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जेल में रहकर भी वारदात करा सकता है आशु

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 10 Sep 2020 10:57 PM IST
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जेल में रहकर भी सक्रिय रहेगा मिर्ची गैंग का सरगना
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हापुड़। ढाई लाख के इनामी व मिर्ची गैंग का सरगना आशु जाट गिरफ्तारी के बाद फिलहाल जेल में बंद है। लेकिन आशु का खौफ कम होने का नाम नहीं ले रहा है। लोगों का मानना है जेल जाने के बाद आशु के मिर्ची गैंग ने पहले से अधिक ताकत के साथ वारदात को अंजाम दिया है। इतना ही नहीं आशु जेल में रहते हुए भी वारदात कराने में सक्षम है। ऐसे में आशु से दुश्मनी रखने वाले परिवार दहशत के कारण रातों को पहरा दे रहे हैं।
गांव करनपुर जट्ट निवासी चंद्रपाल सिंह की हत्या आशु गैंग ने केवल इस बात के लिए कर दी थी कि उसका उससे ससुराल से विवाद हो गया था। इसके बाद पैरवी करने वाले भाजपा नेता राकेश शर्मा की हत्या कर दी गई। फिलहाल राकेश शर्मा के परिवार को सुरक्षा मिली हुई है। लेकिन चंद्रपाल का परिवार बिना सुरक्षा दहशत के साये में है।
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चंद्रपाल सिंह के पांच बेटों में सबसे छोटे पुत्र वीरेंद्र से जब इस बारे में बात की गई तो आशु की दहशत साफ झलकी। वीरेंद्र ने बताया कि उनका मकान गांव के बाहरी छोर पर और आशु की ससुराल से बिल्कुल मिला हुआ है। ऐसे में उन्हें खतरा अधिक है। अब जब आशु जेल में है तो खतरा और बढ़ गया है। जेल में ऐसे कुख्यात बदमाश की दूसरे गैंग के कुख्यात बदमाशों से दोस्ती होना आम बात है। जेल से गैंग का संचालन भी ऐसे बदमाशों के लिए बड़ी बात नहीं है। ऐसे में अब उनके परिवार के लिए खतरा बढ़ गया है।
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रात में जागकर कट रही परिवार की रात -
वीरेंद्र ने बताया कि उनके परिवार को किसी प्रकार की सुरक्षा मुहैया नहीं कराई गई है। ऐसे में दहशत का यह आलम है कि पांचों भाई पूरी रात बारी बारी जागते हैं। उनके पास कोई शस्त्र लाइसेंस भी नहीं है। उन्होंने बताया कि पिता की हत्या के बाद भी एक दिन उनके ऊपर गोली चल चुकी है। कुल मिलाकर आशु की गिरफ्तारी के बाद पुलिस निश्चिंत हो गई और उनके लिए खतरा बढ़ गया है।

जेल में रहने के दौरान बढ़ाया अपना गैंग -
आशु जाट को कुचेसर रोड चौपला स्थित बैंक से साढ़े चार लाख रुपये की लूट के बाद वर्ष 2013 में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसके बाद वह लंबे समय तक जेल में बंद रहा और वर्ष 2019 में जेल से रिहा हुआ। इस दौरान उसकी दोस्ती कई पेशेवर अपराधियों से हुई। इनमें बुलंदशहर निवासी उमेश, उसके भाई बलबीर, राहुल कासगंज, नाजिम, फैजान, संग्राम उर्फ सेट्टी शामिल रहे। जेल से बाहर आने के बाद आशु ने इन बदमाशों के साथ मिलकर कई बड़ी वारदातों को अंजाम दिया। ऐसे मेें आशु के जेल में जाने के बाद अपना कुनबा और बढ़ा सकता है।
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