाही शामिल है। शासन की ओर से 15 वे वित्त की सातवीं किस्त के रूप में जिले को 2.61 करोड़ रुपये की राशि प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने के मात्र दो दिन पहले यानी 23 दिसंबर को जारी की गई। विभागीय अधिकारी भी दो दिन पहले धनराशि जारी करने के फैसले पर अचरज में हैं।
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हालांकि कुछ ग्राम प्रधानों ने अपने अधिकारों का बखूबी इस्तेमाल करते हुए लगभग पूरी धनराशि खर्च कर ली। जिले की 273 ग्राम पंचायतों में से 8 ग्राम पंचायत ऐसी है जिनके खाते में एक से कम की धनराशि शेष रह गई। जबकि तीन गांवों के खाते में शून्य बैलेंस है। इन 8 गांव में हापुड़ ब्लॉक के गांव पटना मुरादपुर, छपकोली, अयाद नगर उत्तरी, अयाद नगर दक्षिणी, धौलाना ब्लाक का गांव पिपलाडा, सिंभावली ब्लॉक का गांव फरीदपुर गुसाई, अट्टा, नंगला शामिल हैं।
जिला पंचायत राज अधिकारी यावर अब्बास ने बताया कि प्रधानों का कार्यकाल खत्म हो चुका है। लेकिन कुछ ग्राम प्रधानों के खातों में धनराशि शेष रह गई है। जबकि अधिकतर खाता में कम ही धनराशि बची है। फिलहाल प्रधानों द्वारा कराए गए विकास कार्यों की ऑडिट का कार्य चल रहा है। जिसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।
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25 दिसंबर 2020 तक ब्लॉकों में बची अवशेष राशि
ब्लॉक अवशेष राशि
हापुड़ 1.53 करोड़
धौलाना 83.75 लाख
सिंभावली 62.96 लाख
गढ़ 92.17 लाख
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गांव ब्लाक शेष धनराशि
रसूलपुर बहलोलपुर हापुड़ 27,12,960/-
शाहमुद्दीनपुर हापुड़ 16,86,693/-
फगोता धौलाना 12,61,621/-
करीमपुर धौलाना 10,61,266/-
ककराना धौलाना 6,96,574/-
भावा धौलाना 6,69,315/-
बहादुरगढ़ गढ़ 6,24,026/-
वेट सिंभावली 6,07,407/-
वझीलपुर हापुड़ 5,88,851/-
मीरपुरा माझरा हापुड़ 5,50,478/-
दोतई गढ़ 5,42,482/-
अठसैनी गढ़ 5,13,005/-
ईनायतपुर गढ़ 4,90,481/-
सालेपुर कोटला हापुड़ 4,59,576/-
गोहरा आलमगीरपुर सिंभावली 4,44,130/-
बदनोली हापुड़ 4,32,976/-
फरीदपुर सिंभावली 4,31,832/-
औरंगाबाद सिंभावली 4,14,262/-
बागड़पुर गढ़ 3,85,102/-
रामपुर हापुड़ 3,79,646/-
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हापुड़। प्रधानों के कार्यकाल खत्म होने के बाद इनके खातों में लाखों रुपये शेष रह गए। जबकि इस धनराशि से गांव का और विकास कराया जा सकता था। 25 दिसंबर को इनका कार्यकाल समाप्त होने तक जिले में प्रधानों द्वारा खर्च करने के लिए 3.92 करोड़ रुपये की धनराशि शेष रह गई। इस मामले में शासन स्तर से भी लापरवाही हुई। शासन द्वारा प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने से मात्र दो दिन पहले ही 15वे वित्त कि सातवीं किस्त के रूप में 2.61 करोड़ रुपये खातों में स्थानांतरित किए गए। जिनका उपयोग ही नहीं हो सका। कुल मिलाकर प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने तक 6.53 करोड़ रुपये प्रधानों के खाते में शेष बचे थे।
एक अप्रैल को शुरू वित्तीय वर्ष 2020-21- में 15वें वित्त के 20.46 करोड़ व राज्य वित्त के तहत 10.21 करोड़ रुपये की धनराशि ग्राम पंचायतों के खाते में भेजी गई थी। जिन्हें 273 ग्राम पंचायतों में आबादी के अनुपात में आवंटित किया गया था। जबकि वित्तीय सत्र 2019-20 में 4.36 करोड़ रुपये की अवशेष राशि रह गई थी। इस धनराशि को भी इस राशि में जोड़कर वित्तीय वर्ष 20-21 में कुल 35.03 करोड़ रुपये प्रधानों को विकास कार्यों पर खर्च करना था।
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लेकिन इस वित्तीय वर्ष कोरोना संक्रमण काल में लॉकडाउन के कारण लगभग तीन महीने तक गांवों का विकास कार्य प्रभावित रहा। प्रधान चाहकर भी कुछ नहीं कर पा रहे थे। उसके बाद तेजी से कार्य किया गया। लेकिन पंचायत राज विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार 25 दिसंबर तक ग्राम पंचायतों के खाते में अभी भी 6.53 करोड़ रुपये अवशेष पड़े हुए हैं। प्रधानों द्वारा भरसक प्रयास के बाद यह धनराशि खर्च नहीं हो पाई। धनराशि न खर्च कर पाने के मामले में हापुड़ ब्लॉक का गांव रसूलपुर बहलोलपुर जिले में सबसे ऊपर रहा। रसूलपुर बहलोलपुर के खाते में 27,12660 रुपय शेष बजे हैं। जबकि हापुड़ ब्लॉक के ही गांव शमिहुदीनपुर दूसरे नंबर पर रहा। इस गांव के खाते में 16,86993 रुपये शेष रह गए। इसके अलावा करीब 15 गांव में ऐसे हैं जिनके खातों में 6 से चार लाख रुपये शेष बचे हैं। धनराशि खर्च न कर पाने का पूरा श्रेय प्रधानों को ही नहीं जाता, इसमें शासन की भी लापरवाही शामिल है। शासन की ओर से 15 वे वित्त की सातवीं किस्त के रूप में जिले को 2.61 करोड़ रुपये की राशि प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने के मात्र दो दिन पहले यानी 23 दिसंबर को जारी की गई। विभागीय अधिकारी भी दो दिन पहले धनराशि जारी करने के फैसले पर अचरज में हैं।
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हालांकि कुछ ग्राम प्रधानों ने अपने अधिकारों का बखूबी इस्तेमाल करते हुए लगभग पूरी धनराशि खर्च कर ली। जिले की 273 ग्राम पंचायतों में से 8 ग्राम पंचायत ऐसी है जिनके खाते में एक से कम की धनराशि शेष रह गई। जबकि तीन गांवों के खाते में शून्य बैलेंस है। इन 8 गांव में हापुड़ ब्लॉक के गांव पटना मुरादपुर, छपकोली, अयाद नगर उत्तरी, अयाद नगर दक्षिणी, धौलाना ब्लाक का गांव पिपलाडा, सिंभावली ब्लॉक का गांव फरीदपुर गुसाई, अट्टा, नंगला शामिल हैं।
जिला पंचायत राज अधिकारी यावर अब्बास ने बताया कि प्रधानों का कार्यकाल खत्म हो चुका है। लेकिन कुछ ग्राम प्रधानों के खातों में धनराशि शेष रह गई है। जबकि अधिकतर खाता में कम ही धनराशि बची है। फिलहाल प्रधानों द्वारा कराए गए विकास कार्यों की ऑडिट का कार्य चल रहा है। जिसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।
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25 दिसंबर 2020 तक ब्लॉकों में बची अवशेष राशि
ब्लॉक अवशेष राशि
हापुड़ 1.53 करोड़
धौलाना 83.75 लाख
सिंभावली 62.96 लाख
गढ़ 92.17 लाख
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गांव ब्लाक शेष धनराशि
रसूलपुर बहलोलपुर हापुड़ 27,12,960/-
शाहमुद्दीनपुर हापुड़ 16,86,693/-
फगोता धौलाना 12,61,621/-
करीमपुर धौलाना 10,61,266/-
ककराना धौलाना 6,96,574/-
भावा धौलाना 6,69,315/-
बहादुरगढ़ गढ़ 6,24,026/-
वेट सिंभावली 6,07,407/-
वझीलपुर हापुड़ 5,88,851/-
मीरपुरा माझरा हापुड़ 5,50,478/-
दोतई गढ़ 5,42,482/-
अठसैनी गढ़ 5,13,005/-
ईनायतपुर गढ़ 4,90,481/-
सालेपुर कोटला हापुड़ 4,59,576/-
गोहरा आलमगीरपुर सिंभावली 4,44,130/-
बदनोली हापुड़ 4,32,976/-
फरीदपुर सिंभावली 4,31,832/-
औरंगाबाद सिंभावली 4,14,262/-
बागड़पुर गढ़ 3,85,102/-
रामपुर हापुड़ 3,79,646/-