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पंचायत चुनाव से पहले सभी थाना प्रभारियों को प्रत्येक गांव की कुंडली खंगालने के सख्त निर्देश
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पंचायत चुनाव में पुलिस की रडार पर रहेंगे सात हजार ग्रामीण
हापुड़। पंचायत चुनावों से पहले मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण शुरू होते ही जिले का पुलिस महकमा भी सतर्क हो गया है। सभी थाना प्रभारियों को प्रत्येक गांव की कुंडली खंगालने के सख्त निर्देश दिये गये हैं। विशेष रूप से संवेदनशील गांवों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी तथा झगड़ालू किस्म के लोगों को मुचलकों पर पाबंद किया जाएगा। जिले के 273 गांवों के करीब 7 हजार ग्रामीण पुलिस के रडार पर रहेंगे।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तिथियों का बिगुल बजने में बेशक समय है लेकिन बाकी तैयारियां शुरू हो गयी हैं। इन चुनावों में धन और बल ग्राम प्रधान के चुनाव पर लगता है। वहीं झगड़े भी प्रधान पद के चुनाव को दौरान ही अधिक होते हैं। यही कारण है कि पुलिस महकमे को काफी सतर्क रहना पड़ता है क्योंकि अधिकांश गांवों में प्रधानी पद को लेकर अहम टकरा जाते हैं जबकि जिला पंचायत और खंड पंचायत का चुनाव आमतौर पर संबंधों के आधार पर लड़ा जाता है।
पंचायत चुनावों को लेकर की जा रही तैयारियों पर हापुड़ जिले के अपर पुलिस अधीक्षक डा सर्वेश कुमार मिश्र ने कहा है कि पुलिस का प्रयास होगा कि चुनाव बिना किसी बवाल के शांतिपूर्ण ढंग से और निष्पक्ष हो जाएं।
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उन्होंने कहा कि जिले के सभी सीओ और थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि प्रत्येक गांव की कुंडली खंगालकर जरूरी सूचनाएं जल्द से जल्द कंप्यूटरों में फीड की जाएं। यह भी देखना होगा कि किस गांव की आबादी कितनी है तथा वहां कितने बूथ बनेंगे ताकि मतदान शांति पूर्ण संपन्न कराने के लिए पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किया जा सके।
उन्होंने बताया कि संवेदनशील गांवों, प्रधान पद के संभावित प्रत्याशियों, पूर्व चुनाव में हुए प्रमुख बवालों तथा बवाल करने वाले ग्रामीणों की सूची बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इतना ही नहीं प्रत्येक गांव में किस समुदाय या संप्रदाय की आबादी अधिक है तथा संबंधित गांव के निवासियों में आपसी सद्भाव की स्थिति पर भी मंथन कर वहां की कैटेगरी तय की जाएगी। किसी भी गांव में लाइसेंसी हथियारों और हिस्ट्रीशीटरों की संख्या कितनी है, यह सब फीड किया जाए।
बुजुर्गों के मुचलके नहीं होंगे
हापुड़। अपर पुलिस अधीक्षक डा सर्वेश कुमार मिश्र ने स्पष्ट किया है कि विषम परिस्थितियों को छोड़कर किसी भी बुजुर्ग या विकलांग व्यक्ति का मुचलका नहीं होगा। इतना ही नहीं इस बात का भी ध्यान रखा जाएगा कि मुचलकों की कार्रवाई गहन छानबीन के बाद ही कराई जाए।
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पुलिस की रहेगी सख्ती
हापुड़। पंचायत चुनावों को लेकर जिले के 273 गांवों के करीब 7 हजार लोग पुलिस के रडार पर रहेंगे। इन लोगों ने अगर चुनाव को लेकर जरा भी हरकत की तो उन पर ऐसा दाग लगेगा कि पुलिस रिकार्ड में जिंदगी भर वह बवाली ही दर्ज रहेगा।
पुलिस सूत्रों का दावा है कि पंचायत चुनावों को लेकर प्रत्येक गांव से औसतन कम से कम 25 से 30 लोगों के मुचलका होना तय है। जिले के 273 गांव हैं। इससे साफ है कि करीब 7000 युवा ग्रामीण मुचलकों पर पाबंद किए जाएंगे। अगर इन लोगों को अपना कॅरियर सुरक्षित रखना है तो उन्हें चाहिए कि चुनाव के दौरान वह घर से बाहर नहीं निकले बल्कि पड़ोसियों को भी घर के अंदर रहने की सलाह दे। अन्य पुलिस के हत्थे चढ़ने में देर नहीं लगेगी।
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हापुड़। पंचायत चुनावों से पहले मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण शुरू होते ही जिले का पुलिस महकमा भी सतर्क हो गया है। सभी थाना प्रभारियों को प्रत्येक गांव की कुंडली खंगालने के सख्त निर्देश दिये गये हैं। विशेष रूप से संवेदनशील गांवों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी तथा झगड़ालू किस्म के लोगों को मुचलकों पर पाबंद किया जाएगा। जिले के 273 गांवों के करीब 7 हजार ग्रामीण पुलिस के रडार पर रहेंगे।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तिथियों का बिगुल बजने में बेशक समय है लेकिन बाकी तैयारियां शुरू हो गयी हैं। इन चुनावों में धन और बल ग्राम प्रधान के चुनाव पर लगता है। वहीं झगड़े भी प्रधान पद के चुनाव को दौरान ही अधिक होते हैं। यही कारण है कि पुलिस महकमे को काफी सतर्क रहना पड़ता है क्योंकि अधिकांश गांवों में प्रधानी पद को लेकर अहम टकरा जाते हैं जबकि जिला पंचायत और खंड पंचायत का चुनाव आमतौर पर संबंधों के आधार पर लड़ा जाता है।
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पंचायत चुनावों को लेकर की जा रही तैयारियों पर हापुड़ जिले के अपर पुलिस अधीक्षक डा सर्वेश कुमार मिश्र ने कहा है कि पुलिस का प्रयास होगा कि चुनाव बिना किसी बवाल के शांतिपूर्ण ढंग से और निष्पक्ष हो जाएं।
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उन्होंने कहा कि जिले के सभी सीओ और थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि प्रत्येक गांव की कुंडली खंगालकर जरूरी सूचनाएं जल्द से जल्द कंप्यूटरों में फीड की जाएं। यह भी देखना होगा कि किस गांव की आबादी कितनी है तथा वहां कितने बूथ बनेंगे ताकि मतदान शांति पूर्ण संपन्न कराने के लिए पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किया जा सके।
उन्होंने बताया कि संवेदनशील गांवों, प्रधान पद के संभावित प्रत्याशियों, पूर्व चुनाव में हुए प्रमुख बवालों तथा बवाल करने वाले ग्रामीणों की सूची बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इतना ही नहीं प्रत्येक गांव में किस समुदाय या संप्रदाय की आबादी अधिक है तथा संबंधित गांव के निवासियों में आपसी सद्भाव की स्थिति पर भी मंथन कर वहां की कैटेगरी तय की जाएगी। किसी भी गांव में लाइसेंसी हथियारों और हिस्ट्रीशीटरों की संख्या कितनी है, यह सब फीड किया जाए।
बुजुर्गों के मुचलके नहीं होंगे
हापुड़। अपर पुलिस अधीक्षक डा सर्वेश कुमार मिश्र ने स्पष्ट किया है कि विषम परिस्थितियों को छोड़कर किसी भी बुजुर्ग या विकलांग व्यक्ति का मुचलका नहीं होगा। इतना ही नहीं इस बात का भी ध्यान रखा जाएगा कि मुचलकों की कार्रवाई गहन छानबीन के बाद ही कराई जाए।
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पुलिस की रहेगी सख्ती
हापुड़। पंचायत चुनावों को लेकर जिले के 273 गांवों के करीब 7 हजार लोग पुलिस के रडार पर रहेंगे। इन लोगों ने अगर चुनाव को लेकर जरा भी हरकत की तो उन पर ऐसा दाग लगेगा कि पुलिस रिकार्ड में जिंदगी भर वह बवाली ही दर्ज रहेगा।
पुलिस सूत्रों का दावा है कि पंचायत चुनावों को लेकर प्रत्येक गांव से औसतन कम से कम 25 से 30 लोगों के मुचलका होना तय है। जिले के 273 गांव हैं। इससे साफ है कि करीब 7000 युवा ग्रामीण मुचलकों पर पाबंद किए जाएंगे। अगर इन लोगों को अपना कॅरियर सुरक्षित रखना है तो उन्हें चाहिए कि चुनाव के दौरान वह घर से बाहर नहीं निकले बल्कि पड़ोसियों को भी घर के अंदर रहने की सलाह दे। अन्य पुलिस के हत्थे चढ़ने में देर नहीं लगेगी।