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निजी चिकित्सकों की हड़ताल आज, सरकारी के भरोसे रहेंगे मरीज
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निजी चिकित्सकों की हड़ताल आज, सरकारी के भरोसे रहेंगे मरीज
हापुड़। चिकित्सा शिक्षा में बदलाव के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर आज निजी चिकित्सक हड़ताल पर रहेंगे। सुबह छह बजे से लेकर शाम छह बजे तक ओपीडी, पैथोलॉजी लैब और एक्सरे सेंटर बंद रहेंगे। हालांकि आपातकालीन सेवाएं चालू रहेंगी।
केंद्र सरकार ने आयुर्वेद चिकित्सकों को सर्जरी की अनुमति दे दी है। आईएमए केंद्र सरकार के इस फैसले के विरोध में उतर आया है। एसोसिएशन के सचिव डा.योगेश गोयल व कोषाध्यक्ष डा.विक्रांत बंसल ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा एक गुणवत्तापूर्वक शिक्षा होती है। जिसमें चिकित्सक को अच्छा हुनर दिया जाता है व हर छोटी से छोटी विद्या को विज्ञान सम्मत तरीके से विकसित किया जाता है। मॉर्डन मेडिसिन पूरी तरह से रिसर्च पर आधारित विद्या है। इसमें हर मर्ज का इलाज आधुनिक तरीके से किया जाता है। चिकित्सा शिक्षा में मिक्सोपैथी अथवा खिचड़ी तंत्र का विरोध किया जाएगा।
देश में कोई नई दवा आनी हो या नयी तकनीक विकसित करनी हो या फिर बीमारी को रोकने के लिए कोई वैक्सीन तैयारी करनी हो, मॉर्डन मेडिसिन के रिसर्च से ही संभव हो पाता है।
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लेकिन अब सभी पैथी के छात्रों को एमबीबीएस की डिग्री देने का प्रावधान है और आयुर्वेदिक चिकित्सकों को दो साल की पढ़ाई के बाद सर्जरी की अनुमति देने का भी प्रावधान है। आईएमए इस बदलाव का विरोध कर रहा है।
इसके चलते शुक्रवार को बारह घंटे निजी चिकित्सा सेवाओं को बंद रखने का फैसला लिया गया है। हड़ताल सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक रहेगी। इस दौरान निजी अस्पतालों की ओपीडी, पैथोलॉजी, अल्ट्रासाउंड-एक्सरे सेंटर बंद रहेंगे। निजी अस्पतालों में सिर्फ इमरजेंसी और कोविड-19 सेवा ही मिलेगी। सरकारी अस्पतालों में उपचार होगा, लेकिन वहां मिलने वाली सुविधाओं को लेकर मरीजों में असंतोष है।
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हापुड़। चिकित्सा शिक्षा में बदलाव के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर आज निजी चिकित्सक हड़ताल पर रहेंगे। सुबह छह बजे से लेकर शाम छह बजे तक ओपीडी, पैथोलॉजी लैब और एक्सरे सेंटर बंद रहेंगे। हालांकि आपातकालीन सेवाएं चालू रहेंगी।
केंद्र सरकार ने आयुर्वेद चिकित्सकों को सर्जरी की अनुमति दे दी है। आईएमए केंद्र सरकार के इस फैसले के विरोध में उतर आया है। एसोसिएशन के सचिव डा.योगेश गोयल व कोषाध्यक्ष डा.विक्रांत बंसल ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा एक गुणवत्तापूर्वक शिक्षा होती है। जिसमें चिकित्सक को अच्छा हुनर दिया जाता है व हर छोटी से छोटी विद्या को विज्ञान सम्मत तरीके से विकसित किया जाता है। मॉर्डन मेडिसिन पूरी तरह से रिसर्च पर आधारित विद्या है। इसमें हर मर्ज का इलाज आधुनिक तरीके से किया जाता है। चिकित्सा शिक्षा में मिक्सोपैथी अथवा खिचड़ी तंत्र का विरोध किया जाएगा।
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देश में कोई नई दवा आनी हो या नयी तकनीक विकसित करनी हो या फिर बीमारी को रोकने के लिए कोई वैक्सीन तैयारी करनी हो, मॉर्डन मेडिसिन के रिसर्च से ही संभव हो पाता है।
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लेकिन अब सभी पैथी के छात्रों को एमबीबीएस की डिग्री देने का प्रावधान है और आयुर्वेदिक चिकित्सकों को दो साल की पढ़ाई के बाद सर्जरी की अनुमति देने का भी प्रावधान है। आईएमए इस बदलाव का विरोध कर रहा है।
इसके चलते शुक्रवार को बारह घंटे निजी चिकित्सा सेवाओं को बंद रखने का फैसला लिया गया है। हड़ताल सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक रहेगी। इस दौरान निजी अस्पतालों की ओपीडी, पैथोलॉजी, अल्ट्रासाउंड-एक्सरे सेंटर बंद रहेंगे। निजी अस्पतालों में सिर्फ इमरजेंसी और कोविड-19 सेवा ही मिलेगी। सरकारी अस्पतालों में उपचार होगा, लेकिन वहां मिलने वाली सुविधाओं को लेकर मरीजों में असंतोष है।