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भाकियू पदाधिकारियों को पुलिस ने किया नजरबंद
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भाकियू पदाधिकारियों को पुलिस ने किया नजरबंद
हापुड़। कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन में शामिल होने जा रहे किसानों को लगातार पुलिस-प्रशासन द्वारा नजरबंद किया जा रहा है। रविवार को भाकियू के प्रदेश सचिव सहित कई पदाधिकारियों को पुलिस ने नजरबंद कर दिया। दोपहर तक पदाधिकारी पुलिस के पहरे में रहे। पुलिस द्वारा लगातार की जा रही इस प्रकार की कार्रवाई से कार्यकर्ताओं में रोष व्याप्त है और इसे पुलिस की तानाशाही करार दिया जा रहा है।
सुबह के समय भाकियू के प्रदेश सचिव रामपाल सिंह ने बताया कि पुलिस किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए लगातार जबरन नजरबंद करने की कार्रवाई कर रही है। रविवार को भी कई कार्यकर्ताओं को भी उनके आवास पर नजरबंद कर दिया। इस प्रकार की कार्रवाई से कार्यकर्ताओं में रोष बढ़ गया। कार्यकर्ताओं ने आंदोलन की चेतावनी दी कि यदि इसी प्रकार की गतिविधियां जारी रही तो कार्यकर्ता जिले में कुछ बड़ा करने पर विचार करेंगे। भाकियू के अन्य पदाधिकारियों ने इस तरह के रवैये पर नाराजगी जताई है। वहीं हाईकमान की बैठक में यह मुद्दा रखने का निर्णय लिया है। प्रदेश सचिव कल इस मुद्दे पर जिले के एसपी से मिलकर वार्ता करेंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस के इस रवैये के चलते जिलास्तर पर भी बड़े आंदोलन की भूमिका बनाई जा रही है।
किसान नेता जतिन चौधरी ने बताया कि किसानों में कृषि कानून को लेकर असंतोष बना हुआ है। बीते कई दिनों से देशभर के किसान दिल्ली की सड़कों पर आंदोलन कर रहे हैं। जिले से भी बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से दिल्ली जाने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन पुलिस उन्हें रोक रही है। पुलिस की इस कार्रवाई के विरोध में संगठन के निर्देशों पर किसान जल्द ही कुछ निर्णय लेंगे। पुलिस द्वारा नजरबंद किए जाने वालों में किसान नेता इंद्रराज सिंह, समरपाल सिंह, सुदेश दीवान आदि शामिल रहे।
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हापुड़। कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन में शामिल होने जा रहे किसानों को लगातार पुलिस-प्रशासन द्वारा नजरबंद किया जा रहा है। रविवार को भाकियू के प्रदेश सचिव सहित कई पदाधिकारियों को पुलिस ने नजरबंद कर दिया। दोपहर तक पदाधिकारी पुलिस के पहरे में रहे। पुलिस द्वारा लगातार की जा रही इस प्रकार की कार्रवाई से कार्यकर्ताओं में रोष व्याप्त है और इसे पुलिस की तानाशाही करार दिया जा रहा है।
सुबह के समय भाकियू के प्रदेश सचिव रामपाल सिंह ने बताया कि पुलिस किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए लगातार जबरन नजरबंद करने की कार्रवाई कर रही है। रविवार को भी कई कार्यकर्ताओं को भी उनके आवास पर नजरबंद कर दिया। इस प्रकार की कार्रवाई से कार्यकर्ताओं में रोष बढ़ गया। कार्यकर्ताओं ने आंदोलन की चेतावनी दी कि यदि इसी प्रकार की गतिविधियां जारी रही तो कार्यकर्ता जिले में कुछ बड़ा करने पर विचार करेंगे। भाकियू के अन्य पदाधिकारियों ने इस तरह के रवैये पर नाराजगी जताई है। वहीं हाईकमान की बैठक में यह मुद्दा रखने का निर्णय लिया है। प्रदेश सचिव कल इस मुद्दे पर जिले के एसपी से मिलकर वार्ता करेंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस के इस रवैये के चलते जिलास्तर पर भी बड़े आंदोलन की भूमिका बनाई जा रही है।
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किसान नेता जतिन चौधरी ने बताया कि किसानों में कृषि कानून को लेकर असंतोष बना हुआ है। बीते कई दिनों से देशभर के किसान दिल्ली की सड़कों पर आंदोलन कर रहे हैं। जिले से भी बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से दिल्ली जाने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन पुलिस उन्हें रोक रही है। पुलिस की इस कार्रवाई के विरोध में संगठन के निर्देशों पर किसान जल्द ही कुछ निर्णय लेंगे। पुलिस द्वारा नजरबंद किए जाने वालों में किसान नेता इंद्रराज सिंह, समरपाल सिंह, सुदेश दीवान आदि शामिल रहे।
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