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जिले के तीनों टोल से गुजरने वाले ओवरलोड वाहनों के कटेंगे ई चालान
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टोल से गुजरने वाले ओवरलोड वाहनों के कटेंगे ई-चालान
हापुड़। ओवरलोड वाहन अब जिले से बिना कार्रवाई के बचकर नहीं जा सकेंगे। अब परिवहन विभाग जिले के तीनों टोल से गुजरने वाले ओवर लोड वाहनों की वीडियो रिकार्डिंग से ही ई-चालान कर सकेगी। यह जुर्माना टोल राशि का दस गुना होगा। इससे जहां नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो सकेेगी। वहीं राजस्व की प्राप्ति भी होगी।
शासन द्वारा जारी नई गाइडलाइन के तहत जिले का परिवहन विभाग अब जिले के छिजारसी, अल्लाहबख्शपुर और कुराना टोल प्लाजा संचालकों को पत्र जारी कर पिछले पंद्रह दिन में गुजरे ओवरलोड वाहनों का ब्यौरा मांगेगा। ब्यौरा मिलने पर उन वाहन के स्वामियों को जुर्माने की रसीद भेजी जाएगी। शासनदेश के अनुसार अब इसी व्यवस्था के तहत ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। टोल संचालकों को अब हर पंद्रह दिनों में इस प्रकार के वाहनों का ब्यौरा कार्यालय को भेजना होगा। एआरटीओ प्रवर्तन महेश कुमार ने बताया कि व्यवसायिक वाहनों की पहियों की गणना के आधार पर टोल पर शुल्क वसूला जाता है। उदाहरण के तहत यदि किसी वाहन का टोल शुल्क पांच सौ रुपये है और वह ओवर लोडिंग है तो उससे इस धनराशि का दस गुना यानि पांच हजार रुपये का चालान वसूला जाएगा।
परिवहन विभाग के अधिकारियों की भागदौड़ होगी कम
- शासन द्वारा जारी इस नए नियम के अनुसार एआरटीओ कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों की भागदौड़ भी कम होगी। अभी तक अधिकारियों को हाईवे पर चेकिंग के लिए जगह-जगह दौड़ना पड़ता था। ओवरलोड वाहन अधिकतर रात के समय चलते हैं और दिन के समय ढाबों आदि पर खड़े हो जाते हैं। ऐेसे में अब अधिकारियों की रात के समय की भागदौड़ कम होगी और आराम से टोल से प्राप्त ब्यौरे से ही ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई हो सकेगी।
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हापुड़। ओवरलोड वाहन अब जिले से बिना कार्रवाई के बचकर नहीं जा सकेंगे। अब परिवहन विभाग जिले के तीनों टोल से गुजरने वाले ओवर लोड वाहनों की वीडियो रिकार्डिंग से ही ई-चालान कर सकेगी। यह जुर्माना टोल राशि का दस गुना होगा। इससे जहां नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो सकेेगी। वहीं राजस्व की प्राप्ति भी होगी।
शासन द्वारा जारी नई गाइडलाइन के तहत जिले का परिवहन विभाग अब जिले के छिजारसी, अल्लाहबख्शपुर और कुराना टोल प्लाजा संचालकों को पत्र जारी कर पिछले पंद्रह दिन में गुजरे ओवरलोड वाहनों का ब्यौरा मांगेगा। ब्यौरा मिलने पर उन वाहन के स्वामियों को जुर्माने की रसीद भेजी जाएगी। शासनदेश के अनुसार अब इसी व्यवस्था के तहत ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। टोल संचालकों को अब हर पंद्रह दिनों में इस प्रकार के वाहनों का ब्यौरा कार्यालय को भेजना होगा। एआरटीओ प्रवर्तन महेश कुमार ने बताया कि व्यवसायिक वाहनों की पहियों की गणना के आधार पर टोल पर शुल्क वसूला जाता है। उदाहरण के तहत यदि किसी वाहन का टोल शुल्क पांच सौ रुपये है और वह ओवर लोडिंग है तो उससे इस धनराशि का दस गुना यानि पांच हजार रुपये का चालान वसूला जाएगा।
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परिवहन विभाग के अधिकारियों की भागदौड़ होगी कम
- शासन द्वारा जारी इस नए नियम के अनुसार एआरटीओ कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों की भागदौड़ भी कम होगी। अभी तक अधिकारियों को हाईवे पर चेकिंग के लिए जगह-जगह दौड़ना पड़ता था। ओवरलोड वाहन अधिकतर रात के समय चलते हैं और दिन के समय ढाबों आदि पर खड़े हो जाते हैं। ऐेसे में अब अधिकारियों की रात के समय की भागदौड़ कम होगी और आराम से टोल से प्राप्त ब्यौरे से ही ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई हो सकेगी।
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