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आंदोलन में शामिल होने दिल्ली पहुंचे भाकियू कार्यकर्ता
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आंदोलन में शामिल होने दिल्ली पहुंचे भाकियू कार्यकर्ता
हापुड़। कृषि कानून के विरोध में दिल्ली में चल रहे किसानों के आंदोलन में भाकियू भानु के कार्यकर्ता शामिल हुए। दिल्ली जाने से पहले छिजारसी टोल पर सरकार की नीतियों के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। साथ ही कानून वापस नहीं लेने पर आर पार की लड़ाई का एलान किया।
छिजारसी टोल पर एकत्र हुए किसानों को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष पवन हूण ने कहा कि सरकार की नीतियों से किसान परेशान है। कृषि कानून से किसानों की हालत बद से बदतर हो जाएगी। इस कानून में कोई भी ऐसा प्रावधान नहीं है, जिसका किसानों को लाभ मिल सके। यह किसानों के लिए एक काला कानून है।
संगठन मंत्री राजेंद्र गुर्जर ने कहा कि सरकार की मंशा किसानों को आर्थिक संकट में डालना है। यही कारण है कि फसलों का मुनासिब दाम नहीं मिल रहा और गन्ने का भुगतान भी अटकाया जा रहा है। सिर्फ चुनाव आने पर ही किसानों को गुमराह करने के लिए झूठे वादे किए जाते हैं। सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था, आय दोगुनी तो दूर किसानों अब घर खर्च चलाने में भी परेशानी हो रही है।
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कृषि कानूनों के विरोध में कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन कर, सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद बसों में सवार होकर कार्यकर्ता दिल्ली के लिए रवाना हो गए। इस मौके पर राजीव अधाना, मनीषा सोम, योगेश त्यागी, सरनजीत गुर्जर, राजेन्द्र प्रधान, लीले मास्टर, जितेन्द्र नागर, सुनील सिसौदिया, विकास त्यागी, रिहान खान, गब्बर सिंह, प्रवेश हूण, रवीश, ओमकार, महेन्द्र त्यागी, सुनील तोमर, मोनू त्यागी, अमित रावत, डिल्लू, टीटू गुर्जर, रवि मोरल आदि मौजूद रहे।
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हापुड़। कृषि कानून के विरोध में दिल्ली में चल रहे किसानों के आंदोलन में भाकियू भानु के कार्यकर्ता शामिल हुए। दिल्ली जाने से पहले छिजारसी टोल पर सरकार की नीतियों के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। साथ ही कानून वापस नहीं लेने पर आर पार की लड़ाई का एलान किया।
छिजारसी टोल पर एकत्र हुए किसानों को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष पवन हूण ने कहा कि सरकार की नीतियों से किसान परेशान है। कृषि कानून से किसानों की हालत बद से बदतर हो जाएगी। इस कानून में कोई भी ऐसा प्रावधान नहीं है, जिसका किसानों को लाभ मिल सके। यह किसानों के लिए एक काला कानून है।
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संगठन मंत्री राजेंद्र गुर्जर ने कहा कि सरकार की मंशा किसानों को आर्थिक संकट में डालना है। यही कारण है कि फसलों का मुनासिब दाम नहीं मिल रहा और गन्ने का भुगतान भी अटकाया जा रहा है। सिर्फ चुनाव आने पर ही किसानों को गुमराह करने के लिए झूठे वादे किए जाते हैं। सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था, आय दोगुनी तो दूर किसानों अब घर खर्च चलाने में भी परेशानी हो रही है।
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कृषि कानूनों के विरोध में कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन कर, सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद बसों में सवार होकर कार्यकर्ता दिल्ली के लिए रवाना हो गए। इस मौके पर राजीव अधाना, मनीषा सोम, योगेश त्यागी, सरनजीत गुर्जर, राजेन्द्र प्रधान, लीले मास्टर, जितेन्द्र नागर, सुनील सिसौदिया, विकास त्यागी, रिहान खान, गब्बर सिंह, प्रवेश हूण, रवीश, ओमकार, महेन्द्र त्यागी, सुनील तोमर, मोनू त्यागी, अमित रावत, डिल्लू, टीटू गुर्जर, रवि मोरल आदि मौजूद रहे।