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मिलावटी उर्वरक बेचने वालों की सीबीआई करे जांच
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मिलावटी उर्वरक बेचने वालों की सीबीआई करे जांच
हापुड़। रालोद के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के उपाध्यक्ष शिवकुमार त्यागी ने मिलवाटी उर्वरक मामले में कार्रवाई न होने पर प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर सीबीआई जांच कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में मिलावटी उर्वरक का धंधा जोरों पर चल रहा है। सैंपल फेल होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जाती। नामचीन कंपनियों के उर्वरक भी कृषि विभाग की जांच में फेल मिले हैं। लेकिन कृषि विभाग के अधिकारी मिलावखोरों से मिले हुए हैं। जिसके चलते कोई कार्रवाई नहीं हुई।
शिवकुमार त्यागी ने बताया कि वर्ष 2016 में एक नामचीन गोदाम से भरे उर्वरकों के सैंपल जांच में फेल मिले थे, वर्ष 2019 में भी सैंपल फेल पाए गए। पूरे जिले में यहां से खाद की सप्लाई होती है। ऐसे में कार्रवाई होनी जरूरी थी।
लेकिन कृषि विभाग के अधिकारियों ने सांठगांठ कर, मामले को कागजी कार्रवाई में उलझा दिया। मौके पर कोई कड़ा कदम नहीं उठाया गया। इससे किसानों को घटिया उर्वरक मिला, जिसका फसलों पर भी बुरा प्रभाव रहा। इस मामले में वह मुख्यमंत्री को पहले की पत्र भेज चुके हैं। लेकिन आज तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं हो सकी है। अब उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर, इस मामले में कार्रवाई की मांग की है।
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साथ ही जिले में यूरिया की किल्लत किन कारणों से रही व अधिकारियों द्वारा माफियाओं को दिए जा रहे संरक्षण के मामलों की सीबीआई जांच कराने की मांग उठाई है।
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हापुड़। रालोद के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के उपाध्यक्ष शिवकुमार त्यागी ने मिलवाटी उर्वरक मामले में कार्रवाई न होने पर प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर सीबीआई जांच कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में मिलावटी उर्वरक का धंधा जोरों पर चल रहा है। सैंपल फेल होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जाती। नामचीन कंपनियों के उर्वरक भी कृषि विभाग की जांच में फेल मिले हैं। लेकिन कृषि विभाग के अधिकारी मिलावखोरों से मिले हुए हैं। जिसके चलते कोई कार्रवाई नहीं हुई।
शिवकुमार त्यागी ने बताया कि वर्ष 2016 में एक नामचीन गोदाम से भरे उर्वरकों के सैंपल जांच में फेल मिले थे, वर्ष 2019 में भी सैंपल फेल पाए गए। पूरे जिले में यहां से खाद की सप्लाई होती है। ऐसे में कार्रवाई होनी जरूरी थी।
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लेकिन कृषि विभाग के अधिकारियों ने सांठगांठ कर, मामले को कागजी कार्रवाई में उलझा दिया। मौके पर कोई कड़ा कदम नहीं उठाया गया। इससे किसानों को घटिया उर्वरक मिला, जिसका फसलों पर भी बुरा प्रभाव रहा। इस मामले में वह मुख्यमंत्री को पहले की पत्र भेज चुके हैं। लेकिन आज तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं हो सकी है। अब उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर, इस मामले में कार्रवाई की मांग की है।
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साथ ही जिले में यूरिया की किल्लत किन कारणों से रही व अधिकारियों द्वारा माफियाओं को दिए जा रहे संरक्षण के मामलों की सीबीआई जांच कराने की मांग उठाई है।