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कृषि कानूनों के विरोध में 12 को टोल फ्री करेंगे किसान
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कृषि कानूनों के विरोध में 12 को टोल फ्री करेंगे किसान
हापुड़। कृषि कानून व स्थानीय किसानों की समस्याओं के विरोध में 12 दिसंबर को भाकियू कार्यकर्ता जिले के सभी टोल प्लाजाओं को फ्री करेंगे। इसके बाद 14 दिसंबर को जिला मुख्यालय का घेराव करने के अलावा आगरा जयपुर हाईवे पर जाम लगाया जाएगा। सरकार से वार्ता विफल होने के बाद किसान संगठनों के इस एलान ने पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा दी है।
कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का आंदोलन जारी है। सरकार के साथ वार्ता बेअसर रहने के बाद किसान संगठनों ने आंदोलन को बड़े स्तर पर चलाने का एलान कर दिया है। भाकियू के पूर्व जिला महासचिव नितिन बाना ने बताया कि हाईकमान ने 12 दिसंबर को जिले के सभी टोल प्लाजा फ्री कराने का एलान कर दिया है। इसकी तैयारी में सभी कार्यकर्ता जुट गए हैं। किसानों ने गांव गांव जाकर लोगों से जनसंपर्क तेज कर दिया है। उन्होंने बताया कि 14 दिसंबर को आगरा जयपुर पर भी किसानों का कब्जा रहेगा।
भाकियू के मंडल प्रवक्ता दिनेश खेड़ा ने बताया कि कृषि कानूनों को वापस लिए जाने के बाद ही किसान वापस लौटेंगे। जब तक यह कानून वापस नहीं होंगे तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने बताया 14 दिसंबर को जिला मुख्यालय का घेराव होगा।
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उधर, दिल्ली में चल रहे आंदोलन में यहां के किसान बढ़ चढ़कर भाग ले रहे हैं। दिनरात किसान संगठनों के पदाधिकारी कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं। हापुड़ से धरने में शामिल लोगों के लिए खाना, खीर, दूध आदि भेजे जा रहे हैं।
आंदोलन को ढीला छोड़ने के मूड में नहीं किसान
किसान कानून के विरोध में आठ दिसंबर को बंद का असर बाजारों में भले ही कम देखने को मिला हो, लेकिन किसान संगठन अभी इस मामले में ढलाई बरतने के मूड में नहीं हैं। किसान संगठनों द्वारा अभी कुछ और निर्णय जा रहे हैं। 12 दिसंबर को टोल फ्री करने के निर्णय के बाद कुछ और महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं। सरकार को हर ओर से घेरने और दबाव बनाने की तैयारी है। वहीं समाजवादी पार्टी और कांग्रेस भी इस मुद्दे पर शांत नहीं दिख रहे हैं। जिले की पुलिस द्वारा दोनों ही पार्टी के नेताओं पर कानूनी शिकंजा भी कसा जा चुका है। बुधवार को सपा के 17 नेताओं के खिलाफ धारा 144 के उल्लंघन को लेकर कार्रवाई की गई। शांति भंग और मुचलकों में पाबंद किया जा रहा है। लेकिन दोनों ही दल आंदोलन को तेज करने के लिए रणनीति बना रहे हैं।
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हापुड़। कृषि कानून व स्थानीय किसानों की समस्याओं के विरोध में 12 दिसंबर को भाकियू कार्यकर्ता जिले के सभी टोल प्लाजाओं को फ्री करेंगे। इसके बाद 14 दिसंबर को जिला मुख्यालय का घेराव करने के अलावा आगरा जयपुर हाईवे पर जाम लगाया जाएगा। सरकार से वार्ता विफल होने के बाद किसान संगठनों के इस एलान ने पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा दी है।
कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का आंदोलन जारी है। सरकार के साथ वार्ता बेअसर रहने के बाद किसान संगठनों ने आंदोलन को बड़े स्तर पर चलाने का एलान कर दिया है। भाकियू के पूर्व जिला महासचिव नितिन बाना ने बताया कि हाईकमान ने 12 दिसंबर को जिले के सभी टोल प्लाजा फ्री कराने का एलान कर दिया है। इसकी तैयारी में सभी कार्यकर्ता जुट गए हैं। किसानों ने गांव गांव जाकर लोगों से जनसंपर्क तेज कर दिया है। उन्होंने बताया कि 14 दिसंबर को आगरा जयपुर पर भी किसानों का कब्जा रहेगा।
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भाकियू के मंडल प्रवक्ता दिनेश खेड़ा ने बताया कि कृषि कानूनों को वापस लिए जाने के बाद ही किसान वापस लौटेंगे। जब तक यह कानून वापस नहीं होंगे तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने बताया 14 दिसंबर को जिला मुख्यालय का घेराव होगा।
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उधर, दिल्ली में चल रहे आंदोलन में यहां के किसान बढ़ चढ़कर भाग ले रहे हैं। दिनरात किसान संगठनों के पदाधिकारी कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं। हापुड़ से धरने में शामिल लोगों के लिए खाना, खीर, दूध आदि भेजे जा रहे हैं।
आंदोलन को ढीला छोड़ने के मूड में नहीं किसान
किसान कानून के विरोध में आठ दिसंबर को बंद का असर बाजारों में भले ही कम देखने को मिला हो, लेकिन किसान संगठन अभी इस मामले में ढलाई बरतने के मूड में नहीं हैं। किसान संगठनों द्वारा अभी कुछ और निर्णय जा रहे हैं। 12 दिसंबर को टोल फ्री करने के निर्णय के बाद कुछ और महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं। सरकार को हर ओर से घेरने और दबाव बनाने की तैयारी है। वहीं समाजवादी पार्टी और कांग्रेस भी इस मुद्दे पर शांत नहीं दिख रहे हैं। जिले की पुलिस द्वारा दोनों ही पार्टी के नेताओं पर कानूनी शिकंजा भी कसा जा चुका है। बुधवार को सपा के 17 नेताओं के खिलाफ धारा 144 के उल्लंघन को लेकर कार्रवाई की गई। शांति भंग और मुचलकों में पाबंद किया जा रहा है। लेकिन दोनों ही दल आंदोलन को तेज करने के लिए रणनीति बना रहे हैं।