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सात करोड़ रुपये नहीं मिलने से अटका सीवर लाइन का निर्माण कार्य
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सात करोड़ रुपये नहीं मिलने से अटका सीवर लाइन का निर्माण कार्य
हापुड़। शहर में सीवर लाइन का निर्माण कार्य करीब सात करोड़ की धनराशि नहीं मिल पाने की वजह से अटक गया है। रामलीला मैदान से अपना घर कॉलोनी तक लाइन डाली जा चुकी है, लेकिन सड़क नहीं बन पाई है। वहीं वार्डों में भी कार्य अधर में लटके है। कार्यदायी संस्था जल निगम के अफसर इस संबंध में लगातार शासन और नगर पालिका परिषद हापुड़ को पत्र भी लिख रहे हैं। अधूरा निर्माण कार्य लोगों की परेशानी का सबब भी बना हुआ है।
हापुड़ शहर में अमृत योजना के अंतर्गत सीवर लाइन डाले जाने का निर्माण कार्य चल रहा है। इसके अंतर्गत पूरे शहर में सीवर लाइन डाली जानी है। रामपुर रोड पर एसटीपी का निर्माण होने के बाद सीवर लाइन इससे जोड़ा जाना है। फिर शहर से निकलने वाले गंदे जल को एसटीपी के माध्यम से ट्रीट भी किया जाएगा। इसके अंतर्गत हापुड़ शहर में पार्ट वन के अंतर्गत फेज एक व दो में कार्य प्रगति पर है।
फेज एक व दो में करीब 42 किलोमीटर तक सीवर लाइन डाली जानी है। फिलहाल बुलंदशहर रोड के मोहल्ले छज्जूपुरा, राजीव विहार, मजीदपुरा, रामपुर रोड आदि में सीवर लाइन डाली जा रही है। जबकि रामलीला मैदान से लेकर अपना घर कॉलोनी तक सीवर लाइन डाली जा चुकी है, लेकिन यहां पर सड़क नहीं बन पाई है।
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निर्माण कार्य हो रहा प्रभावित
- कार्यदायी संस्था जल निगम के अफसरों की मानें तो नवंबर माह के अंत तक रामलीला मैदान से लेकर अपना घर कॉलोनी तक सीवर लाइन डाली जानी और सड़क निर्माण कराया जाना था, लेकिन भुगतान में देरी के चलते निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है। धनराशि मिलने पर ही निर्माण कार्य पूरा हो सकेगा। इससे लोगों को भी राहत मिल सकेगी।
भाग धनराशि स्थान
भाग एक 77 करोड़ 42 किलोमीटर सीवर लाइन
फेज एक 42 करोड़ एसटीपी, तहसील-चुंगी
फेज दो 35 करोड़ बुलंदशहर रोड के वार्ड
सड़क पर उड़ती रहती है धूल
- सीवर लाइन निर्माण कार्य के चलते सड़क नहीं बन पाई है। इसकी वजह से सड़क पर मिट्टी व डस्ट आदि पड़ी हुई। यहां समय-समय पर पानी का छिड़काव कराया जाता है, लेकिन फिर भी धूल उड़ने जैसी समस्या भी सामने आती है। इसकी वजह से राहगीरों को परेशानी होती है। हापुड़ जनपद का एक्यूआई पर भी इसका प्रभाव पड़ता है।
कोहरे में बढ़ रही परेशानी
- सीवर लाइन निर्माण कार्य की वजह से ट्रैफिक वन वे कर दिया गया था, लेकिन फिलहाल में सीवर लाइन निर्माण वाली ओर की सड़क नहीं बन पाई है। हालांकि इससे सड़क ऊबड़ खाबड़ ही बनी हुई है। अब सर्द मौसम मे कोहरा भी पडने लगा है। ऐसे में सड़क निर्माण नहीं होने से कभी भी हादसा हो सकता है। वहीं पीक ऑवर में दिल्ली रोड पर जाम जैसे हालात भी पैदा हो जाते हैं। ऐसे हालात सहालग में कई बार देखने को मिले।
कोट
कार्यदायी संस्था जल निगम के एई मोईज कुरेशी ने बताया कि अर्बन लोकल बॉडी शेयरिंग से करीब सात करोड़ की धनराशि मिलनी थी। धनराशि नहीं मिल पाने के कारण सीवर लाइन निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है।
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हापुड़। शहर में सीवर लाइन का निर्माण कार्य करीब सात करोड़ की धनराशि नहीं मिल पाने की वजह से अटक गया है। रामलीला मैदान से अपना घर कॉलोनी तक लाइन डाली जा चुकी है, लेकिन सड़क नहीं बन पाई है। वहीं वार्डों में भी कार्य अधर में लटके है। कार्यदायी संस्था जल निगम के अफसर इस संबंध में लगातार शासन और नगर पालिका परिषद हापुड़ को पत्र भी लिख रहे हैं। अधूरा निर्माण कार्य लोगों की परेशानी का सबब भी बना हुआ है।
हापुड़ शहर में अमृत योजना के अंतर्गत सीवर लाइन डाले जाने का निर्माण कार्य चल रहा है। इसके अंतर्गत पूरे शहर में सीवर लाइन डाली जानी है। रामपुर रोड पर एसटीपी का निर्माण होने के बाद सीवर लाइन इससे जोड़ा जाना है। फिर शहर से निकलने वाले गंदे जल को एसटीपी के माध्यम से ट्रीट भी किया जाएगा। इसके अंतर्गत हापुड़ शहर में पार्ट वन के अंतर्गत फेज एक व दो में कार्य प्रगति पर है।
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फेज एक व दो में करीब 42 किलोमीटर तक सीवर लाइन डाली जानी है। फिलहाल बुलंदशहर रोड के मोहल्ले छज्जूपुरा, राजीव विहार, मजीदपुरा, रामपुर रोड आदि में सीवर लाइन डाली जा रही है। जबकि रामलीला मैदान से लेकर अपना घर कॉलोनी तक सीवर लाइन डाली जा चुकी है, लेकिन यहां पर सड़क नहीं बन पाई है।
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निर्माण कार्य हो रहा प्रभावित
- कार्यदायी संस्था जल निगम के अफसरों की मानें तो नवंबर माह के अंत तक रामलीला मैदान से लेकर अपना घर कॉलोनी तक सीवर लाइन डाली जानी और सड़क निर्माण कराया जाना था, लेकिन भुगतान में देरी के चलते निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है। धनराशि मिलने पर ही निर्माण कार्य पूरा हो सकेगा। इससे लोगों को भी राहत मिल सकेगी।
भाग धनराशि स्थान
भाग एक 77 करोड़ 42 किलोमीटर सीवर लाइन
फेज एक 42 करोड़ एसटीपी, तहसील-चुंगी
फेज दो 35 करोड़ बुलंदशहर रोड के वार्ड
सड़क पर उड़ती रहती है धूल
- सीवर लाइन निर्माण कार्य के चलते सड़क नहीं बन पाई है। इसकी वजह से सड़क पर मिट्टी व डस्ट आदि पड़ी हुई। यहां समय-समय पर पानी का छिड़काव कराया जाता है, लेकिन फिर भी धूल उड़ने जैसी समस्या भी सामने आती है। इसकी वजह से राहगीरों को परेशानी होती है। हापुड़ जनपद का एक्यूआई पर भी इसका प्रभाव पड़ता है।
कोहरे में बढ़ रही परेशानी
- सीवर लाइन निर्माण कार्य की वजह से ट्रैफिक वन वे कर दिया गया था, लेकिन फिलहाल में सीवर लाइन निर्माण वाली ओर की सड़क नहीं बन पाई है। हालांकि इससे सड़क ऊबड़ खाबड़ ही बनी हुई है। अब सर्द मौसम मे कोहरा भी पडने लगा है। ऐसे में सड़क निर्माण नहीं होने से कभी भी हादसा हो सकता है। वहीं पीक ऑवर में दिल्ली रोड पर जाम जैसे हालात भी पैदा हो जाते हैं। ऐसे हालात सहालग में कई बार देखने को मिले।
कोट
कार्यदायी संस्था जल निगम के एई मोईज कुरेशी ने बताया कि अर्बन लोकल बॉडी शेयरिंग से करीब सात करोड़ की धनराशि मिलनी थी। धनराशि नहीं मिल पाने के कारण सीवर लाइन निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है।