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कृषि कानूनों के विरोध में किसानों ने ट्रैक्टरों से किया दिल्ली कूच
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कृषि कानूनों के विरोध में किसानों ने ट्रैक्टरों से किया दिल्ली कूच
हापुड़। कृषि कानूनों के विरोध में भाकियू के आह्वान पर सैकड़ों किसान बृहस्पतिवार को दिल्ली में चल रहे आंदोलन में शामिल हुए। इससे पहले किसानों ने सरकार की नीतियों के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। वहीं मांग पूरी न होने तक आरपार की लड़ाई का एलान किया गया है।
भाकियू के जिला उपाध्यक्ष चौधरी यशवीर सिंह व नितिन बाना ने कहा कि किसान सरकार की गलत नीतियों के चलते आर्थिक तंगी में फंसता जा रहा है। फसलों का मुनासिब दाम नहीं मिल रहा। ऐसे में एमएसपी को भी खत्म किया जा रहा है। सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था। इसमें वह फेल हो गई है और अब किसानों को बर्बाद करने पर तुली है।
तीनों कृषि कानून किसानों को परेशानी में डालने वाले हैं। इनसे किसानों का भला नहीं होगा। इसी के विरोध में किसान सड़कों पर उतर रहे हैं। लेकिन सरकार को इसकी तनिक भी चिंता नहीं है। उन्होंने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसानों की जीविका का सहारा गन्ना है। लेकिन सरकार ने गन्ना के दाम में कोई बढ़ोत्तरी नहीं की है। इतना ही नहीं भुगतान भी नहीं किया जा सका है।
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विरोध में बड़ी संख्या में किसान जोरदार प्रदर्शन और नारेबाजी करते हुए ट्रैक्टरों से दिल्ली के लिए रवाना हो गए। बता दें कि कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन से बड़ी संख्या में किसान जुड़ते जा रहे हैं।
दिल्ली रवाना होने वालों में भगतराम, रामपाल सिंह, परमजीत सिंह, अनुज, अरविंद, सुनील, छोटू, साहब सिंह, हरवीर सिंह, लीलू, रत्न सिंह आदि मौजूद रहे।
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हापुड़। कृषि कानूनों के विरोध में भाकियू के आह्वान पर सैकड़ों किसान बृहस्पतिवार को दिल्ली में चल रहे आंदोलन में शामिल हुए। इससे पहले किसानों ने सरकार की नीतियों के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। वहीं मांग पूरी न होने तक आरपार की लड़ाई का एलान किया गया है।
भाकियू के जिला उपाध्यक्ष चौधरी यशवीर सिंह व नितिन बाना ने कहा कि किसान सरकार की गलत नीतियों के चलते आर्थिक तंगी में फंसता जा रहा है। फसलों का मुनासिब दाम नहीं मिल रहा। ऐसे में एमएसपी को भी खत्म किया जा रहा है। सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था। इसमें वह फेल हो गई है और अब किसानों को बर्बाद करने पर तुली है।
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तीनों कृषि कानून किसानों को परेशानी में डालने वाले हैं। इनसे किसानों का भला नहीं होगा। इसी के विरोध में किसान सड़कों पर उतर रहे हैं। लेकिन सरकार को इसकी तनिक भी चिंता नहीं है। उन्होंने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसानों की जीविका का सहारा गन्ना है। लेकिन सरकार ने गन्ना के दाम में कोई बढ़ोत्तरी नहीं की है। इतना ही नहीं भुगतान भी नहीं किया जा सका है।
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विरोध में बड़ी संख्या में किसान जोरदार प्रदर्शन और नारेबाजी करते हुए ट्रैक्टरों से दिल्ली के लिए रवाना हो गए। बता दें कि कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन से बड़ी संख्या में किसान जुड़ते जा रहे हैं।
दिल्ली रवाना होने वालों में भगतराम, रामपाल सिंह, परमजीत सिंह, अनुज, अरविंद, सुनील, छोटू, साहब सिंह, हरवीर सिंह, लीलू, रत्न सिंह आदि मौजूद रहे।